गज़ा की एक नन्हीँ बच्ची अपने फ़टे पुराने गुड़िया को मज़बूती से सीने से लगाए, जंगी धमाकों से खौफ़ज़दा हो कर अपने कान बंद किए बैठी है,
ये मंज़र गज़ा के बच्चों पर जारी जंग के गहरे मानसिक नुकसान और लगातार खौफ़ की एक और दिल दहला देने वाली झलक पेश करता है.
#SaveGaza#FreePalestine
@Owels786❤️🌹
हो पूरी दिल की हर ख्वाहिश आपकी, और मिले खुशियों का जहां आपको, अगर आप मांगे आसमां का एक तारा, तो खुदा दे दे सारा आसमां आपको !
जन्मदिन की ढ़ेर सारी शुभकामनाएं.....🎁🎂🍰🎈🎉🎊
" HAPPY BIRTHDAY.,,,,❤️🌹
यह व्यक्ति उन्हीं महोदय का समर्थक है जो कल नैतिकता और अनुशासन का पाठ पढ़ा रहे थे, इसकी शर्मनाक और आपत्तिजनक हरकतों पर तत्काल संज्ञान लिया जाना चाहिए। मेरी @Uppolice से मांग है कि इसके खिलाफ शीघ्र कानूनी कार्रवाई की जाए, अन्यथा हम समाजवादी लोग सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन करेंगे !! @yadavakhilesh@aditiyadav2002
आज सोशल मीडिया पर फ़ैज़ल ख़ान उर्फ़ खान सर को विलेन साबित करने की जो सुनियोजित मुहिम चलाई जा रही है,वह बेहद शर्मनाक और चिंताजनक है।
एक ऐसा शिक्षक जो देश के सुदूर इलाक़ों में बैठे सबसे गरीब बच्चे तक कौड़ियों के दाम में (या मुफ़्त) विश्वस्तरीय शिक्षा पहुँचा रहा है,
आज उसे सिर्फ़ इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि उसका नाम एक ख़ास समुदाय से है।
ट्विटर पर नफ़रत की फ़ैक्ट्री चलाने वाले IT Cell और उनके समर्थकों को बस एक मौके की तलाश रहती है।
अगर आपका नाम उर्दू है, तो आपकी काबिलियत, आपका देशप्रेम और समाज के लिए आपका योगदान सब कुछ दरकिनार कर दिया जाता है।
अब यह दावा किया जा रहा है कि ख़ान सर रक्षाबंधन के पवित्र त्योहार पर लड़कियों के दुपट्टे से अपना पसीना पोंछते हैं!
कोई इंसान इतना बीमार और घटिया सोच वाला कैसे हो सकता है कि वह इस तरह के काल्पनिक और घिनौने इल्ज़ाम एक शिक्षक पर लगाए?
जो इंसान हर साल हज़ारों बहनों से राखी बंधवाकर एक मिसाल पेश करता है, उसके चरित्र पर कीचड़ उछालना यह दिखाता है कि ट्रोल आर्मी का स्तर कितना गिर चुका है।
तैयार रहिए, क्योंकि आने वाले दिनों में आपको ख़ान सर के बारे में ऐसी-ऐसी मनगढ़ंत कहानियाँ सुनने को मिलेंगी जो आपने कभी सपने में भी नहीं सोची होंगी।
टूलकिट तैयार है, स्क्रिप्ट लिखी जा चुकी है और प्रोपेगैंडा फैलाने वाले एक्टिव हो चुके हैं।
लेकिन याद रखिए:
एक शिक्षक का कोई धर्म नहीं होता, उसका धर्म सिर्फ़ अज्ञानता के अंधेरे को मिटाना है।
ख़ान सर पर हमला सिर्फ़ एक व्यक्ति पर हमला नहीं है,
बल्कि देश के उन लाखों गरीब छात्रों के सपनों पर हमला है जो उनकी वजह से अफ़सर, डॉक्टर और इंजीनियर बनने का ख़्वाब देख रहे हैं।
हम इस नफ़रती एजेंडे को कामयाब नहीं होने देंगे।
देश के सभी जागरूक नागरिकों और छात्रों से अपील है कि इस प्रोपेगैंडा को पहचानें और सच के साथ खड़े हों।
✊ हम ख़ान सर के साथ हैं! 📚
शिवपाल सिंह यादव की आंख में आंसू थे, धर्मेंद्र यादव बेचैन साफ दिख रहे थे, आदित्य यादव तो बच्चों की तरह रोने लगे ! डिम्पल यादव की तकलीफ़ उनके शांत और गुम हो गए चेहरे में दिख रही थी ,उनका सदमा दिखता था, अस्पताल के बाहर अखिलेश यादव ने अपने आंसू रोकने के लिए अपनी सारी शक्ति लगा दी, होंठो को दांतों से काटने लगे थे, बड़े नेता न होता तो खुले में रो पड़ते ! अर्जुन कभी सार्वजनिक मंच पर नही दिखे , मगर उनकी बेचैनी यह बताने के लिए काफी थी कि परिवार मातम कैसा है ! -
किसके लिए - चंद्रप्रकाश गुप्ता का एक बेटा ,जिनकी माता श्री साधना गुप्ता जी , 1987 में जिसका जन्म हुआ , जो 16 साल की आयु में अपनी मां के साथ उनके पति मुलायम सिंह यादव जी घर आया, वो सौतेला था (यही सच है) मगर परिवार ने कभी उसे यह एहसास नही कराया, यादव परिवार के हर घर के दरवाजे उसके लिए खुले थे, जब वो चला गया तो हर आंख नम हुई। हर चौखट से आह निकली।
महान है यादव परिवार ! - अगर यह परिवारवाद है ,तो ऐसा ही होना चाहिए! यादव परिवार भारत का आदर्श परिवार है ! राजनीति से अलग हटकर देंखे तो पता चलेगा कि यादव परिवार ने समाज की आंखों में बेइंतहा सम्मान अर्जित किया है।
प्रतीक भाई को श्रद्धांजलि , निसंदेह एक नेकदिल इंसान थे !
#prateekyadav
#प्रतीकयादव
@RebornManish भारतीय राजनीति के राक्षसी जंगल मे..
गन्दे दांतो, लम्बी दाढ़ी, और टकले सर वाले तमाम रक्तपिपासु दैत्यों के बीच, यदि कोई एक श्वेतवर्णी मुनि दिखाई देता है-
तो वह राहुल है। 👏👏👏💌