रियां बड़ी से पुष्कर बाईपास होते हुए जयपुर की तरफ धीरे -धीरे कूच करें,अजमेर से आगे व जयपुर के आस - पास के किसान,RLP परिवार के सदस्य तैयार रहे |
मेरे साथ चलने वाले वाहन चालक, धीरे -धीरे वाहन चलाए |
बाड़मेर की सियासत में हलचल तेज़ है। पूर्व विधायक की कांग्रेस में वापसी अब सिर्फ़ औपचारिक ऐलान भर दूर मानी जा रही है।
अशोक गहलोत के नज़दीकी और लंबे समय से कृपा पात्र रहे पूर्व विधायक का जनाधार अब भी मज़बूत है। कार्यकर्ताओं में पकड़, जनता से जुड़ाव और संसाधनों की कोई कमी न होने के कारण मौजूदा हालात उन्हें फिर से राजनीति का मज़बूत खिलाड़ी बना रहे हैं।
कहा जा रहा है कि अगर आज चुनाव हो जाएं तो वे दोबारा विधानसभा पहुँचने की स्थिति में हैं। यही वजह है कि जिन लोगों ने कभी उन्हें सत्ता से दूर किया था, वही आज उनकी वापसी पर हामी भरने लगे हैं। ऐसे में अशोक गहलोत की राजनीतिक पकड़ और फ़ैसले करवाने की क्षमता एक बार फिर साफ़ दिखाई दे रही है।
लेकिन असली दिलचस्पी इस बात में है कि यह वापसी मौजूदा विधायक और सांसद के लिए इज्ज़त का सवाल बन चुकी है। अब देखना है आगे सियासत का रुख़ किस ओर मुड़ता है।