जीतू पटवारी ने अपने इंस्टाग्राम पर मेक्सिको की वीडियो लगा कर राहुल गांधी की वीडियो बता दी।
बताया जाता है जीतू पटवारी अपना ट्विटर और इंस्टाग्राम ख़ुद ही चलाते है।
घोर कलयुग है।
जिसके ख़ुद की विधानसभा में जीतने के लाले है, जो ख़ुद भाटी जी की विधानसभा में दख़ल दे कर मुस्लिम वोटरों में अपनी पैंठ जमाना चाह रहे है
वो बहुत बड़े नेता बन कर उभर रहे है।
तीन चार बाड़मेर के पत्रकारों को खर्चा पानी देकर ट्वीट करवाना बंद कर दो मोहदय।
यह फोटो कांग्रेस की दृष्टि से बाड़मेर विधानसभा के लिए महत्वपूर्ण है हरीश चौधरी पूरा मन बना चुका है कि किसी भी सूरत में मेवाराम जैन को नहीं आने देना है और दूसरा विकल्प भी ढूंढ लिया है जो इस तस्वीर में है आप ढूंढ पाओ तो ढूंढ लो...
एक बात और मेवाराम जैन ने अपने विधायकी कार्यकाल में जिन जिन को नेता बनाया या राजनीतिक सह दी उन सब का कुछ सालों बाद राजनीतिक ईलाज करना चाहा जिससे आज उनकी अधिकतर टीम साथ नहीं है और उन लोगों को भी हरीश चौधरी रूपी नया विकप्प मिला है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष के पास प्रदेश कार्यालय की दीवारों पर अपनी तस्वीरें लगाने के लिए धनराशि है, पर उन्हीं दीवारों पर लगी सीलन ठीक करवाने और खराब दीवारों पर पुताई करवाने के लिए धनराशि नहीं है।
यह वही नेता हैं, जिन्होंने एक बार कहा था, “पार्टी गई तेल लेने।”
आख़िर मध्य प्रदेश कांग्रेस की सबसे महत्त्वपूर्ण बैठक में यह व्यक्ति कौन बैठा है?
ना तो यह मध्य प्रदेश कांग्रेस का पदाधिकारी है, ना इस PAC समिति का सदस्य है फिर किस हैसियत से यह व्यक्ति प्रदेश कांग्रेस की सबसे महत्त्वपूर्ण बैठक में भाग ले रहा है?
हार के सूत्रधार
जीतू पटवारी अपने ट्वीट में दिग्विजय सिंह को धन्यवाद दे रहे हैं, जबकि दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में जीतू पटवारी की तारीफ़ तक नहीं की।
दिग्विजय सिंह ने अपने ट्वीट में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और अखिलेश यादव को बधाई दी है।
जीतू पटवारी बेवजह बीच में आकर कैच लपक लिए।
बहुत-बहुत धन्यवाद @OfficeOfDVS जी!
आपका स्नेह और शुभकामनाएँ,
हमारे लिए बड़ी प्रेरणा हैं!
दतिया की यह जीत कांग्रेस परिवार की सामूहिक शक्ति, कार्यकर्ताओं के अथक परिश्रम और दतिया की जागरूक जनता के विश्वास का परिणाम है!
हम जनहित की इस लड़ाई को और अधिक मजबूती से आगे बढ़ाएंगे।
दतिया का चुनाव सिर्फ़ राजा दिग्विजय सिंह की कुशल रणनीति के कारण जीता गया। जहां अवधेश नायक की नाराज़गी से पूरी कांग्रेस तीतर बितर हो गई थी वहाँ दिग्विजय सिंह ने उन्हें माना कर कार्यकर्ताओं को एक साथ बांधे रखा।
यह जीत राजा दिग्विजय के नाम है।
मध्य प्रदेश कांग्रेस के एक युवा नेता जो नंबर दो के करीबी है, लगातार युवा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष को कमजोर कर के हटाने के लिए प्रयस्बद्ध है।
देखते है चंबल का तीर जबलपुर तक पहुँच पता है या नहीं।
दतिया का चुनाव जीतू पटवारी ने ख़ुद अपने चेहरे पर लड़ा। ना प्रत्याशी घनश्याम सिंह को साथ लेकर घूमे ना किसी और नेता से प्रचार करवाया।
अब जीते तो सेहरा उनके सर पर बनेगा।
हारे तो इस्तीफ़ा भी दे ही देना चाहिए।
जीतू पटवारी मंच से कह रहे हैं, "यह जयवर्धन सिंह की नई कांग्रेस है, हम लोगों के हाथ तोड़ेंगे।"
जिस प्रदेश में दिग्विजय सिंह ने विरोधियों के साथ भी समन्वय बनाए रखते हुए प्रदेश के विकास के काम किए, जिस कमलनाथ ने सत्ता में रहकर और सत्ता से बाहर रहकर भी शालीनता से राजनीति की,
वहाँ जीतू पटवारी ने मध्य प्रदेश कांग्रेस को अब गुंडों की कांग्रेस बना दिया है।
वैसे शालीन के पर्याय @JVSinghINC इस बयान से असहमत होंगे, वो विचार और विकास की राजनीति करते है गुंडों मवाली की नहीं।
फिर से कलह सामने आई।
उमंग सिंघार विधानसभा में धरना दे रहे है वही जीतू पटवारी सबको राजभवन बुला रहे है धरने के लिए।
आख़िर प्रदेश का अध्यक्ष है कौन? लोग माने तो माने किसकी?
मध्य प्रदेश में कांग्रेस के नेता अब सर्कस चला रहे हैं।
उमंग सिंघार कह रहे हैं कि UCC नहीं आने देंगे। यह RSS का विचार है और कांग्रेस के सभी विधायक इसका विरोध करेंगे।
वहीं, जीतू पटवारी ने उमंग सिंघार का बयान सुनने के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि UCC अच्छा है और इसे लाया जाना चाहिए।
आखिर सच क्या है? क्या जीतू पटवारी को अपने विधायकों पर भरोसा नहीं है, या विधायक जीतू पटवारी के साथ नहीं हैं?
@RahulGandhi दिग्विजय सिंह को अलग कर दो युवाओं के हाथ में इतनी बड़ी पार्टी सौंप दी। अब उसके नतीजे भी सामने हैं।
मध्य प्रदेश में चुनाव दतिया में है और मध्य प्रदेश कांग्रेस के हाई फ़ाई प्रभारी बैतूल ज़िले की बैठक लेने के लिये मध्य प्रदेश आ रहे है।
जय कांग्रेस, तय कांग्रेस। 🤣🤣
हरीश चौधरी यात्रा से जुड़े लेकिन उमंग सिंघार, दिग्विजय सिंह, जयवर्धन सिंह, कमलेश्वर पटेल, कांतिलाल भूरिया, विक्रांत भूरिया, कमल नाथ, सभी यात्रा से ग़ायब रहे।
एकल चलो रे . . .
जीतू पटवारी और उमंग सिंघार की लड़ाई सार्वजनिक तौर पर सामने आ गई।
आज पूरी कांग्रेस पार्टी और जीतू पटवारी इंदौर से भोपाल साइकिल यात्रा कर रहे हैं, जबकि उमंग सिंघार छतरपुर में आदिवासियों के साथ कार्यक्रम कर रहे हैं।
एक म्यान, दो तलवार।
जीतू पटवारी और उमंग सिंघार की लड़ाई सार्वजनिक तौर पर सामने आ गई।
आज पूरी कांग्रेस पार्टी और जीतू पटवारी इंदौर से भोपाल साइकिल यात्रा कर रहे हैं, जबकि उमंग सिंघार छतरपुर में आदिवासियों के साथ कार्यक्रम कर रहे हैं।
एक म्यान, दो तलवार।
जीतू पटवारी ने आज ट्वीट करके कहा कि कांग्रेस के प्रत्याशी को देखकर नहीं, बल्कि सच के आधार पर वोट डालना है।
फिर दतिया की जनसभा में उन्होंने कहा कि यह विधायक का चुनाव नहीं, बल्कि प्रदेश बचाने का चुनाव है।
क्या जीतू पटवारी को अपने उम्मीदवार पर भरोसा नहीं? क्या प्रदेश अध्यक्ष अब कांग्रेस के चेहरे पर ही वोट नहीं मांगेंगे?
दतिया में कांग्रेस का निपटना तय है।
प्रभारी हरीश चौधरी ने प्रेस कॉन्फ़्रेंस कर दिग्विजय सिंह की अयोध्या यात्रा को लेकर सनसनी मचा दी।
यह यात्रा दिग्विजय सिंह की निजी यात्रा है, कांग्रेस की यात्रा नहीं।
ऐसा ही हरियाणा के प्रभारी BK हरीप्रसाद ने बृजेंद्र सिंह की यात्रा को 'निजी यात्रा' कहा था लेकिन बाद में राहुल गांधी ख़ुद उस यात्रा में आये थे।
प्रभारी हरीश चौधरी की जगह अब उनके PA मध्य प्रदेश कांग्रेस की बैठकों में बैठ रहे है!
AICC सह-सचिवों द्वारा कांग्रेस नेताओं की बैठकों में अब हरीश चौधरी की प्रॉक्सी कि तरह उनके PA बैठक में भाग ले रहे है।
बड़े बड़े नेताओं, विधायकों से हाथ मिला रहे है।
रसूख़ तो बड़ा बताया ही है, सुना है प्रभारी जी के PA की सुविधा और खर्चा भी प्रभारी स्तर की होती है।
ऐसे तो दिल्ली से बैठ कर चल गई कांग्रेस।
नकारा अध्यक्ष, नकारा प्रभारी।