मौत आए तो पण्डित नेहरू जैसी… — कि विरोधी रोए, विपक्षी रोए, दोस्त रोए, दुश्मन रोए, सारा जहाँ रोए। —
सन् 1964 में आज ही के दिन जब पण्डित नेहरू का निधन हुआ तो तत्कालीन रक्षामंत्री वाई.बी. चव्हाण अमेरिका दौरे पर थे। — समस्या थी — अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली कैसे पहुँचा जाए? —
जिस विमान से भारतीय दल गया था, वह छोटा था। स्पीड कम थी। रास्ते में कई जगह रुकना पड़ता। —
जब यह बात अमेरिकी राष्ट्रपति लिंडन जॉनसन तक पहुँची तो उन्होंने अपना आधिकारिक विमान भारत के प्रतिनिधिमंडल के लिए उपलब्ध कराया। —
लेकिन एक और बाधा थी। पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस बंद कर रखा था। अगर रास्ता बदलते तो दिल्ली पहुँचने में कई घंटे और लगते। —
फिर पाकिस्तान से संपर्क हुआ। और पण्डित नेहरू के सम्मान में पाकिस्तान ने अपना एयरस्पेस खोल दिया। —
सोचिए… जिस नेता के निधन पर अमेरिका अपना राष्ट्रपति विमान दे दे, और पाकिस्तान अपना आसमान खोल दे… उस नेता का क़द क्या रहा होगा। —
ये था पण्डित जवाहरलाल नेहरू का वैश्विक सम्मान। —
विनम्र श्रद्धांजलि 🙏 #Nehru
#घोरकलजुग
इसके भोली सी सूरत पर न जाओ –
इसका नाम मेरीन जैकब पलाथ उर्फ मरियम हैं। ये पालक्काड़ु, केरल की रहने वाली हैं। ये आतंकी संगठन ISIS की सदस्य है और नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी (NIA) की मोस्ट वांटेड लिस्ट में शामिल हैं।
अगर आपको इस भोली सूरत वाली लड़की के संबंध में कोई सूचना या जानकारी मिले तो अविलंब NIA के मोबाइल 9654409233 एवं व्हाट्सएप 858593110 पर सूचित करें।
एक पेड कैंपेन चलवाई जा रही है कि ऑफिशियल डॉक्यूमेंट्स लीक कैसे हुए ,
डिपार्टमेंट्स कितनी RTI के जवाब देते हैं? हमने 500 RTI डाल रखी हैं अब तक मुश्किल से 50 का भी जवाब सही से नहीं आया है ,
या तो जवाब मिलता है तो आधा अधूरा , असली बात तो यही है कि देश में ट्रांसपेरेंसी क्यों नहीं है ? कैसे इन अधिकारियों की एकाउंटेबिलिटी फिक्स की जाए ?
खुरपेंच टीम का उद्देश्य संवैधानिक दायरे में रहकर सिस्टम को अकाउंटेबल और ट्रांसपेरेंट बनाने का है। जय हिंद जय भारत ,
I LOVE MY COUNTRY MORE THAN ANYTHING ELSE
मौत से पहले का आखिरी ऑडियो आया सामने...
HOD से कहा- 'मैम! किस-किस को खुश करूँ?'
हरियाणा के अंबाला की रहने वाली और देहरादून के श्री गुरु राम राय (SGRR) मेडिकल कॉलेज में एमएस (MS) की छात्रा डॉ. तन्वी के सुसाइड मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है। खुदकुशी से पहले डॉ. तन्वी ने अपनी विभाग अध्यक्ष (HOD) डॉ. प्रियंका गुप्ता के साथ हुई करीब आधे घंटे की बातचीत रिकॉर्ड की थी, जो अब सोशल मीडिया और मीडिया के सामने आई है।
"पापा! अब रिकॉर्डिंग दिखानी ही पड़ेगी"
डॉ. तन्वी के पिता ललित मोहन ने बताया कि 24 मार्च की रात बेटी से एक घंटा बात हुई थी। तन्वी बहुत परेशान थी और उसने रोते हुए कहा था, "पापा अब सहन नहीं हो रहा, बहुत परेशान हो गई हूँ। अब यह रिकॉर्डिंग मैनेजमेंट को दिखानी ही पड़ेगी।" पिता ने उसे ढांढस बंधाया और अंबाला से देहरादून के लिए निकल पड़े, लेकिन जब तक वे पहुँचे, तन्वी दुनिया छोड़ चुकी थी।
ऑडियो में छलका डॉ. तन्वी का दर्द
सामने आए ऑडियो में डॉ. तन्वी और HOD के बीच की तल्खी साफ सुनी जा सकती है:
तन्वी: "मैम, आप बताओ मैं किस-किस को खुश करूँ और कैसे? मैंने तो ऐसा कुछ भी नहीं किया।"
HOD: "आई एम नॉट टारगेटिंग यू, बस बता रही हूँ... तुमसे सब नाखुश हैं।"
तन्वी: "मैम, मैं जितनी इंट्रोवर्ट हूँ, दो से ज्यादा लोगों से इकट्ठे बात नहीं कर सकती। मुझे अपने स्पेस में रहना और काम करना पसंद है।"
पार्किंग में नहीं, सड़क किनारे मिली बेटी की कार
पिता ललित मोहन जब रात ढाई बजे देहरादून पहुँचे, तो पार्किंग में तन्वी की कार नहीं थी। तलाश करने पर पेट्रोल पंप के पास कार खड़ी मिली। मोबाइल की टॉर्च जलाकर देखा तो तन्वी ड्राइविंग सीट पर बेसुध थी। हाथ में कैनुला लगा था और करीब 100 एमएल की खाली बोतल पास पड़ी थी। पत्थर से शीशा तोड़कर उसे अस्पताल ले जाया गया, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
करियर की ऊंचाई पर था 'टॉपर' का सफर
महज 25 साल की उम्र में मास्टर ऑफ सर्जरी (MS) पूरी करने वाली तन्वी बचपन से ही टॉपर रही थीं। इसी साल जुलाई में उनके फाइनल एग्जाम थे। परिवार का सपना था कि बेटी बड़ी डॉक्टर बनेगी, जिसके लिए माँ भी उनके साथ देहरादून में रह रही थीं।
HOD डॉ. प्रियंका गुप्ता पर FIR दर्ज
देहरादून पुलिस ने परिजनों की शिकायत के आधार पर नेत्र विज्ञान विभाग की प्रमुख डॉ. प्रियंका गुप्ता के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पिता का आरोप है कि पुरानी HOD के जाने के बाद नई HOD तन्वी को नंबर काटने और फेल करने की धमकी देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रही थीं।
अंतिम विदाई में हर आँख नम
गुरुवार सुबह अंबाला सिटी के रामबाग में डॉ. तन्वी का अंतिम संस्कार किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और रिश्तेदार इस होनहार बेटी को विदाई देने पहुँचे। पिता ने भारी मन से बेटी की चिता को मुखाग्नि दी।
🚨 ब्रेकिंग: यह संसद में सुने जाने वाले सबसे Savage भाषणों में से एक है 🔥
Kirti Azad को बिल्कुल भी हिचकिचाहट नहीं हुई 😭
“नरेंद्र मोदी ने गटर गैस का फॉर्मूला दिया था। अगर उसे लागू कर दिया गया होता, तो आज रसोई गैस की कोई कमी नहीं होती।” 🔥😂
बिहार में एक राजपूत समाज की बेटी का पासवान समाज के 5 लड़कों ने रेप करके कुएं में फेंक दिया,
एक मिनट के लिए आप जाति बदल दीजिए ,तब महाशय नीला गमछा डालकर बिहार पहुंच कर भोंगा पसार रहे होते।
Note: अपराधों में जातियां देखना बंद कीजिए , तब ये घटनाएं बंद होंगी, वरना करते रहिए जाति जाति का प्रलाप।
बात ये नहीं कि ईरान हारेगा,
बात ये नहीं कि ईरान बर्बाद हो जाएगा,
बात ये नही कि ख़मनाई मारे गए,
बात ये है कि,
जिन देशों के सामने लोगों का तरल पदार्थ निकल जाता है, वो उनसे भिड़ गया है।
जो ट्रेड डील की धमकी देकर सीजफायर करवा देता है, उसके खिलाफ ईरान मैदान में है।
जज्बा...आत्मसम्मान.......
यह Raghav Chadha तो middle class और गरीब लोगों के पीछे हाथ धोकर पर गया है
संसद में उन्होंने अब टेलीकॉम कंपनियों द्वारा Prepaid Recharge खत्म होने पर
Incoming Calls बंद करने के मुद्दे को मजबूती से उठाया
Prepaid Recharge खत्म होते ही Incoming Calls ब्लॉक करना
उन बुजुर्गों और गरीबों के साथ अन्याय है जो सिर्फ Emergency Updates और OTPs के लिए फोन रखते हैं
Incoming Calls बंद करना गरीब, बुजुर्गों और Low-income users के साथ अन्याय है
बिना डेटा इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए Validity Plans को अनिवार्य बनाना एक Financial Burden है
जरूरी OTPs, Job Updates और Emergency Information प्राप्त करना हर नागरिक का अधिकार होना चाहिए
एक बुनियादी जरूरत को व्यापार का साधन नहीं बनाना चाहिए। इस पर तुरंत TRAI को एक्शन लेना चाहिए
मैं दूर संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया जी से पूछना चाहती हूँ कि......
सिम मेरा, मोबाइल मेरा, नंबर भी मेरा…!
फिर ये कहां का इंसाफ है कि इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगा दिया जाए?
बैलेंस खत्म हुआ तो आउटगोइंग बंद हो जाए, ये तो समझ में आता है, क्योंकि एक सेवा मैने ले रखी है।
लेकिन इनकमिंग कॉल भी बंद कर देना, क्या ये सही है?
कॉल तो सामने वाला कर रहा है, उसका पैसा कट रहा है…!!
फिर मेरे नंबर पर “ताला” क्यों❓
क्या अब मोबाइल रखना भी “मासिक टैक्स” देने जैसा हो गया है?
रिचार्ज करो तो नंबर जिंदा, नहीं तो पूरी तरह बंद!
गांव के मजदूर, छोटे दुकानदार और छात्र....
जिनके लिए मोबाइल सिर्फ जरूरत है, शौक नहीं, उनके लिए यह नियम किसी सजा से कम नहीं है।
पहले कहा जाता था, “लाइफटाइम इनकमिंग फ्री”
अब हाल ये है कि रिचार्ज नहीं तो पहचान भी खत्म!
सोचिए…
अगर किसी गरीब के पास पैसे नहीं हैं,
तो क्या उसका नंबर बंद कर देना ही समाधान है?
क्या उससे उसका संपर्क छीन लेना सही है?
मोबाइल आज सिर्फ सुविधा नहीं, बल्कि जरूरी पहचान और जिंदगी की लाइन बन चुका है।
बैंक से लेकर नौकरी तक, सब कुछ इसी नंबर से जुड़ा है।
फिर भी अगर इनकमिंग कॉल पर भी ताला लगाया जा रहा है,
तो सवाल उठना लाज़मी है…!
क्या यह सिर्फ बिजनेस है…❓
या फिर धीरे-धीरे लोगों को मजबूर करके
हर महीने पैसे निकलवाने का तरीका?
सोचिए… और बताइए!
क्या आप भी इसे सही मानते हैं❓
या यह आम आदमी की मजबूरी का फायदा उठाना है?
अगर आप सहमत हैं तो खुलकर आवाज उठाइए, वरना तो जैसा चल रहा है चल ही रहा है।
@JM_Scindia@DoPTGoI@narendramodi@AmitShah
इस पोस्टर से शहीद भगत सिंह जी वैसे ही गायब हैं जैसे,
न्याय के मंदिर से न्याय ,
शिक्षा मंत्रालय से शिक्षा,
स्वास्थ्य मंत्रालय से स्वास्थ्य,
पुलिस डिपार्टमेंट से पुलिसिंग,
अहिंसा चौक से अहिंसा ,
समतामूलक चौक से समता ,
PWD डिपार्टमेंट से क्वालिटी इन्फ्रास्ट्रक्चर,
अस्पताल से डॉक्टर,
पक्ष से उम्मीद,
विपक्ष से आशा,
FSSAI से ईमानदारी,
लोगों के मन से प्रेम,
MSME मंत्रालय से MSME यूनिट्स का विकास की फाइल,
बाल विकास एवं महिला सशक्तिकरण मंत्रालय से विकास और सशक्तिकरण,
सरकारी डिपार्टमेंटों से ईमानदारी,कर्मठता और एफिशिएंसी,
तमाम प्रोडक्ट्स से शुद्धता,
सदनों से डिबेट,
अफसर शाही से एफिशिएंसी और ईमानदारी।
धर्म की बातें अगर कोई धर्मगुरु बोले तो अच्छे से सुनिए। धर्म की बात कोई शंकराचार्य पुजारी पादरी या मौलवी बोले तो अच्छे से सुनिए।
लेकिन धर्म की बात जिस दिन कोई नेता बोले तो समझ जाइए वह बेरोजगारी छुपा रहा है महंगाई छुपा रहा है पेपर लीक छुपा रहा है अपनी नाकामी छुपा रहा है।
मौत आए तो पण्डित नेहरू जैसी… कि विरोधी रोए , विपक्षी रोए , दोस्त रोए , दुश्मन रोए , सारा जहाँ रोया ।।
सन् 1964 में 27 मई के दिन जब पण्डित नेहरू जी का निधन हुआ तो तत्कालीन रक्षामंत्री वाई बी चव्हाण रक्षा सौदे के लिए अमेरिका गए हुए थे ।। सूचना मिली तो चव्हाण साहब के साथ वहाँ गया पूरा अमला बिह्वल हो उठा ।।
अगली समस्या यह थी कि जल्द से जल्द और अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली कैसे पहुँचा जाए , क्योंकि जिस हवाई जहाज़ ये पूरी टीम अमेरिका गई थी वह छोटा एयरक्राफ़्ट था , स्पीड कम थी और कम से कम दो जगह रीफ़्यूलिंग के लिए रुकना पड़ता ।।
बात अमेरिकी राष्ट्रपति जॉनसन तक पहुँची ।। उन्होंने आदेश दिया कि उनका आधिकारिक जहाज़ वाई बी चव्हाण और टीम लेकर फ़ौरन दिल्ली के लिए निकलेगा ।। ये लोग जहाज़ में बैठने को थे कि अमेरिका प्रशासन से आग्रह आया कि क्या आप अपने जहाज़ में हमारे दो राजनयिकों को जगह दे सकते हैं ??
ख़ैर , सबको लेकर जहाज़ उड़ा तो पता चला कि बिना रुके उड़ने के बावजूद पण्डित जी के अंतिम संस्कार से पहले दिल्ली नहीं पहुँच सकते क्योंकि 1962 के युद्ध के कारण पाकिस्तान का एयर स्पेस नो फ्लाई जोन है इसलिए ईरान के बाहर से उड़ कर दक्षिण भारत की ओर से घूम कर भारत में घुसना पड़ेगा। जिसमें 2 से 3 घंटे का समय और लगेगा ।।
लेकिन बात तो पण्डित नेहरू की थी !! पाकिस्तान से संपर्क किया गया और उन्होंने अपना एयर स्पेस खोल दिया ।। अब हवाई जहाज़ को पाकिस्तान के ऊपर से उड़ कर सीधे दिल्ली पहुँचने की अनुमति थी ।। चव्हाण साहब दिल्ली पहुँचे और अंतिम दर्शन में शामिल हुए ।।
ये था पण्डित नेहरू का क़द ......!! जिसके सम्मान में दुनिया सबसे शक्तिशाली देश भी आगे बढ़ कर मदद करता है और दुश्मन देश का दिल भी पसीज जाता है ।।
आधुनिक भारत के निर्माता , दुरदर्शी सोच के लीडर , भारत को अपने पांव पर खड़े करने वाले , प्रथम और पुर्व प्रधानमंत्री पण्डित जी को विनम्र श्रद्धांजलि 💐🙏💐
( नेहरू जी अंतिम यात्रा की ये रियल फोटो हैं )
#JawaharlalNehru
#FormerPrimeMinister
#pankaj
महाशिवरात्रि के अवसर पर हरियाणा के कुछ युवक मोटरसाइकिल से कांवड़ लेने उत्तराखंड गए थे
इन युवकों ने अपनी मोटरसाइकिल के साइलेंसर हटवा रखे थे जिसकी वजह से मोटरसाइकिल बहुत तेज आवाज कर रही थी
पहाड़ों में रहने वाले लोग इस शोर से काफी परेशान हो गए
जब स्थानीय लोगों ने उन्हें देखा तो रोक लिया और उनकी ही मोटरसाइकिल से निकलने वाली तेज आवाज उन्हें सुनाई
ताकि उन्हें एहसास हो सके कि दूसरों को कितनी परेशानी हो रही है
आजकल भक्ति के नाम पर दिखावा ज़्यादा देखने को मिलता है
आस्था अपनी जगह है लेकिन अगर उससे दूसरों को कष्ट होने लगे तो सोचने की ज़रूरत है
पता नहीं लोग कब समझेंगे कि भक्ति के साथ जिम्मेदारी भी उतनी ही ज़रूरी है
🕊️ Aruna Shanbaug – A True Story
अरुणा शानबाग KEM Hospital, Mumbai में नर्स थीं।
वे ईमानदार और मेहनती स्टाफ के लिए जानी जाती थीं।
1973 में एक सफाई कर्मचारी अपने काम मे कामचौरी कर्ता था,जिसको देखने के बाद
अरुणा ने उसकी शिकायत अधिकारियों से कर दी।
इससे वह नाराज़ हो गया और बदला लेने लगा।
27 नवंबर 1973 की रात उसने अरुणा पर हमला किया,
रेप किया.. गला दबाया जिससे उनके दिमाग को ऑक्सीजन नहीं मिली।
इसके बाद अरुणा को गंभीर ब्रेन डैमेज हुआ
और वे कोमा जैसी अवस्था में चली गईं।
वे न बोल सकती थीं, न चल सकती थीं,
लेकिन उनका दिल धड़कता रहा।
KEM Hospital के डॉक्टर और नर्सों ने
42 साल तक उनकी बेटी की तरह देखभाल की।
कोई रिश्तेदार नहीं आया,
अस्पताल ही उनका परिवार बन गया।
2011 में दया मृत्यु की मांग उठी,
लेकिन कोर्ट ने अनुमति नहीं दी।
2015 में निमोनिया से उनका निधन हो गया।
अरुणा सिर्फ एक मरीज नहीं थीं,
वो इंसानियत, संघर्ष और हिम्मत की मिसाल थीं।
🙏 सलाम इस जज़्बे को
ARUNASHANBAUG
सोचो,
आज ही के दिन पुलवामा हमले में हमारे 40 जवान शहीद हो गए थे,
पूरे परिवार तबाह हो गए,
और जिन लोगों ने ये अपराध किया, उन लोगों के साथ कल हमारा मैच है।
क्या बेशर्मी है......
इन 40 परिवारों को क्या मुंह दिखाओगे @BCCI ?
एयर इंडिया के उस दर्दनाक विमान हादसे में 242 लोग सवार थे। 241 लोगों की मौत हुई (total 260) और सिर्फ 1 यात्री ज़िंदा बचा। मृतकों में गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी शामिल थे।
इतना बड़ा हादसा देश को झकझोर देने वाला था। कुछ महीनों तक चर्चा हुई, फिर मामला जैसे सार्वजनिक बहस से धीरे-धीरे गायब हो गया। और अब अचानक एक विदेशी अख़बार में दावा आता है कि
“पायलट ने जानबूझकर फ्यूल स्विच बंद किए।”
सवाल ये है
अब क्यों?
आधिकारिक अंतिम जांच रिपोर्ट कहाँ है?
क्या यह तथ्य है या किसी नैरेटिव को आगे बढ़ाने की कोशिश?
किसे फायदा है इस नई कहानी से?
इतने बड़े हादसे में सच पारदर्शी और आधिकारिक रूप से सामने आना चाहिए, न कि टुकड़ों में सुर्खियों के जरिए।
आप क्या सोचते हैं?