हम सबसे अच्छे प्रेमी एकांत में होते हैं और हमारी शांति में बढ़ता वो प्रेम ही हमें एक पवित्र प्रेम का अनुभव करवाता है। एक ऐसा प्रेम जिसका आशय संयोग या वियोग से नहीं है, अनुभूति से है। ऐसी अनुभूति जो एक पावन, निष्पक्ष बंधन का निर्माण करती है।❣️🌻
- दीपशिखा मिश्रा