एंटी-पेपर लीक बिल पेश होते ही INDI गठबंधन के सांसदों ने सदन में हंगामा किया और “NO! NO!” के नारे लगाए।
इस बिल में पेपर लीक के दोषियों के लिए ₹10 करोड़ तक का जुर्माना, 10 साल तक क��� जेल और 3 महीने में फैसला देने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का प्रावधान है।
पहले विपक्ष ने कहा— पेपर लीक पर चर्चा हो। सरकार तैयार हो गई।
फिर विपक्ष ने कहा— पहले शिक्षा मंत्री इस्तीफा दें। इस्तीफा भी दे दिया गया।
अब जब पेपर लीक पर महत्वपूर्ण विधेयक पेश किया जा रहा है, तब भी ये सदन नहीं चलने दे रहे।
जब सरकार न सुनेगी बच्चों की आवाज़…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब बच्चों पे बेरहमी से होगा निर्मम वार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब सरेआम बच्चियों के फटेंगे लिबास…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब करोगे दुखी माँ-बाप पर भी प्रहार…
तब विपक्��� को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब हर एक नौजवां होगा हताश-निराश…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब सत्ता का अहंकार होगा हद से पार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब सरकार बंद कर लेगी संसद के द्वार…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
जब मौ��़ा नहीं दोगे, न संसद में न बाहर…
तब विपक्ष को सड़कों पर आना ही होगा!
मुखिया जी के दरवाज़े पर जाना ही होगा!
While it’s important to support our students and ask for educational reforms that positively impact the future of our youth, it’s also very important that peaceful protests by students are Not hijacked by anti national elements to create chaos & change the nature of the protest.
Seeing so much hate & divide online makes me wonder if bad elements in & outside our country have already started to work overtime to weaponise the anger & frustration felt by our students.
I have always believed in hard work, equality and excellence & that should never be compromised. I also believe in our democracy, law and order & our government, therefore I sincerely hope that both sides enter into meaningful & constructive dialogue & weed out any nefarious elements & agendas out of this protest & conversation , so the future is bright for our youth and for our democracy ! 🇮🇳 Jai Hind !
पंजाब में ये युवा बड़ी उम्मीद से Pharmacy Exam देने पहुँचे थे लेकिन इनके exam में बहुत बड़े स्तर पर Cheating हुई। पै���े लेकर कैमरा पेन, bluetooth devices के ज़रिये चीटिंग करवाई गई।
इन युवकों को हमारी आवाज़ की ज़रूरत है, इनकी आवाज़ ना तो भगवंत मान सुन रहे हैं, और ना ही Super CM अरविंद केजरीवाल।
पंजाब में शिक्षा में इतना बड़ा घोटाला और किसी की जवाबदेही नहीं? एक तरफ़ ख़ुद के राज्य में पेपर में धांधली हो रही है, छात्रों को पीटा जा रहा है और ये राजनीतिक रोटियाँ सेक रहे हैं।
Ask yourselves
If this was indeed about Paper Leaks
1) Why the complete silence on Punjab Pharmacy paper leak ?
2) Why credit war by AAP & Cong leaders
3) Why target journalists, security personnel and private and public property ?
4) Why Political artists misleading innocent protesters
ये मेरा लड़का फैजुल्लागंज, जुड़वा मंदिर से गायब हो गया है जिसका नाम वेद प्रकाश मौर्य आज सुबह 5 बजे ही घर से निकला साथ में एक बैग भी है @klwpolice @Igrangelucknow@lkopolice@lucknowtraffic@Uppolice
कही पे अगर दिखे तो कृपया इस नंबर पे कॉल करे -9670197641
8601069807
ज्ञानवापी में बुज़ुर्गों की भावनाएँ जुड़ी हैं, वे कहते हैं कि “जल्द मंदिर मुक्त कराइए।” भोजशाला में भी 96 साल के बुज़ुर्ग माँ सरस्वती की आरती कर रहे हैं। यह आस्था और भावनाओं का विषय है।
From an opponent to a friend over the years. It’s been a pleasure watching you bat and compete against you over so many years but more than that I value our friendship and shared perspectives on the game and beyond. I continue to cherish every time we speak or meet. Wishing you nothing but the best always brother. You’ve done your bit, you deserve to enjoy all of it now and put your feet up. Well done mate, life’s only just begun. ❤️ #KaneWilliamson
मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने आज उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी नागरिक पुलिस एवं समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा-2025 में सम्मिलित होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा हेतु आज एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है।
परीक्षा में सम्मिलित होने के ���िए यात्रा करने वाले अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र दिखाने पर उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में किराये पर 50 प्रतिशत की छूट प्रदान की जाएगी। यह निर्णय अभ्यर्थियों को सुगम, सुरक्षित एवं किफायती यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
अंकित अवस्थी ने ज्यादा सही तरीके से, ज्यादा बेहतरीन धोया है।
कितने दुख की बात है कि 12 साल पत्रकारिता करने के बाद मैं इनसे सहमत होने को मजबूर हूं।
जब मैं छात्र था तो तंगी की हालत में भी तीन अखबार मंगाता था और जब पढ़ाई खत्म हुई, नौकरी ढूंढनी शुरू की, उस समय में 6 अखबार मंगाता था।
आज मैं दावे से कह सकता हूं कि अगर किसी अखबार में पढ़ने लायक कुछ मिल जाए तो समझिए कि वह अपवाद ��ै।
और चैनलों के तो कहने ही क्या? जिस दिन न्यूज़ चैनल देखना पड़ जाए, समझिए जिंदगी का सबसे खराब दिन है।
कोचिंग पढ़ाने वाले शिक्षकों को कोसने से पहले पत्रकारों को जरा अपनी गिरेबान में झांकना चाहिए।
17 साल के छात्र सार्थक सिद्धांत ने जिस तरह से CBSE बोर्ड परीक्षाओं में On Screen Marking System (OSM) के tender documents और RFP (Request for Proposal) को पढ़कर बिंदुवार सवाल उठाए हैं, वो काबिले-तारीफ है।
सिद्धांत ने पुराने और नए RFP की तुलना की, clauses पढ़े, discrepancies निकालीं और सार्वजनिक रूप से CBSE की टेंडर प्रक्रिया पर सवाल खड़े किए।
उसने सिर्फ आरोप नहीं लगाए, बल्कि दस्तावेजों की ��ुलना करके एक pattern समझाने की कोशिश की।
जिस दिशा में उसने बिंदु उठाए हैं, उससे साफ लगता है कि टेंडर प्रक्रिया में कुछ तो ऐसा हुआ है, जो सही नहीं था।
कम-से-कम CBSE की तरफ से इस बच्चे द्वारा उठाए गए बिंदुओं का जवाब भी उतने ही पारदर्शी तरीके से दिया जाना चाहिए।
सार्थक सिद्धांत की सूझबूझ, presence of mind और गंभीरता की खूब सराहना की जानी चाहिए।
प्रयागराज में छात्रों और युवाओं की आवाज़ उठाने वाले कोचिंग संस्थानों — क्लाइमैक्स, टारगेट विद रवि तिवारी और एग्जामपुर — को बंद कर दिया गया है। इतना ही नहीं, संस्थानों के बाहर पुलिस की तैनाती भी कर दी गई है।
सवाल यह है कि क्या युवाओं के भविष्य की बात करना अब अपराध बन गया है, क्या छात्रों के हक की आवाज़ उठाने वालों को दबाकर शिक्षा व्यवस्था मजबूत होगी।
जो लोग देश को "विश्व गुरु" बनाने का दावा करते हैं, उन्हें यह बताना चाहिए कि विश्व गुरु बनने का रास्ता शिक्षा के मंदिरों पर ताले लगाने से होकर जाता है या शिक्षा को मजबूत करने से,
युवाओं की मांगों का जवाब संवाद से दिया जाना चाहिए, दमन से नहीं। आवाज़ों को बंद करने से समस्याएँ खत्म नहीं होतीं, बल्कि व्यवस्था के प्रति अविश्वास और बढ़ता है।
याद रखिए, जब छात्र अपने भविष्य के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएँ, तो सवाल छात्रों प��� नहीं, व्यवस्था पर उठते हैं।
क्योंकि किताबों से डरने वाली व्यवस्था कभी ज्ञान का नेतृत्व नहीं कर सकती।
#indianmedia #youtubeteachers #students
बेरोजगार युवाओं और गरीब-मजदूर माता-पिता के बच्चों की जिंदगी से खेलना इस देश में बहुत ही आसान हो गया फिर चाहे वह सरकारी नौकरी, डॉक्टर बनने, शिक्षक बनने या CBSE बोर्ड की परीक्षाएं हो,
हर एक एग्जाम में आपको धांधली, पेपर लीक या खुलेआम मोबाइल से चीटिंग करते हुए कुछ न कुछ नजारा देखने को मिल जाएगा,
भारत के शिक्षा व्यवस्था को सिस्टम और सरकार ने इतना अव्यवस्थित और नाकाम बना दिया है की हर दिन बेरोजगार युवाओं के भविष्य से खेला जा रहा है और उन्हें मानसिक रूप से पीड़ा पहुंचाई जा रही है,
आप जरा सोच कर देखिए कि जब इन वीडियोस को 10वीं 12वीं में पढ़ने वाले छात्र देखते होंगे तो वह क्या सोचते होंगे कि कल हम भी जब इन परीक्षाओं की तैयारी करेंगे तो हमारे साथ भी सिस्टम और सरकार ऐसे ही खिलवाड़ करेगी ।
भर्ती परीक्षाओं को आखिर इतना मजाक क्यों बना दिया गया है
कहीं paper leak, कहीं server issue, कहीं center mismanagement और अब #ssc_gd 500 छात्रों को बुलाकर सिर्फ 250 की व्यवस्था।
आखिर ये कैसी परीक्षा प्रणाली बनाई जा रही है?
दूसरे जिलों से छात्र महीनों की तैयारी, खर्च और pressure लेकर exam देने पहुंचते हैं, और वहां जाकर पता चलता है कि system खुद तैयार नहीं है।
सबसे दुखद बात ये है कि हर बार ग��ती व्यवस्था की होती है, लेकिन नुकसान सिर्फ छात्रों को उठाना पड़ता है। फिर जब युवा गुस्सा दिखाते हैं, तो लोग उनकी प्रतिक्रिया देखते हैं
लेकिन उस मजबूरी और टूटते भरोसे को नहीं, जो उन्हें वहां तक ले जाता है।
ज्ञानवापी, श्रीकृष्ण जन्मभूमि, आदिनाथ मंदिर, भोजशाला, कुतुब मीनार और ताजमहल सहित अनेक स्थलों की कानूनी पैरवी चल रही है। हमें विश्वास है कि समय आने पर न्यायालय और कानूनी प्रक्रिया के माध्यम से इन सभी स्थानों को मुक्त कराया जाएगा।
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK
तमाम छात्रों और मीडिया चैनलों द्वारा लेखपाल भर्ती पर ऐसे आरोप लगाए जा रहे हैं.... परंतु अभी तक ��योग और सरकार इस पर चुप्पी... साधे हुए हैं...!!
भर्ती की सुचिता और पारदर्शित पर अगर प्रश्न उठते हैं तो आयोग... और सरकार की जिम्मेदारी है कि अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखें.... साथ ही लगाए जा रहे आरोपों की जांच करें... अन्यथा मौजूदा सरकार और आयोगो ... के ऊपर से छात्रों का भरोसा लगातार डगमगा रहा है...!!
पारदर्शिता पर उठे सवालों की निष्पक्ष जांच और आधिकारिक स्पष्टीकरण छात्रों का अधिकार है! ✅
@myogiadityanath
@myogioffice
#UPSSSC_LEKHPAL_PAPER_LEAK