“बच्चे को लग जाएगी बच्चे को!”
पिता चीखता जा रहा है और दारोग़ा बेरहमी से मारता जा रहा है। एक लाठी ज़रा सा इधर की उधर लगती तो बच्चे जी जान पे आ जाती।
पिता हूँ मैं भी।
जो मन में आ रहा है बया��� नहीं कर सकता।
मेरी सुबह का पहला खयाल हो तुम
मेरी सुबह की पहली मुस्कान हो तुम
मेरी सुबह की पहली ताजी़ हवा हो तुम
मेरी सुबह की पहली अदरख़ वाली कड़क चाय हो तुम
मेरे दिल के सबसे अजीज़ हो तुम
#LoveWithoutBoundaries