Businessman...By Profession.Interested in all interests of Human being.Proud to be a creature of Beautiful Planet EARTH.Only desire,Meet and talk to an ALIEN!!
@Benarasiyaa Reading out a prepared text is an indication of cooked-up charges. How were those who discarded the remnant food into a #sewer supposed to know that the sewer water was used for 'drinking' and 'washing of temple idols?'🤔
The charges are going from the ridiculous to bizarre.😳
Disgusting, you are talking language of Trump and Netanyahu, The Goat terrorists.
The rise and fall of Iran’s ruthless and pragmatic Ayatollah Ali Khamenei https://t.co/uP2R88RSlB
Meet Naresh Agarwal
He said, Vishnu is in Whiskey, Sri Ram is in Rum & Mata Janaki is in Gin
But no one threw shoe on him because he joined BJP. Sanghis have nothing to do with Dharma, they are Fake to the core 🤡
#SupremeCourt#CJIBRGavai
RSS देश को बांटने वाला संगठन: आजादी के वक्त जिसके नेता न जेल गए, न अंग्रेजों ने लगाया कभी प्रतिबंध
1942 में अंग्रेजों के खिलाफ शुरू हुए 'भारत छोड़ो आंदोलन' में जब पूरा देश जेल जा रहा था, तब RSS इस आंदोलन को दबाने में अंग्रेजों की मदद कर रहा था।
RSS की इस गद्दारी पर एक नारा सबकी जुबान पर था-
जो देशभक्त थे, वो जंग में गए
जो गद्दार थे, वो संघ में गए
👉 वो संगठन- जिसका एक भी नेता आजादी की लड़ाई में जेल नहीं गया
👉 वो संगठन- जो महात्मा गांधी, भगत सिंह और चंद्रशेखर आजाद जैसे देशभक्तों और क्रांतिकारियों को अराजक कहकर ब्रिटिश शासन के पक्ष में काम करता रहा
👉 वो संगठन- जिसने हिंदुओं और मुस्लिमों का सांप्रदायिक विभाजन कर, देश को दो टुकड़ों में बांटकर खोखला कर दिया
👉 वो संगठन- जिसके हाथ महात्मा गांधी के खून से लाल हैं
👉 वो संगठन- जिसके तथाकथित वीर अंग्रेजों के मुखबिर रहे हैं,
उस संगठन का नाम है- राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ यानी RSS
👉आज ये RSS 100 साल का हो चुका है। मगर इस 100 साल में इन्होंने एक भी काम ऐसा नहीं किया है, जिससे देश को नुकसान छोड़ कोई फायदा हुआ हो
➡️ ये हमारे देश का दुर्भाग्य है कि यहां RSS जैसे सांप्रदायिक और नफरती संगठन के कार्यकर्ता सीधे तौर पर सरकार चला रहे हैं। जो लोग संविधान की जगह शुरू से मनुस्मृति की वकालत करते रहे हैं, अब वही लोग हमारे देश में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन रहे हैं। ऐसे में उनसे सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है
➡️ आज जो RSS देश को राष्ट्रवाद का ककहरा सिखाता है, उस RSS ने 1925 में स्थापना के बाद से ही किसी भी ब्रिटिश-विरोधी आंदोलन (जैसे 1930 का सविनय अवज्ञा आंदोलन, 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन) में कोई भागीदारी नहीं की
➡️ जब कांग्रेस, सोशलिस्ट, कम्युनिस्ट और अन्य क्रांतिकारी संगठनों पर बार-बार प्रतिबंध लग रहे थे, तब RSS पर ब्रिटिश शासन ने कभी कोई प्रतिबंध नहीं लगाया। इनके किसी स्वयंसेवक को कभी जेल नहीं भेजा। ताकि ये लोग बाहर रहकर जनता के मन में हिंदू-मुसलमान का जहर भर सकें
👉 यही कारण था कि 15 अगस्त 1947 को आजादी मिलने से पहले देश में खतरनाक खून-खराबा हुआ। नफरत और दंगों के आगोश में आकर लाखों लोग जिंदा लाश बन गए। गांधी-नेहरू के लाख प्रयासों के बाद भी देश दो भागों में बंट गया
👉 अब बारी थी- संविधान की। यहां भी RSS ने संविधान को नकारकर मनुस्मृति लागू करने की जिद की। RSS ने अपने एक भी आदमी को संविधान सभा में नहीं भेजा
👉 मगर देश की जनता ने तब RSS के सारे मंसूबों के नकारकर इन्हें अप्रासंगिक बना दिया। इससे खार खाकर RSS के नाथूराम गोडसे ने राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को गोलियों से छलनी कर, उनकी हत्या कर दी
👉 आज आजादी के 78 साल बाद भी RSS का सिर्फ एक काम है- देश में हिंदू-मुसलमान की आग लगाकर सत्ता पर कब्जा करना। देश की संस्थाओं पर कब्जा करके नफरत और उन्माद फैलाना। आलम ये है कि आज सत्ता का दुरूपयोग कर RSS ने देश को बेचना शुरू कर दिया है।
अगर ये कहा जाए कि देश में अधिकतर समस्याओं की जड़ RSS है तो अतिश्योक्ति नहीं होगी। जिस दिन ये संगठन देश में आग लगाकर देश को खोखला करना बंद कर दे, उसी दिन आधी से ज्यादा समस्याएं निपट जाएंगी।
जनहित में जारी...
India was among the first few countries in the world to recognise Palestine as a state in November, 1988.
At the time, and in fact, all along the valiant struggle of the Palestinian people, we showed the world the way by standing for what was right and upholding the values of humanity and justice on the international stage.
Australia, Canada and the UK have only just followed suit, 37 years too late.
And here we are now…our policy towards Palestine in the last twenty months has been nothing less than shameful and devoid of moral rectitude. It’s a sad diminishment of a previously courageous stand.
Does it require any fact check? @ zoo_bear? No other proof required. Here’s the proof of RSS’s lack of any contribution to India’s Freedom Struggle. #RSS100YearsExposed