BIG EXPOSE
1. It was Turkey that supplied drones to Pakistan during Operation Sindoor.
Today I exposed how a handful Indians became part of the anti-India cartel
Meet Abdul Malik Mujahid. He is a Pakistani and is working very closely with Bilal Erdogan, son of Turkey's PM.
>ब्रो का नाम हेमंत सोरेन है
>ब्रो झारखंड का मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री भी है
>ब्रो की योग्यता पिताजी को ठंड में गरम पानी देना
>ब्रो बिना किसी मेहनत के मुख्यमंत्री बन गया इसलिए ब्रो को मेहनत का पता नहीं
>ब्रो अपने कार्यकाल में एक भी परीक्षा सही से नहीं करवा पाया
>ब्रो के खिलाफ आन्दोलन हुआ, ब्रो डर गया,
>ब्रो ने बच्चों को बहला फुसलाकर घर भेज दिया
>ब्रो के खिलाफ बच्चों ने शांतिपूर्ण आन्दोलन किया
>लेकिन अब ब्रो और उसके अधिकारी चुन चुन कर बच्चों के खिलाफ मुकदमे लिखवा रहे
>कई लोगों के खिलाफ ट्वीट लिखने तक पर मुक़दमे हो रहे
>जब जब ब्रो डरता है पुलिस को आगे करता है
कांग्रेस का काला अध्याय
160. 23 अगस्त 1967 यानि आज के दिन संसद के दोनों सदनों में हंगामा हुआ,कारण बिना वकालत के डिग्री के इंदिरा गांधी जी ने अपने रिश्तेदार कैलाशनाथ वांचू को भारत के सुप्रीम कोर्ट का मुख्य न्यायाधीश अप्रैल 1967 में बनाया ।संविधान की धज्जियाँ उड़ाते हुए अपने रिश्तेदारों को सेट करने का दुस्साहस नेहरु गांधी परिवार ही कर सकता है ।इंदिरा गांधी जी ने 1967 में कांग्रेस के घोषित उम्मीदवार नीलम संजीव रेड्डी जी का विरोध करने के लिए सबसे पहले तत्कालीन सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश कोका सुब्बाराव जी को इस्तीफ़ा दिलाया,अपने रिश्तेदार कैलाशनाथ जी को मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किया,फिर सुब्बाराव जी को धोखा देकर वीवी गिरी जी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया ।कुटिल शब्द इसी परिवार के लिए बना ।वांचू जी ने अपने निर्णय में नेहरु गांधी परिवार के लिए कश्मीर में धारा 35 A जोड़ा 1964 में जिस कारण कश्मीर का नागरिक अलग भारत का नागरिक अलग हुआ,इंदौर में कांग्रेस की गोलीबारी की लीपाई,धौलपुर राजघराने की सम्पत्ति हड़पने और गोलकनाथ का जजमेंट यानि कॉंग्रेस के कार्यकर्ता को मुख्य न्यायाधीश बनाने का नाम गांधी परिवार
#CongressDarkHistory
कांग्रेस का काला अध्याय
157. 20 अगस्त 1953 नेहरु जी ने पाकिस्तान के तत्कालीन प्रधानमंत्री मुहम्मद बोगरा के साथ फिर से एक समझौता किया ।समझौते में नेहरु जी ने संयुक्त राष्ट्र संघ में 1948 -49 ,में कश्मीर का जनमत संग्रह मानने के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के साथ 1953 में दुबारा जनमत संग्रह का समझौता कर लिया ।देश को जन्म जन्मांतर तक समस्याओं के दलदल में फँसाने वाले परिवार का नाम नेहरु गांधी परिवार है ।1949 में जब नेहरू जी ने जनमत संग्रह की बात की तो जम्मू कश्मीर के नेता शेख अब्दुल्ला जी ने इसका विरोध किया,धारा 370 के बाद जब वे कश्मीर के प्रधानमंत्री बने तो भी उन्होंने विरोध किया ।पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के आने से पहले नेहरु जी ने 8-9 अगस्त 1953 को शेख अब्दुल्ला साहब की सरकार बर्खास्त कर दी,उन्हें जेल में डाला और 20 अगस्त 1953 को जनमत संग्रह का तथा पश्चिम बंगाल के कूचबिहार इलाक़े को पाकिस्तान को देने का फ़ैसला किया ।1953 से 1960 तक कूचबिहार में हिंदुओं का नरसंहार हुआ ।लगातार जेल में रखकर नेहरु जी ने अपने मृत्यु से पहले 29 अप्रैल 1964 को शेख अब्दुल्ला जी से मुलाक़ात कर जेल भेजने के लिए माफ़ी माँगी,उन दोनों ने बातचीत में यह स्वीकारा कि उनका ख़ून का रिश्ता है।लेकिन काँग्रेस का नेहरूवादी परिवार तो विचित्र है फिर एक बार शेख साहब जेल गए,1975 की कहानी फिर कभी
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