हुज़ूर ﷺ ने फ़रमाया,
रश्क तो बस दो ही आदमियों पर हो सकता है
1) जिसे अल्लाह ने कुरान का इल्म दिया हो और वह रातों के क्याम में कुरान पढ़ता हो
2)वह मालदार जो दिन रात अपना माल अल्लाह की राह में खर्च करता है...!!!
(बुखारी 5025)
आज थोड़ी सी खुशी चुरा लूँ क्या
आपका नाम अपनी हँसी में छुपा लूँ क्या
एक बार जो नज़र भर देख लूँ आपको
फिर उस पल को उम्र भर संभाल लूँ क्या
दिन यूँ ही आपकी यादों में ढल गया
रात को भी आपके ख्यालों में सजा लूँ क्या
मेरा कमरा आज भी थोड़ा तन्हा सा है
कहो तो अपनी दुआओं में आपको बसा लूँ क्या
और जो बात दिल कब से छुपाए बैठा है
आज सबसे छुपा कर आपको अपना बता दूँ क्या
S🖤Q❤️R
लहज़े, सलीके बड़े मायने रखते हैं..!!
सलीका वो चीज़ है जनाब जो ख़ाली जेब में भी इज़्ज़त दिला देता है..!!
लफ़्ज़ तो सबके पास होते हैं..!!
पर उन्हें मोती बनाकर पहनना सबको नहीं आता
इसीलिए कहते हैं इंसान की क़ीमत शक्ल
से नहीं, लहज़े, से होती है..!!
#Mr_Shaikh________✍🏻
बारिश की बूंदों की भी कुछ तो चाहत रही होगी💕💕💕💕💕
शायद किसी से मिलने की ज़िद या कोई वजह अधूरी होगी 💕💕💕
वरना यूँ ही अपना मुकाम छोड़ कर इतना नीचे कौन आता💕💕💕
हर गिरने वाला बेवजह अपनी ऊँचाइयाँ नहीं गंवाता चाहता 🦋🦋
यूँही लगता है वो ख़याल है....!!
इक शख़्स मेरी ज़िंदगी में बेमिसाल है
ना होते हुए भी हर जगह मौजूद..!!
ना बोलते हुए भी हर बात में शामिल
#Mr_Shaikh_______✍🏻