जब तक सचिन पायलट यह नहीं बताएंगे कि वह मानेसर क्यों गए थे वहां क्या हुआ था तब तक अशोक गहलोत इसका फायदा उठाते रहेंगे।
सचिन पायलट को हिम्मत करके सारी सच्चाई बता देना चाहिए। गलतियों की माफी मांग लेना चाहिए।
अशोक गहलोत ने मांगी थी सोनिया गांधी से और बाहर निकाल कर वहां हम पत्रकारों से स्वीकार किया था।
गहलोत ने अपनी पारी खेल ली है पायलट के सामने अभी पूरी राजनीतिक जिंदगी पड़ी है।
उन्हें अपने मूर्ख समर्थकों से पीछा छुड़ाना चाहिए।
कान के कच्चे होने की बहुत शिकायत है वह दूर करना चाहिए।
राजेश पायलट की विरासत बहुत बड़ी है पूरे देश में फैली है। मां रमा पायलट भी अच्छी नेता रही हैं।
ये किन लोगों के कहने में आकर छोटी बातों में उलझे रहते हैं इसे सोचना चाहिए।
और ट्विटर पर जो यहां उनका समर्थन कर रहे हैं यह सोचकर अनपढ़ों की तरह कमेंट करते हैं उनसे पीछा छुड़ाना चाहिए।
उनके लिए काम कर रहे ट्रोल भाजपा के लिए भी काम करते हैं।
2023 में कांग्रेस के हारने पर उनकी ट्रोल आर्मी बहुत खुश हुई थी।
मध्यप्रदेश में राज्यसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी अपना तीसरा उम्मीदवार भी उतारेगी।अभी उसके पास तीसरी सीट जीतने के लिए संख्या बल नहीं है उसे लगभग 10 विधायकों की और जरूरत होगी।
जरा राजस्थान कांग्रेस के नेता सोचें कि भाजपा के 75 साल में ले दे के दो ही नेता हुए हैं।
भैरोंसिंह शेखावत और वसुंधरा राजे।
और कांग्रेस के एक दर्जन से ज्यादा बड़े नेता।
जय नारायण व्यास मोहनलाल सुखाड़िया हरिदेव जोशी बरकतुल्लाह खान शिवचरण माथुर जगन्नाथ पहाड़िया हीरालाल देवपुरा यह तो खाली मुख्यमंत्रियों के नाम है और बाकी बड़े नेताओं के नाम अलग।
नवल किशोर शर्मा राजेश पायलट नटवर सिंह।
मगर 2018 के विधानसभा चुनाव के बाद से कांग्रेस के दो नेताओं ने एक दूसरे से आपस में लड़कर वहां कांग्रेस का सत्यानाश कर दिया।
दोनों ओबीसी हैं। इसमें राहुल दोनों को आगे बढ़ाने में कोई कसर नहीं रखते हैं।
मगर दोनों की समझ में कभी नहीं आता है की वे अपनी गुटबाजी से राहुल और कांग्रेस को कितना नुकसान पहुंचाते हैं।
राहुल के लिए एक मिनट की बात है दोनों को परे करके किसी तीसरे को आगे बढ़ना।
राजस्थान व्यक्तियों पर नहीं कांग्रेस पर वोट देता है।
दोनों को पूछने वाला कोई नहीं रह जाएगा।
आपस में ही एक दूसरे से मिल जाएंगे और रोएंगे।
The truth is that there is no leader in Rajasthan today who has a more popular and stronger public connect than Sachin Pilot.
He should be utilized wisely.
लगता है अशोक गहलोत ने जदयू के संजय कुमार झा का वीडियो देख लिया है।
उसी तर्ज पर वे भी बता रहे हैं कि अचानक आब्जर्वर आए और तमाशा हो गया। मैं तो अध्यक्ष बनना चाहता था।
ऐसा ही संजय झा नीतीश कुमार के बारे में कह रहे हैं कि वह तो इंडिया गठबंधन के संयोजक बन गए थे मगर अचानक ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल ने विरोध किया।
नेता बहुत होशियार होते हैं और जनता को बेवकूफ समझते हैं।
मगर लोग इतने भी बेवकूफ नहीं।
ना उन्हें संजय झा की बात हजम हुई और ना अशोक गहलोत की होगी।
India is facing Economic Crisis.
World is Jeopardize
Congress is Facing Organization Crisis
Delhi is facing water Crisis
Youth is Facing Unemployment and Paper Leak Crisis.
But
Mr Gehlot will never Move on Mr Sachin Pilot his mid life crisis
बड़ा गुमान था किसी को अपनी जादूगरी पर,
एक नौजवान क्या भिड़ा सारी मक्कारी बाहर आ गई 🤭
बड़े बड़े नेताओ को ठिकाने लगाने वाले गहलोत साब ने सोचा नहीं होगा एक नौजवान उन्हें इस उम्र में इतना दुख पहुंचा सकता है वो भी बिना एक फालतू का बयान दिए 🤣😭
🚨 RAJAT PATIDAR COOKED INDIAN TEAM SELECTORS 🚨
Rajat Patidar said 🗣️,
"I don't really think about playing for India. I just focus on my performance. If they want to pick me, pick me. If not, I just don't think about it."
'मैं तो कांग्रेस अध्यक्ष बनना चाहता था, लेकिन साजिश हुई...' अशोक गहलोत का बड़ा दावा
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के बड़े नेता अशोक गहलोत ने एक बार फिर वो पुराना मामला उठाया है, जब वो कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते-बनते रह गए थे. गहलोत का कहना है कि उन्हें अध्यक्ष बनाने का फैसला हो चुका था, लेकिन एक साजिश की वजह से सब कुछ पलट गया. और आज भी लोग असली सच नहीं जानते. कुछ साल पहले कांग्रेस में अध्यक्ष पद के लिए चुनाव की बात चली. उस वक्त सोनिया गांधी और कांग्रेस की टॉप लीडरशिप ने अशोक गहलोत को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाने का मन बना लिया था. गहलोत खुद भी इस पद के लिए तैयार थे और उन्होंने इसे सम्मान की बात मानी थी.
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अशोक गहलोत जी गड़े मुर्दे उखाड़ रहे है तो समझ जाओ राजस्थान में कांग्रेस हाईकमान फैसला कर चुका है
गोविंद डोटासरा
सचिन पायलट
टीकाराम जूली
हरीश मीणा
हरीश चौधरी
इंदिरा मीणा
मुरारी मीणा
राहुल कसवा
इनमे से किसी एक के हाथ लॉटरी लग सकती है।