दहशत की अंगड़ाई से।
दहल गई फिर आज धरा है।
पुलवामा की इस घटना से।
आँखों में प्रतिशोध भरा है।
अब गोलियों कि आतिशबाजी में
दुश्मन गीदड़ हो भागेंगे
चंडी के पूत की रणलिप्सा
अगर दुश्मन को अनुरागी है
तो काली का खप्पर भरने को
भारतपूत बैरागी है।#BadlaKab @rashtrapatibhvnl
@PMOIndia
Prime Minister Modi is responsible for disgraceful robbery in Ram Mandir by persons appointed by Modi, to service the need of keeping clean the Temple and ensure Bhagvan Ram’s holy Murti in the Temple is safe. Instead the persons appointed by Modi in truth have let all Bhaktas down by the free loot. They should be prosecuted immediately.
आप लोगो ने नोटिस किया होगा, की पेट्रोल का price बढ़ तो जाता है, but वॉर रुकने पे, या crude आयल का price decrease होने पे, बढ़ा हुआ price वापस कम न्ही होता ।
#petrol#price#crudeoil
Why the increased petrol price is not being decreased now that crude is down?
@KartiPC@NTA_Exams You should also shut down all the shopping malls since there might be a theft in one of them. And close the roads because I heard someone was speeding.
India should ask US Ambassador in New Delhi to go back to Washington and remain there unless US expresses regret for the reckless killing of our citizens on sea. But Modi is a pussy cat before Donald. He shivers before him.
अन्तर्राष्ट्रीय जल में तीन दिन में तीन जहाज़ों पर अमेरिकी हमलों में तीन भारतीयों की मृत्यु हो गई। और हमारे Compromised PM? एक शब्द तक नहीं।
जब कोई विदेशी ताकत किसी भारतीय की हत्या करे, तो प्रधानमंत्री को बोलना पड़ता है। लेकिन मजाल है जो ये एक शब्द बोल जाएं।
अगले हफ्ते G7 में, हमारे नाविकों की हत्या के बस चंद दिनों बाद, मोदी जी मुस्कुराएंगे, गले मिलेंगे और समझौते करेंगे - मगर, उन तीन भारतीयों के लिए उनके पास एक शब्द भी नहीं होगा।
Compromised PM भारत माता के बेटों की रक्षा नहीं कर सकते, क्योंकि जिन्होंने उन बेटों की जान ली उन्हें नाराज़ करने की इनमें न हिम्मत है, न ताकत।
Digital India के दौर में हर बार ‘technical glitch’ - क्या glitch? क्यों glitch ?
जिम्मेदार कौन है ? और बार बार हो रहा हो - इसके लिए क्या कदम उठाए गए ।
technical glitch अब बहाना है।
दो शब्दों में लाखों युवाओं का समय, पैसा, मानसिक तनाव और तैयारी का नुकसान समेट दिया जाता है।
technical glitch मशीन में है ? या व्यवस्था में?
क्योंकि कीमत हर बार युवा ही चुका रहा है।
मज़ाक चल रहा क्या?
Retail investor का मेहनत का कई हज़ार करोड़ के साथ भरोसा भी डूब गया -Rajesh Exports वाले मामले में SEBI ने company और उसके chairman rajesh मेहता को बाजार से ban कर दिया है |
मेरा सवाल है कि इतने महीने पहले शिकायत आने के बाद रेगुलेटर ने इतनी देर क्यों लगाई और क्या रिटेल इन्वेस्टर्स की हितों क़ी सुरक्षा के लिए System वाकई काम कर रहा है?
SEBI के 3 जून 2026 के इंटरिम ऑर्डर के मुताबिक, Rajesh Exports ने FY21–FY25 के बीच लगभग 15.15 लाख करोड़ रुपये की consolidated revenue गलत तरीके से रिपोर्ट की, जिसमें से 99.8% पर सवाल उठे हैं।
Rajesh Exports में लगभग 2 लाख retail shareholders हैं और LIC जैसी बड़ी संस्थाएं भी निवेशक हैं, जिनका हज़ारों करोड़ का exposure है
SEBI के ऑर्डर और मीडिया विश्लेषण के हिसाब से public wealth में अनुमानित 10–13 हजार करोड़ रुपये तक की erosion की बात हो रही है|
एक shareholder की शिकायत से शुरू हुई जांच ने दिखाया कि लगभग पूरा consolidated revenue ही सवालों के घेरे में है – क्या SEBI की routine surveillance इतनी कमज़ोर है कि इतना बड़ा “mess” बिना शिकायत के पकड़ में नहीं आता?
सिस्टम में किसकी जवाबदेही थी ये ? अगर 15.15 लाख करोड़ की revenue misreporting कई साल से चल रही थी, तो auditors, stock exchanges और SEBI के surveillance सिस्टम – तीनों की निगाहों से ये सब कैसे बचा रहा?
Retail investors से रोज़ कहा जाता है “do your own research” – लेकिन जब SEBI के ऑर्डर के मुताबिक 99.8% revenue ही सवालों के घेरे में हो, तो आम investor किस data पर भरोसा करे?
LIC जैसे public money वाले संस्थान भी इस कंपनी में exposed हैं; क्या संसद में ये सवाल नहीं उठना चाहिए कि regulator और PSU investors की risk oversight क्यूँ चूकी?
Rajesh Exports का केस सिर्फ एक कंपनी का नहीं, ये सवाल उठाता है: क्या हमारे बाजार में corporate fraud पकड़ने वाली व्यवस्था “proactive” है या सिर्फ शिकायत आने पर active होंगी और जब तक लोगो की गाडी कमाई स्वाहा हो चुकी होंगी!!