अगर आपको छात्रों के बीच विश्वास दुबारा पाना है तो ख़ुद से CBI जाँच की अनुशंसा कर दीजिए मुख्यमंत्री जी @HemantSorenJMM नहीं तो आपको पता होगा जब जब छात्र बोला है राज सिंहासन डोला है .
#cbiforjpscjssc
@kunalpratap86 देवेंद्र जी jlkm और कुणाल जी BJP दोनों मिल कर के प्रोटेस्ट बर्बाद कर रहा है।
आपको भी तो बोल गया है इस प्रोटेस्ट से दूर रहने आप क्यों इतना घूस रहे हैं। और शिक्षक का नाम नहीं आता आपका क्यों आता है शुरू दिन से आपको देख रहे है जबरजसती घुस रहे हैं आप दूर रहिए आप भी🙏
@JairamTiger राज्य सभा के चुनाव में किसको समर्थन दे रहे हैं mla जी
कही अंबानी अडानी का विरोध करते करते उन्हीं से समझौता नहीं कर ले।
क्यों कि आज आपका बात से आही लग रहा था?
जब छात्रवृत्ति समय पर नहीं मिलती, तो युवाओं का आत्मविश्वास,तैयारी और भविष्य भी बाधित होता है। सरकार और संबंधित विभाग समझें, छात्र भीख नहीं मांग रहे वे अपना अधिकार मांग रहे हैं। सिर्फ तारीख ही मिल रहा है मंत्री जी से , इतना झूठ बोलेंगे ये उम्मीद नहीं था @chamralindaJMM जी 💔
पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु के मतदाता वोट करने से पहले बीजेपी शासित मध्यप्रदेश की स्थिति देख लें, जहां आदिवासी समुदाय पिछले 15 दिनों से अपनी जमीन बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं लेकिन सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
लानत है ऐसे मुख्यमंत्री पर, जिसे न तो झारखंड प्रदेश के गरीबों पर तरस आती, न आमजनों को बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की सुध रहती और न ही चुनाव जीतने के लिए जनता के सामने किए गए बड़े-बड़े वादों की याद आती।
इनको याद है तो सिर्फ इतना कि किस तरह से अपने लिए ₹100 करोड़ की कीमत वाला शीशमहल बनवाया जाए।
₹67 करोड़ के शीश महल में रहेंगे CM हेमंत।
झारखंडवासी, ध्यान से देखिए आपका ही पैसा फूंका जा रहा है।
राज्य की मासूम जनता को हेमंत सोरेन फिर चूना लगाने जा रहे हैं। जनता की गाढ़ी कमाई से मुख्यमंत्री आवास के नाम पर लगभग ₹100 करोड़ का महल बनाया जा रहा है, जिसके लिए ₹67 करोड़ का टेंडर जारी हो चुका है।
जब युवाओं को नौकरी, छात्रवृत्ति और आदिवासी गांवों में विकास की बारी आती है, तब सरकार फंड की कमी का रोना रोती है। लेकिन अपने ऐशो-आराम के लिए टेंडर और फंड तुरंत मिल जाता है।
मौजूदा टेंडर में फर्नीचर और इंटीरियर का जिक्र भी नहीं है, यानी आगे और बड़ा बजट आएगा। लाखों के टीवी, पर्दे, कुर्सी, अलमारी सब लगेंगे। जिस तरह दिल्ली में अरविंद केजरीवाल के शीश महल की चर्चा पूरे देश में हुई, अब हेमंत सोरेन भी उसी रास्ते पर चलते दिख रहे हैं।
आज अपने असम के चुनावी दौरे में चाय बगान के लोगों से मुलाकात हुई। ये मुलाकात काफी भावुक रहा। हमारे चाय बगान के भाई-बहनों ने अपना दर्द खुलकर बताया।
2016 में भाजपा सरकार ने वादा किया था कि मजदूरी बढ़ाकर ₹351 किया जाएगा, लेकिन आज तक वो वादा पूरा नहीं हुआ।
अब यहाँ के चाय बगान के लोगों ने मन बना लिया है — इस बार कांग्रेस को फिर से सत्ता में लाना है और अपने हक और अधिकार वापस लेना है।
#AssamElections #AssamCongress #TeaTribes
@JairamTiger@JLKMJHARKHAND क्या माननीय जी भूल गए अपना वादा याद दिलाना होगा या याद है
सारे झारखंड के नेता चोर हैं और जो जो इस बार बना है ज्यादा चोरी कर रहा है
@HemantSorenJMM जैसे झारखंड के छात्र और यहाँ के सीधे साधे लोगों को मूर्ख बनाए हो असम के लोग नहीं है cm जी
हम कामना करते है कि आप को एक भी सीट पर जीत नहीं मिलेगा असम में
जोहार झारखंड 🙏
निकम्मे स्वास्थ्य मंत्री का खामियाजा भुगत रहे आमजन!
जमशेदपुर के MGM मेडिकल कॉलेज अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। 13 मार्च को भर्ती हुए सुनील यादव का शव 9 दिन बाद अस्पताल परिसर में कचरे के ढेर के पास मिला है जो सरेआम इरफान अंसारी की नाकामी का सबूत है।
@HemantSorenJMM@JMMKalpanaSoren Pariwar wad se uper aa k jharkhand k chhatro k bare m v sochiye
Janta ne jna desh sirf kud k pariwar k lia nhi dia hai apko
Itna dukhi h hm ki Bs hm chahte hai age kbhi jmm ki sarkar jharkhnd m nhi bne
Jmm murda bad
हेमंत सोरेन जी ने हाल के दिनों में रसोई गैस और पेट्रोल-डीज़ल को लेकर जनता को भड़काने की कोशिश की, हालांकि कर्मठ अधिकारियों ने स्थिति को संभाल लिया।
लेकिन ज़रा झारखंड की उपराजधानी दुमका की वास्तविक स्थिति पर भी नज़र डालिए। जिस दुमका को सोरेन परिवार अपनी जागीर समझता है, उसी दुमका जिले के गोपीकांदर प्रखंड अंतर्गत खड़ीबाड़ी गांव के पहाड़िया टोला में रहने वाले आदिवासी परिवार आज भी शुद्ध पेयजल से वंचित हैं। यहां के लोग मजबूरी में डोभा, ज़ोरिया और झरनों का गंदा पानी पीने को विवश हैं।
स्वच्छ पानी के अभाव में ग्रामीण अक्सर बीमार पड़ रहे हैं और बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं। गांव में लगे चापाकल और जलमीनार वर्षों से खराब पड़े हैं। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
हेमंत जी को पेट्रोल-डीज़ल पर राजनीति करने के बजाय, उन बुनियादी सुविधाओं पर ध्यान देना चाहिए जो सीधे जनता के जीवन से जुड़ी हैं। पेयजल उपलब्ध कराना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है, लेकिन इस दिशा में भी उनकी विफलता साफ दिखाई दे रही है।
@DumkaDc मामले का तत्काल संज्ञान लेते हुए चापाकल और जलमीनार की शीघ्र मरम्मत सुनिश्चित कराएं, तथा जब तक जलमीनार पूरी तरह चालू नहीं हो जाती, तब तक टैंकर के माध्यम से नियमित पेयजल आपूर्ति की व्यवस्था की जाए।
@HemantSorenJMM
Video Credit : @sutibro_goswami
@JairamTiger@JLKMJHARKHAND अरे भाई इस से तो चलता है काम कम और फ़ोटो शूट ज्यादा हो रहा हैं।
बिना फोटो खींचे काम नहीं होगा दिखावा नहीं काम कीजिए माननीय विधायक जी।