This Brahmin girl had committed suic!de after her video of sexual assault was made viral by 5-7 accused. The parents of the girl has said that she was g@ng r@ped in Meerut. Later her videos were uploaded on different social media platforms. She was studying in class 11th. No media investigated and shown her case. An incident from Meerut, UP.
Pujaris are dying in the Ram Rajya of a CM who also comes from a temple. 65-year-old Pujari was serving in a Hanuman temple for the last 20 years. Multiple times he complained about the miscreants in the police station but no action was taken. Now, 4-5 men has SIit his throat and beaten him to de@th. This is not a first time that Pujari was kiIIed in such a brutaI manner. An incident from Bhadohi, UP.
Vice - President of JSRS Raipur is now in jail because he was saving our Gau Mata from being slaughtered.
We request to give us justice. Give us back our Gau Rakshak
@CG_Police @ChhattisgarhCMO @RaipurPoliceCG @brijmohan_ag, this arrest is unacceptable. #westandwithharshmishra
श्रीरामलला प्राणप्रतिष्ठा का मुहूर्त भी शास्त्रीजी ने निकाला था। तब व्यक्तियों ने शास्त्रीजी पर पक्षपाती होने के आरोप लगाए क्योंकि शास्त्र का उल्लङ्घन हो रहा था किन्तु पुराने पीढ़ियों के विद्वान होने के कारण किसी ने खुलकर कुछ नहीं कहा... किन्तु अब सीधे प्रस्तावक ही बन गए हैं।
'रखेल'शब्द किसी समय में स्त्रियों के लिए गाली हुआ करता था परंतु आज के समय में यही शब्द आंग्लभाषा में 'लिव-इन रिलेशन'बनकर पढ़ी-लिखी,प्रगतिवादी व खुले विचारों वाली युवतियों द्वारा गर्व से किया जाने लगा है। प्रगति के नाम पर मनुष्य पशु बन रहें है।
पहले इस्तेमाल करें फिर विश्वास करें
@ABKMOfficialIN आपके समूह ने ये किस दुराचारी को शंकराचार्य के रूप में दर्शाया है? यह स्वघोषित है एवं शंकराचार्य परंपरा से इसका कोई संबंध नही है। वर्तमान के शंकराचार्य कौन है आपको ज्ञात नही है क्या? अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि हिंदू अपने आचार्यों को ही नही पहचानते है। इसे सुधारें।
@ABKMOfficialIN से अनुरोध है की स्वयंभू नकली शंकराचार्य को प्रचारित करके क्षत्रीय राजघरानो के साथ साथ जगद्गुरु पुरी पीठ शंकराचार्य जी की छवि को धूमिल करने का दुस्साहस ना करे।
और यदि त्रुटिवश ऐसा हुआ है तो शीघ्र सुधार करे, शंकराचार्य केवल चार ही होते हैं इतना भी ज्ञान नहीं हैं?
BJP IT cell is targeting the supreme Dharmguru Puri Shankaracharya for ordering to follow the scriptural rules in the Ram Mandir programme.
Whereas, listen to the true Hindu leaders about Shankaracharya JI. ⬇️
#WeSupportShankaracharya
अरे वाह! कांग्रेस अचानक से शंकराचार्यों की हितैषी हो गई 😱😂 शास्त्रों का विषय है, इस पर भी अपनी राजनैतिक रोटी सेक ली। कांग्रेस बिन पेंदे का लोटा है और कुछ नही। इतने ही शंकराचार्यों के अनुयाई हो तो उनके किस सिद्धांत के तुम समर्थक हो ये बता दो। वर्णाश्रमधर्म? मनुवाद?
एक पूरा संगठन मेरे धर्म का ठेकेदार बनाकर बैठा है, इनकी पूरी IT सेल चारों पीठों के शंकराचार्यों के खिलाफ एक मुहीम छेड़कर बैठी है।
इस पूरे आयोजन में कहीं भी धर्म, नीति और आस्था नहीं दिखाई दे रही, सिर्फ राजनीति दिखाई दे रही है।
मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी की तारीख का चुनाव नहीं किया गया है, बल्कि चुनाव देखकर तारीख तय की गई है।
किसी एक व्यक्ति के राजनीतिक तमाशे के लिए हम अपने भगवान और आस्था के साथ खिलवाड़ होते हुए नहीं देख सकते।
मंदिर निर्माण का कार्य विधिवत पूरा हो, लेकिन इसमें किसी प्रकार का राजनीतिक दखल कोई भी भक्त बर्दाश्त नहीं करेगा।
: @PawanKhera जी
भाजपा के दल्ले थकते नही जगद्गुरु जी का दुष्प्रचार करते? सनातन धर्म के सर्वोच्च आचार्य है वे, उन पर कौनसी आफत आन पड़ेगी जो उन्हें किसी मजार जाना पड़ेगा? 😂 अंतिम बात यही है कि धार्मिक और दार्शनिक धरातल पर उनके सामने टिक नहीं सकते, इसलिए उनके खिलाफ दुष्प्रचार कर रहे हो।
जब से सर्वोच्च धर्मगुरु पुरी शंकराचार्य जी ने राम मन्दिर के विषय मेें अपना शास्त्रीय मत रखा है, तब से उनकी छवि बिगाड़ने का कार्य बीजेपी आईटी सेल द्वारा किया जा रहा है!
जगद्गुरु जी के साथ वाले व्यक्ति स्वामी अरविन्द को मौलवी तथा समाधि स्थल को मजार बता कर प्रस्तुत किया जा रहा हैं।
जब से सर्वोच्च धर्मगुरु पुरी शंकराचार्य जी ने राम मन्दिर के विषय मेें अपना शास्त्रीय मत रखा है, तब से उनकी छवि बिगाड़ने का कार्य बीजेपी आईटी सेल द्वारा किया जा रहा है!
जगद्गुरु जी के साथ वाले व्यक्ति स्वामी अरविन्द को मौलवी तथा समाधि स्थल को मजार बता कर प्रस्तुत किया जा रहा हैं।
अब भी किसी को संशय है कि भाजपा नकली शंकराचार्य की पोषक है या नही? इस हुर्रियत के एजेंट, साइकिल चोर, आतंकवादी को सरेआम शंकराचार्य बनाकर भाजपा भी घुमा रही है और इसे मंच प्रदान कर रही है।
सोरांव, प्रयागराज में पूज्य जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अधोक्षजानंद जी महाराज व पूज्य आचार्य गोपाल शास्त्री योगी आनंद जी महाराज एवं संपादक श्री मनोज मिश्रा जी तथा जनप्रतिनिधियों व पार्टी पदाधिकारियों के साथ युनाइटेड भारत समाचार के स्थापना दिवस पर सम्मिलित होकर नए प्रिंटिंग प्रेस का शुभारंभ किया।
@narendramodi@PMOIndia@JPNadda@BJP4India@BJP4UP
#VisitToPrayagraj
@kpmaurya1 किस बात के शासक हो जब तुम्हे अपने आचार्यों तक का ज्ञान नही है ?! इस साइकिल चोर, हुर्रियत के एजेंट, आतंकवादी को शंकराचार्य का भेस कांग्रेस ने प्रदान किया और तुम भाजपाई इसका पोषण कर रहे हो! गोवर्धन मठ के शंकराचार्य, जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद सरस्वती जी महाराज है।
यह कल की तस्वीर है जिसमे उत्तर प्रदेश के उप. मुख्यमंत्री @kpmaurya1 भी पुरी पीठ का नकली शंकराचार्य बनकर घूमने वालेे अधोक्षजानन्द जैसे पाखंडी के साथ मंच साझा कर उसे पुरी शंकराचार्य जी के विरुद्ध समर्थन कर रहे है।
जगद्गुरु जी के धैर्य की परीक्षा ना ली जाए... !
#Arrestadhokshjanand
@myogiadityanath
राजपीठ अथवा राजतंत्र सदैव से ही व्यासपीठ का अनुगामी रहा है। चाणक्य चंद्रगुप्त हो,सुधन्वा और कुमारिल भट्ट हों, महर्षि नारद और प्रह्लाद हों, भगवान राम और विश्वामित्र हों, इत्यादि इत्यादि।
जिसने जिसने व्यासपीठ का तिरस्कार किया उसको मुंह की खानी पड़ी।
@haribhoomicom@RajuSha98211687 यह सर्वविदित है कि चार ही शांकर पीठ है। अगर इतने बड़े मीडिया हाउस होकर आपको उन पाठों के वर्तमान आचार्यों का भी ज्ञान नही है तो अपना मीडिया हाउस बंद कर दीजिए, क्योंकि जानकारी इकट्ठा करना ही तो प्रमुख कार्य है आपका, वह भी नही कर पा रहा है।
@haribhoomicom न्यूज वेबसाइट पर @RajuSha98211687 द्वारा लिखित आर्टिकल मेें अधोक्षजानन्द जैसे स्वघोषित व्यक्ति को किस कारण शंकराचार्य बता कर प्रचारित किया जा रहा है?
सर्वविदित है की चार ही शंकराचार्य पीठ होते है, शीघ्र सुधार करे अन्यथा कार्यवाही की जाएगी।
https://t.co/Br0qwdrsGb
उड़ीसा उच्च न्यायालय द्वारा इस स्वघोषित दुष्ट आतंकवादी अधोक्षजानंद को गोवर्धन मठ, पूरी पीठ के 1 km के दायरे में घुसना भी निषिद्ध है। इसको @haribhoomicom (पब्लिकेशन) & @RajuSha98211687 (के लेख) द्वारा शंकराचार्य के तौर पर प्रचारित करना मान्य न्यायालय की अवमानना करना ही है।
जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी श्री निश्चलानंद जी महाराज जी को इस हुर्रियत के नेताओं के साथ जुड़े हुए आतंकवादी अधोक्षाजानंद के साथ दिखाने की हिम्मत कैसे हुई मीडिया वालो की ?! दोनो एक स्तर के है क्या? उस आतंकवादी को क्यों बढ़ावा दिया जा रहा है? #boycott_aajtak_news
नकली शंकराचार्य को मीडिया द्वारा सर्वत्र दिखाया जाना किस प्रकार सही है? इस दुष्ट अधोक्षजानंद को शंकराचार्य बनाकर क्यों घुमाया जा रहा है? इसके हुर्रियत के नेताओं के साथ संबंध ज्ञात है या नही?