श्री @dpradhanbjp जी को बचाने के लिए अब इस छात्रा को भी पाकिस्तानी या डीप स्टेट की एजेंट घोषित कर दिया जाए? ऐसा एक बच्चे के साथ नहीं हुआ है।
संभावना है कि यह संख्या हज़ारों या लाखों में हो क्योंकि ऐसे कई बच्चे सामने आ रहे हैं। जब कार्य कंप्यूटर से हो रहा है, तो ऐसा सीमित ही हो, संभव नहीं। कुछ बच्चों को ठीक नंबर आए होंगे, फेल ना हुआ हो तो वह सोचेगा कि कम ही आए हैं। वो दोबारा जाँच में नहीं भी डालेगा।
@cbseindia29 द्वारा इस फ़क-अप का भार कौन उठाएगा? इन बच्चों की मानसिक स्थिति के बारे में कोई सोच भी रहा है क्या?
I applied for CBSE revaluation. The scanned copy of my chemistry sheet I received does not match my handwriting or written responses.
For reference, I am attaching my English answer sheet, which clearly reflects my actual handwriting.
@mainhumadhubala Vo tere hath me nhi hai bhai warna tu papa ko bhi rok leti aur mummy ki tabiyat kharab nhi hone deti tu apne control se bhi double kar rahi h
Inhone sabko certificate diya lekin mahamanav se kabhi nhi kaha aao sabke liye kuch na kuch kar rahe general k liye karna to chhod do harbaar aise aise kaam karte ho jiski wajeh general walo ka jeena haram alag se ho raha hai
सामान्य/सवर्ण/GC के नाम चल रहे गिल्ट ट्रिप पर
आरक्षण पर अब कुछ लोग अब नई बकलोली ले कर आए हैं कि सामान्य वर्ग UGC को ले कर भाजपा का विरोध कर रह है और उन्होंने अपने मन से ये जोड़ा है कि विरोधियों को वोट कर देंगे। फिर लिखा गया कि विपक्ष वाले तो प्राइवेट में भी आरक्षण की बात करते हैं।
अनभिज्ञ लोग हैं। पहली बात तो यह है कि किसी भी पार्टी को वोट देना या ना देना व्यक्तिगत विषय है। जैसे कि मैं यह सोच सकता हूँ कि उन नमकहरामों को वोट नहीं दूँगा जो अपनी बात से लगातार पलटते रहे हैं। कोई अन्य यह सोच सकता है कि भाजपा ने बात हिंदुत्व की की, और अब उसी एकता में दरार ला रहे हैं।
दूसरी बात यह है कि जितना आरक्षण भाजपा के काल में अलग अलग राज्यों में तुष्टिकरण के लिए दिया जा रहा है, उस पर आप सब चुप क्यों हैं? मराठा आरक्षण कहाँ दिया गया? बिहार में क्या आपके वर्तमान गठबंधन वालों ने 65% आरक्षण नहीं कराया? आपने विरोध किया था उसका?
मध्य प्रदेश में 73% आरक्षण किस सरकार ने दिया और आज भी राम भगवान को जातिवादी हत्यारा बताने वाले एफ़िडेविट को कोर्ट में ले कर जाती है? ओडिशा में SC/ST का आरक्षण दोगुना किस सरकार में हुआ?
जहाँ तक प्राइवेट में आरक्षण की बात है तो हरियाणा ने ये पासा खट्टर जी के समय फेंका था। तो नियत तो भाजपा की ही है प्राइवेट में आरक्षण देने की, और मैं यह पुनः कह रहा हूँ कि प्राइवेट में आरक्षण भाजपा ही देगी।
तुम लोग उसको भी वैसे ही डिफेंड करोगे जैसे अभी भाजपा के अंबेडकर प्रेम को कर रहे हो जबकि कुछ ही महीने पहले अमित शाह ने संसद में यह कहा था कि 'आज कल अंबेडकर बोलना फैशन हो गया है, इतना नाम भगवान का ले लेते तो स्वर्ग प्राप्ति हो जाती'। अभी बता रहे हो ना कि कैसे यह राजनीति समय की माँग है?
मेरा स्टैंड एक ही रहा है। और मैं सामान्य वर्ग का कोई प्रतिनिधि नहीं हूँ। मेरा स्टैंड यह है कि सामान्य वर्ग किसी भी पार्टी का बँधुआ श्रमिक नहीं है। तुम्हें किया गया समर्थन तुम्हारे लिए ट्रांजैक्शनल रहा होगा, मेरे लिए वैचारिक था, और पत्रकारिता के धर्म के अनुकूल था।
भाजपा अभी जो कर रही है वह नमकहरामी है। और यदि एक समाज भाजपा को सबक सिखाना चाहता है, तो वह उस व्यक्ति और समाज का अधिकार है क्योंकि भाजपा तो सबक पर सबक सिखाती जा रही है सामान्य वर्ग को। यह सवर्ण समाज मोदी के होने या ना होने का लोड क्यों लेगी जब मोदी इनके होने या ना होने को राजनैतिक समीकरण में न्यूनतम या नगण्य मानती है?
जो भी दोगले यह लिख रहे हैं कि 'तो तुम सपा/काँग्रेस/बसपा को वोट दे दोगे?', उनको यह कहना आवश्यक है कि पार्टी तुम्हें पाल रही है, सवर्णों को तो लात मार रही है। फिर उनका वोट तुम्हारा हो जाएगा, ये समझदारी किस तर्क से विकसित कर रहे हो?
अब तो तुमने इस पूरे समाज को देशद्रोही, बिका हुआ, सपाई एजेंट, काँग्रेस एजेंट, सोरोस एजेंट, पाकिस्तानी तक कह दिया है, फिर ये सब लिखने के बाद उनसे लॉयल्टी किस बात की माँग रहे हो? कभी पार्टी की वंदना के अलावा पूछा है किसी को कि इस पर चुप्पी क्यों है?
तुम फिर ये सब लिख भी क्यों रहे हो कि देखो ये तो दूसरे को वोट दे देंगे? तुम्हें लगता है कि अब सामान्य वर्ग तुम्हारी बनायी नैतिकता के हिसाब से चले? उसे इस बात का अपराध बोध हो कि हाय-हाय, मोदी जी को वोट नहीं दूँगा तो चित्रगुप्त जी डायरी में क्या लिखेंगे?
तुम्हारी फटी पड़ी है। तुम्हें पता है कि तुमने जो पार्टी के निर्देश पर, या स्वतः संचालित हो कर जो रायता फैलाया है, उसका पहला शिकार योगी आदित्यनाथ होंगे। मैंने फ़रवरी में कहा था कि सामान्य वर्ग को IT सेलिए संगठित रूप से टारगेट ना करें, वो उग्र होंगे। तुम करते रहे, हर सप्ताह।
अब परिणाम तुम्हें दिख रहा है। तुम केवल बाहर से चिल्ला सकते हो कि इन्होंने हरवा दिया, पर स्मरण रहे कि तुम्हारा ही कहना है कि ये लोग पंचायत और पार्षदी का चुनाव नहीं जीत सकते। तुम्हारा सेविंग ग्रेस बंगाल हो सकता है, पर वहाँ तो यह विषय है ही नहीं। इस पर तुमने बार-बार पूछने पर भी नहीं कहा कि UGC का प्रभाव है या नहीं, पर परिणाम के बाद तुम खूब करोगे।
अंत में, आरक्षण को सर्वाधिक विकृत और राजनैतिक टूल की तरह प्रयोग भाजपा ही कर रही है। भाजपा ही आगे भी करेगी क्योंकि उसे अभी 850 सांसदों के लिए एक ट्विस्टेड लॉजिक चाहिए। वो लॉजिक तुम मान लो, मैं नहीं मान सकता क्योंकि किसी की तुष्टिकरण से समस्या नहीं है, किसी को लतियाने से है।
और जब बौद्धिक वर्ग लात खाता है, तो वह शिखा खोल कर प्रण कर लेता है।
सामान्य/सवर्ण/GC के नाम चल रहे गिल्ट ट्रिप पर
आरक्षण पर अब कुछ लोग अब नई बकलोली ले कर आए हैं कि सामान्य वर्ग UGC को ले कर भाजपा का विरोध कर रह है और उन्होंने अपने मन से ये जोड़ा है कि विरोधियों को वोट कर देंगे। फिर लिखा गया कि विपक्ष वाले तो प्राइवेट में भी आरक्षण की बात करते हैं।
अनभिज्ञ लोग हैं। पहली बात तो यह है कि किसी भी पार्टी को वोट देना या ना देना व्यक्तिगत विषय है। जैसे कि मैं यह सोच सकता हूँ कि उन नमकहरामों को वोट नहीं दूँगा जो अपनी बात से लगातार पलटते रहे हैं। कोई अन्य यह सोच सकता है कि भाजपा ने बात हिंदुत्व की की, और अब उसी एकता में दरार ला रहे हैं।
दूसरी बात यह है कि जितना आरक्षण भाजपा के काल में अलग अलग राज्यों में तुष्टिकरण के लिए दिया जा रहा है, उस पर आप सब चुप क्यों हैं? मराठा आरक्षण कहाँ दिया गया? बिहार में क्या आपके वर्तमान गठबंधन वालों ने 65% आरक्षण नहीं कराया? आपने विरोध किया था उसका?
मध्य प्रदेश में 73% आरक्षण किस सरकार ने दिया और आज भी राम भगवान को जातिवादी हत्यारा बताने वाले एफ़िडेविट को कोर्ट में ले कर जाती है? ओडिशा में SC/ST का आरक्षण दोगुना किस सरकार में हुआ?
जहाँ तक प्राइवेट में आरक्षण की बात है तो हरियाणा ने ये पासा खट्टर जी के समय फेंका था। तो नियत तो भाजपा की ही है प्राइवेट में आरक्षण देने की, और मैं यह पुनः कह रहा हूँ कि प्राइवेट में आरक्षण भाजपा ही देगी।
तुम लोग उसको भी वैसे ही डिफेंड करोगे जैसे अभी भाजपा के अंबेडकर प्रेम को कर रहे हो जबकि कुछ ही महीने पहले अमित शाह ने संसद में यह कहा था कि 'आज कल अंबेडकर बोलना फैशन हो गया है, इतना नाम भगवान का ले लेते तो स्वर्ग प्राप्ति हो जाती'। अभी बता रहे हो ना कि कैसे यह राजनीति समय की माँग है?
मेरा स्टैंड एक ही रहा है। और मैं सामान्य वर्ग का कोई प्रतिनिधि नहीं हूँ। मेरा स्टैंड यह है कि सामान्य वर्ग किसी भी पार्टी का बँधुआ श्रमिक नहीं है। तुम्हें किया गया समर्थन तुम्हारे लिए ट्रांजैक्शनल रहा होगा, मेरे लिए वैचारिक था, और पत्रकारिता के धर्म के अनुकूल था।
भाजपा अभी जो कर रही है वह नमकहरामी है। और यदि एक समाज भाजपा को सबक सिखाना चाहता है, तो वह उस व्यक्ति और समाज का अधिकार है क्योंकि भाजपा तो सबक पर सबक सिखाती जा रही है सामान्य वर्ग को। यह सवर्ण समाज मोदी के होने या ना होने का लोड क्यों लेगी जब मोदी इनके होने या ना होने को राजनैतिक समीकरण में न्यूनतम या नगण्य मानती है?
जो भी दोगले यह लिख रहे हैं कि 'तो तुम सपा/काँग्रेस/बसपा को वोट दे दोगे?', उनको यह कहना आवश्यक है कि पार्टी तुम्हें पाल रही है, सवर्णों को तो लात मार रही है। फिर उनका वोट तुम्हारा हो जाएगा, ये समझदारी किस तर्क से विकसित कर रहे हो?
अब तो तुमने इस पूरे समाज को देशद्रोही, बिका हुआ, सपाई एजेंट, काँग्रेस एजेंट, सोरोस एजेंट, पाकिस्तानी तक कह दिया है, फिर ये सब लिखने के बाद उनसे लॉयल्टी किस बात की माँग रहे हो? कभी पार्टी की वंदना के अलावा पूछा है किसी को कि इस पर चुप्पी क्यों है?
तुम फिर ये सब लिख भी क्यों रहे हो कि देखो ये तो दूसरे को वोट दे देंगे? तुम्हें लगता है कि अब सामान्य वर्ग तुम्हारी बनायी नैतिकता के हिसाब से चले? उसे इस बात का अपराध बोध हो कि हाय-हाय, मोदी जी को वोट नहीं दूँगा तो चित्रगुप्त जी डायरी में क्या लिखेंगे?
तुम्हारी फटी पड़ी है। तुम्हें पता है कि तुमने जो पार्टी के निर्देश पर, या स्वतः संचालित हो कर जो रायता फैलाया है, उसका पहला शिकार योगी आदित्यनाथ होंगे। मैंने फ़रवरी में कहा था कि सामान्य वर्ग को IT सेलिए संगठित रूप से टारगेट ना करें, वो उग्र होंगे। तुम करते रहे, हर सप्ताह।
अब परिणाम तुम्हें दिख रहा है। तुम केवल बाहर से चिल्ला सकते हो कि इन्होंने हरवा दिया, पर स्मरण रहे कि तुम्हारा ही कहना है कि ये लोग पंचायत और पार्षदी का चुनाव नहीं जीत सकते। तुम्हारा सेविंग ग्रेस बंगाल हो सकता है, पर वहाँ तो यह विषय है ही नहीं। इस पर तुमने बार-बार पूछने पर भी नहीं कहा कि UGC का प्रभाव है या नहीं, पर परिणाम के बाद तुम खूब करोगे।
अंत में, आरक्षण को सर्वाधिक विकृत और राजनैतिक टूल की तरह प्रयोग भाजपा ही कर रही है। भाजपा ही आगे भी करेगी क्योंकि उसे अभी 850 सांसदों के लिए एक ट्विस्टेड लॉजिक चाहिए। वो लॉजिक तुम मान लो, मैं नहीं मान सकता क्योंकि किसी की तुष्टिकरण से समस्या नहीं है, किसी को लतियाने से है।
और जब बौद्धिक वर्ग लात खाता है, तो वह शिखा खोल कर प्रण कर लेता है।
Why are Hindus not reciting Hanuman chalisa on Tuesday and Saturday with a time and space dedicated for this in offices ? Since other community getting all freebies to offer prayers, free time, office space, breaks what's stopping Hindus?
माननीय गृहमंत्री अमित शाह जी के कहे अनुसार तो special court बनाने का काम राजस्थान सरकार का है।तो मेरे हाथ जोड़कर राजस्थान में जो सरकार है उनसे ये विनती 🙏🏻 है की मेरे पिताजी कन्हैयालाल जी के केस में Special court बनाये ताकि उन आतंकवादीयो जिन्होंने वीडियो बनाकर कुबूला है की कन्हैयालाल साहू का मर्डर हमने ही किया है। clean and shut केस में उनको फासी की सजा मिल सके और मेरे पिताजी की अस्थियों का गंगा माता के प्रवाह में विसर्जन हो सके।॥जय श्री राम॥॥जय गौ माता॥॥हर हर महादेव॥🚩🙏🏻
Plz tag @HMOIndia@PMOIndia@RajCMO
What a brilliant expose of Dhruv Rathee's claims that Bhagwan Ram ate meat with authentic proofs from the Ramayan by this young boy!
He looks like a factory-reset version of Dhruv Rathee, making him taste his own medicines🔥
More power to him, he should create more content like this! 🙌
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1. BJP’s top leader calls himself a sewak. 150 crore Indians are Devi-Devata. Rightly so. Deep respect for so.
2. Since that is true, dissent is not to be crushed. It is to be handled with humility - whether it is @ajeetbharti, @Sanjay_Dixit, or anyone else.
You don't act like Salim-Javed's "Khush to Bahut Hoge Tum" in front of Devi Devata. You surrender like Tulsi Das's Hanuman Bahuk when he was severely ill.
3. The same ecosystem shows warmth to Congress, NCP, even Owaisi. Inducts and offers red carpet to those who have hurled most abusive allegations.
4. But cannot engage its own upset supporters like Airtel or Blinkit handles an angry customer.
5. Fault line is clear - Betaal बेताल leaders and followers living off Modi-Shah-Yogi charisma, running on arrogance.
6. IT Cell culture has become needlessly toxic - turning differences into irreversible ego wars.
7. Basic rule - voter is Bhagwan. Politician and loyalists are sevaks. Win through humility and conduct, not abuse.
8. If old customers show friction - read 2024 signals and X gang wars - mature engagement is required, not dismissal or conspiracy cries.
Consider how Airtel, Indigo and Blinkit are expected to deal with angry customers. Sewak should behave like Sewak.
9. But if BJP believes it is Sirius - 8.6 light years away - and no way impacted and is not Sewak of detractors, then let detractors speak. Why react?
10. Strange priority - engaging anti-Hindu Urduwood figures, politicians BJP itself accused of corruption, etc, with hostile history, while ignoring your own ecosystem.
Fix that dishonesty.
11. Many within BJP are doing serious civilizational work.
They must replace the Betaals.
I engage with many of them, and have immense respect for them.
12. If criticism matters, BJP must respond with humility.
If it does not, stop reacting.
13. No one ever abused their way to winning hearts.
You cannot "expose" a detractor.
You only expose that BJP has given its narrative shaping to immature arrogants.
All for some algorithmic engagement numbers.
14. Hindu Khatre Me हिन्दू खतरे में is a real serious challenge.
But risk messaging collapses when behavior signals the opposite.
Over time, the mind stops registering “खतरा” if the same ecosystem is seen in VVIP PR cycles with anti-Hindu Urduwoodiyas and like. And remembering Khatra only before elections.
15. As for me, I find current BJP extremely underwhelming and facing a clear HR crisis.
I have deep respect for top few leaders carrying weight on whose back Betaals are fooling around.
16. Hence, am in state of total मोह-भंग and extreme boredom.
Will revisit when if and when the Sirius star fixes its HR.
राम राम
(AI was used to improve the language but it got extremely boring talking about BJP. Hence there may be weird mistakes)
आदरणीय रायता विंग अजीत भारती के बोलने से राइट विंग समर्थक बीजेपी को गाली नहीं दे रहे बीजेपी की नीतियों में यूजीसी लक्ष्मण रेखा थी जिससे जनरल ka सब्र टूटा हैं तो मान लो अजीत भारती खराब इंसान हैं उससे बीजेपी की नीतियां कैसे सही हों गयी