इस तरह की उपमाओं से लोगों को बचना चाहिए।
क्योंकि इस लोकतांत्रिक देश में कोई रैशनल अगर सवाल कर दे कि
शेर घर आया था जंगल से?
या लॉयन सफ़ारी के दौरान हुए मुठभेड़ के जद्दोजहद से हुए जन्मोत्सव से गौरवान्वित होवे जा रहे हैं सुदामा साहब ?
@swatntra_anuj
भरत तिवारी को अभी न्याय मिला ही नहीं था की तब तक उत्तर प्रदेश पुलिस के बेहद ईमानदार सिपाही श्री सुनील शुक्ल को भ्रष्टाचार का मुद्दा उठाने के लिए बर्खास्त कर दिया गया ।
ब्राह्मणों के बलिदान के दिन चल रहे हैं सबको एकजूट होना होगा भरत तिवारी के साथ साथ सुनील शुक्ल के लिए भी आवाज़ उठाना होगा । बेहद शालीन प्रवृति के ईमानदारी की प्रतिमूर्ति सुनील शुक्ल जी को सड़क, से संसद तक , कार्यपालिका से न्यायपालिका तक मदद की जायेगी आइए आप भी साथ दीजिए इस ईमानदार सिपाही सुनील शुक्ल का।
भरत तिवारी तो भ्रष्टाचार से लड़ते हुवे वीरगति को प्राप्त हो गए लेकिन सुनील शुक्ल को हमें बचाना होगा।
@myogiadityanath कृपया इस विषय का तत्काल संज्ञान लीजिए , अन्यथा ब्राह्मणों का वोट भूल जाइए ।
नाम बहुजन महापंचायत, काम कुसवाहा महापंचायत।
कुसवाहा समाज सम्राट चौधरी के साथ खड़ा है, जबकि यादव, दलित, मुस्लिम और अन्य बहुजन समाज के लोग भरत तिवारी के साथ खड़े हैं।
इसलिए इसे बहुजन महापंचायत नहीं, कुसवाहा महापंचायत कहा जाना चाहिए।
पे आउट कम हो गया हैं का हो ? 😀
मैं आप जैसी आत्मनिर्भर महिलाओं का सम्मान करता हूँ, इतना मेहनत करने के बाद भी पे आउट कम मिलता हैं।
बड़ी ज़ुल्मी लोग हैं..!!
इसको सामाजिक न्याय नहीं, दादागिरी कहते हैं!!
वैसे देखा जाए तो डेटा अनुसार इनको फौरन जनरल कैटेगरी में डालना चाहिए, क्योंकि ये अपनी आबादी से कहीं ज़्यादा प्रतिनिधित्व हासिल कर चुके हैं! लेकिन फिर भी बहुजन बने घूम रहे हैं!
😂😂😂
टिन्नू यादव पर बहुजन समाज को गर्व करना चाहिए,
टिन्नू यादव पहले बहुजन हैं,
जो उस खजाने में से दो चार बूंद निकाल के ला पाए हैं,
जिस खजाने पर वर्षों से एक ही जात के लोगों का कब्जा रहा है,
मैं टिन्नू यादव को भारत रत्न दिए जाने की मांग करता हूं,
इसके कई रीज़न हैं
1.खेसारी प्रोग्रेसिव यादव अखिलेश जी वाला।
2. खेसारी के इर्द गिर्द, लाव लश्कर पूरी 52टोली के। लोग हैं
3. खेसारीलाल भोला भाला भी है। 52को बहुत सम्मान करता है।
भोजपुरी अभिनेता व RJD के नेता खेसारी लाल यादव आज भरत तिवारी के परिवार से मिलने पहुंचे, हर मदद का आश्वासन दिया। मशहूर एक्टर पवन सिंह ने भी भरत तिवारी मामले पर दुःख जताया
चलो अच्छी बात है, दुःख जताना चाहिए
पर मेरा सवाल है कि इसी बिहार के राजगीर में दो दलित युवकों की निर्मम हत्या भी हुई, आखिर उस मामले पर इतनी चुप्पी क्यों...??
मौर्य साम्राज्य की स्थापना के साथ चन्द्रगुप्त मौर्य के स्वर्णिम युग का आरंभ हुआ। वह आरंभ इतना प्रचंड था कि उनके बाद के कालखंड में बिंदुसार और फिर महान चक्रवर्ती सम्राट अशोक ने सुशासन, सुदृढ़ प्रशासन और विधि-व्यवस्था को सशक्त आधार प्रदान करते हुए अखंड भारत की नींव रखी।
वह स्वर्णिम इतिहास हमें यही सिखाता है कि किसी भी राज्य की वास्तविक शक्ति वहां की कानून व्यवस्था और न्यायपूर्ण शासन में निहित होती है। सम्राट अशोक ने इस कानून का राज स्थापित करने की दिशा में कोई भेदभाव नहीं किया, चाहे बात अपने परिवार की हो या बाहर की।
बिहार के मुख्यमंत्री का पद जबसे यशस्वी श्री सम्राट चौधरी जी ने संभाली है, तबसे उन्होंने कानून के राज को स्थापित करने और अपराध के विरुद्ध कठोर कार्रवाई को अपने शासन की प्राथमिकता बनाया है।
प्रिंस कुशवाहा एनकाउंटर बताता है कि उनकी मंशा स्पष्ट है कि अपराध से किसी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। भले अपराधी मुख्यमंत्री की ही जाति/परिवार से क्यों न हो।
और यह मौर्यवंश के न्यायिक चरित्र और संस्कार की ही देन है कि प्रिंस कुशवाहा के पिता ने भी यह कहते हुए शव लेने से इनकार कर दिया कि "अपराधी सिर्फ अपराधी होता है।" यह कह पाना किसी साधारण पिता के बस की बात नहीं है।
आज यशस्वी मुख्यमंत्री @samrat4bjp जी के नेतृत्व में बिहार विकास, सुशासन से समृद्धि की दिशा में आगे बढ़ने का संकल्प लेकर चल रहा है। राज्य की लगभग 14 करोड़ जनता एक परिवार है, जिसकी सुरक्षा, शांति, कानून व्यवस्था और विकास सरकार की सर्वोच्च जिम्मेदारी है।
श्री सम्राट चौधरी के कुशल नेतृत्व में बिहार आज विकास और समृद्धि के पथ पर अग्रसर है।
शुभकामनाओं के साथ
अमन सिंह कुशवाहा
इस देश के सारे नक्सली सिर्फ इसलिए नक्सली कहलाये, क्योंकि वह एक जाति विशेष के घर पैदा नहीं हो सके। उनसे गलती हुई कि वे वंचित समाज में पैदा हुए।
#Caste#Crime#Bihar
सोशल मीडिया पर गाली देकर अपने को बड़ा समझने वाले लोग असल में नीच होते हैं। तर्क करो, बहस करो, डिफरेंट ओपिनियन का नाम ही लोकतंत्र है। गाली देकर ये खुद को बाहुबलियों की औलाद समझ रहे हैं।
#Caste#Casteist#Bihar
बिहार के भरत तिवारी के इनकाउंटर पर जाति देखकर विधवा विलाप करने वाले मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को तानाशाह और गलत बता रहे है।
जबकि वही यहां UP में ऐसे ही सैकड़ों इनकाउंटर योगी सरकार की पुलिस ने किया तो उससे सवाल करने की हिम्मत किसी में नहीं है।
सम्राट चौधरी पिछड़े समाज से है और इनकाउंटर अगड़े समाज के व्यक्ति का हुआ है इसलिए सम्राट चौधरी को टारगेट किया जा रहा है।
डियर बेटा कुरैशी सिस्टम से सवाल हथियार लेकर कौन पूछता हैं?
कैमरे के सामने माइक लगाकर दातें निपोरने को ओपन माइक डेफिकेशन हिंदी में कहे तो (खुले में हगना ) कहते हैं जो तु कर रहा है।
ये सीनेरियो तेरे साथ होगी तो पंचर वाले भी साथ ना आए तिवारी तो दूर की बात है।आए हैं बड़ी शहीद बोलने।