किसानों के हितों की चिंता कपास के किसानों से शुरू हुई है।
ड्यूटी हटाने का मतलब भारतीय बाज़ार में अमरीकी कपास का सस्ता होना और पहले से तबाह विदर्भ के किसानों की और तबाही।
#Farmer#americaneagle_Cotton#Cotton
मोदी जी का मनरेगा को बर्बाद करने का मकसद क्या है?
• मज़दूरों से दिहाड़ी के मोल-भाव का हक़ छीन लेना
• पंचायतों की शक्ति छीन कर उनके हाथ बांधना
• राज्यों से अधिकार छीन कर दिल्ली में केंद्रित करना
• देश को फिर से राजा-महाराजाओं के ज़माने में धकेलना, जहां सारी ताकत और संपत्ति गिनती के लोगों के पास हो
न्यूनतम मज़दूरी, साल-भर काम की गारंटी, आज़ादी और स्वाभिमान के साथ काम करने का हक़ - देश के करोड़ों श्रमिक एक आवाज़ में कह रहे थे “मनरेगा ने हमारी ज़िंदगी बदली।” दशकों लगे ये बदलाव लाने में।
आज वही श्रमिक कह रहे हैं -
“मोदी स���कार मज़दूरों को ग़ुलाम बनाने वाली सरकार है।”
यह हमारा संकल्प है कि जब तक किसानों को न्याय का हक नहीं मिल जाता न हम रुकेंगे न ही थमेंगे!
ये जिद है, हक ले कर रहेगें! संघर्ष जारी रहेगा!
#SaurashtraKisanAkroshYatra
हाल ही में दिल्ली में हुए कार विस्फोट में अपनी जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के साथ मेरी संवेदनाएं हैं।
न्यूजलेटर के इस अंक में, नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi द्वारा की ग��� प्रेस कॉन्फ्रेंस देखें, जिसमें उन्होंने BJP और चुनाव आयोग की मिलीभगत से हरियाणा में हुए ऑपरेशन सरकार चोरी का पर्दाफाश किया और 25 लाख फर्जी वोटों के ठोस सबूत पेश किए।
बिहार में उनकी रैलियों को देखें, जिसमें उन्होंने बिहार के युवाओं के पलायन और बेरोजगारी के मुद्दों पर बात की है।
हरिओम वाल्मीकि जी, वाई. पूरन कुमार जी और जुबिन गर्ग जी के पीड़ित परिवारों से मिलकर उनके न्याय और सम्मान के लिए आवाज उठाई, इन मुलाकातो��� के बारे में जानें।
समय निकालकर ज़रूर पढ़ें और अपने परिवार और दोस्तों के साथ साझा करें।
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आज के वक़्त किसान कौम को जरुरत है एक मजबूत खूटे की, जिसके नाम पर सारी किस���न कौम लामबंद हो सके, एक ऐसा खूटा, जो आज भी 3 रोटी खाता हो, आगे भी 3 रोटी ही खाए; एक ऐसा खूटा जिसकी निष्ठा की सौगंध खा कर आँख मूँद कर संघर्ष में उतरा जा सकता हो लेकिन दुःख की बात है की ऐसा खूटा दिख नहीं रहा।
वोट चोरी से हरियाणा में कांग्रेस की सरकार चोरी की गई है - और इसका ब्लैक ��ंड व्हाइट सबूत आपके सामने हैं।
- ब्राज़ील की एक मॉडल हरियाणा की वोटर लिस्ट में 10 बूथों पर 22 वोट - अलग-अलग नाम से
- एक ही फोटो के साथ 223 वोट एक बूथ में - नाम हर बार नया
- एक ही घर में 501 वोटर दर्ज - वो घर जो सिर्फ़ कागजों पर है
- पूरे राज्य में 1,24,177 फर्ज़ी तस्वीरों वाले वोटर
- हज़ारों लोग ऐसे हैं जिनके वोट हरियाणा और उत्तर प्रदेश दोनों जगह हैं - इनमें कई BJP के नेता और कार्यकर्ता
- दो मंज़िला पुराने मकान, कोई 'फु���पाथ या खंभा' नहीं, फिर भी “मकान संख्या 0”
मानना पड़ेगा - “व्यवस्था” सच में टाइट थी और ये साफ है कि EC और BJP ने मिल कर ह���ियाणा का चुनाव चुराया है।
मैं हिंदुस्तान के युवाओं, देश के Gen-Z से आग्रह करता हूं - सत्य और अहिंसा का हाथ थाम कर चलें और भारी संख्या में निकल कर मतदान करें।
वोट चोरी को हराने और लोकतंत्र की रक्षा करने का यही सबसे बड़ा हथियार है।
त्योहारों का महीना है - दिवाली, भाईदूज, छठ।
बिहार में इन त्योहारों का मतलब सिर्फ़ आस्था नहीं, घर लौटने की लालसा है - मिट्टी की खुशबू, परिवार का स्नेह, गांव का अपनापन।
लेकिन यह लालसा अब एक संघर्ष बन चुकी है। बिहार जाने वाली ट्रेनें ठसाठस भरी हैं, टिकट मिलना असंभव है, और सफ़र अमानवीय हो गया है। कई ट्रेनों में क्षमता से 200% तक यात्री सवार हैं - लोग दरवाज़ों और छतों तक लटके हैं।
फेल डबल इंजन सरकार के दावे खोखले हैं।
कहां हैं 12,000 स्पेशल ट्रेनें?
क्यों हालात हर साल और बदतर ही होते जाते हैं।
क्यों बिह��र के लोग हर साल ऐसे अपमानजनक हालात में घर लौटने को मजबूर हैं?
अगर राज्य में रोज़गार और सम्मानजनक जीवन मिलता, तो ��न्हें हज़ारों किलोमीटर दूर भटकना नहीं पड़ता।
ये सिर्फ़ मजबूर यात्री नहीं, NDA की धोखेबाज़ नीतियों और नियत का जीता-जागता सबूत हैं।
यात्रा सुरक्षित और सम्मानजनक हो यह अधिकार है, कोई एहसान नहीं।
वॉशिंगटन पोस्ट ने खबर छापी है कि मोदी सरकार ने अडानी के डूबते साम्राज्य को बचाने के लिए LIC को 32,000 करोड़ रुपए देने के लिए मजबूर किया।
जनता की खून पसीने की कमाई,
मोदी ने अडानी पर लुटाई।
आखिर ऐसा क्या है कि एक आदमी के लिए 140 करोड़ लोगों का भविष्य दांव पर लगाया जा रहा है?