@arakshan_hatao1 खुद को भगवान कहने वाले और भगवानों को भी श्राप देने वाले एक मंत्र से सब कुछ पा लेने वाले एक नौकरी के लिए परेशान होना।
प्राचीन सारी धार्मिक बातों को गलत साबित करने पर लगा है, धर्म विरोधी हो तुम
यूं तो बदहाली नही थी जिंदगी
बेमतलब की ख्याली नहीं थी जिंदगी
तुम्हारे आने से एक चाहत जगी
बेवजह की पागलपन बढ़ी
तुम्हें अपना बनाने की कोशिश को
भी नाकामी हाथ लगी
हमने खुद को खुद से खो दिया
ना जाने तुमने क्यों मुंह मोड़ लिया
यूं तो बदहाली नहीं थी जिंदगी
बेमतलब की ख्याली नहीं थी जिंदगी
@SaanuKi_Aayein मूल संविधान में 10 साल की समय-सीमा केवल राजनीतिक आरक्षण यानी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटों के आरक्षण के लिए तय की गई थी।
शैक्षणिक और नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण के लिए कोई समय सीमा तय नहीं था
@Abhinavpinch भाई थोड़ा जानकारी बढ़ाओ
मूल संविधान में 10 साल की समय-सीमा केवल राजनीतिक आरक्षण यानी लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) की सीटों के आरक्षण के लिए तय की गई थी।
शैक्षणिक और नौकरी के क्षेत्र में आरक्षण के लिए कोई समय सीमा तय नहीं था
@Warlock_mohit हां सही है पहले विदेशी आक्रमणकारी आते थे मंदिर लूटने और अब मंदिर अंदर वालें ही लूट लेते हैं ।
दुश्मन घर के अंदर ही हैं यें इसका प्रमाण है