@abhisar_sharma@DCPNewDelhi@DelhiPolice कितनी निर्दयता से देश के युवाओं को पीटा जा रहा है,
क्योंकि देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आत्मीयता मर चुकी है ।
दिल्ली पुलिस के अधिकारी जनरल डायर की भूमिका में हैं
इतिहास में इनका नाम लिखा जाना चाहिए
आप ने कहा घंटी बजा कर कोरोना भगाओ हमने घंटी बजाई लेकिन मोदी तुम आज कहां हो कहा हो तुम.
यह बात प्रदर्शन करने आई एक युवती ने कही है और साथ ही यह भी मानी है कि हां मैं पुरानी अंधभक्त थी.
अब डिटेन कर ली गई है.
"ये तो बड़ी खतरनाक पोजीशन है.. बंदूकें तनी हैं.. निशाना सधा है.. क्या प्रदर्शनकारियों को जान से मारने की तैयारी है!!"
प्रदर्शनकारी सिर्फ अपने भविष्य के लिए ही तो इस स्थिति में पहुंचे हैं.. सरकार से तमाम बार इंसाफ की गुहार लगाई.. नहीं सुन रहे तो ऐसे ही हालात लाजिमी हैं.. अब वो यहां तक चले गए तो गोली ही मार दोगे क्या!!
अगर ऐसा है तो क्या सत्ता पलट नहीं हो जाएगा!! आज का माहौल देखकर मुझे ऐसा क्यों लग रहा है कि देश में कुछ बड़ा होने वाला है??
#MonsoonSession #Parliament #Delhi #Protest #Cockroach #CockroachJantaParty #Neet #LathiCharge #TearGas #Government #IndiaDisappointed
बड़ी खबर-
विद्यार्थियों के आक्रोश ने आज संसद को सन्न कर दिया।
सत्ता के कान जब ज़मीन की आहट सुनने से इंकार कर देते हैं, तो आक्रोश का ऐसा ही सैलाब उमड़ता है।
दिल्ली | जंतर-मंतर पर CJP के विरोध मार्च में प्रदर्शनकारियों को भीड़ नियंत्रण के नाम पर लाठियों से कुटा गया ,
सवाल यह है कि क्या अब सरकार के खिलाफ आवाज उठाना भी अपराध माना जाएगा? लोकतंत्र में संवाद की जगह बल प्रयोग और दमन की राजनीति चिंता का विषय बनती जा रही है।
NSUI, IYC के प्रेसिडेंट और हमारे कांग्रेस प्रेसिडेंट लगातार सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. लेकिन यह कहना कि प्रधानमंत्री ने “टोन सेट” कर दिया है, आखिर उसका मतलब क्या है?
क्या प्रधानमंत्री ने राजनाथ सिंह के इस्तीफ़े के लिए कोई टोन सेट किया, जबकि 13 महीने तक शहादतों को छिपाए जाने के आरोप लगे? क्या प्रधानमंत्री ने राम मंदिर से जुड़े कथित लूट के आरोपों पर कोई टोन सेट किया? क्या प्रधानमंत्री ने युवाओं के लगातार हो रहे पेपर लीक पर कोई स्पष्ट बात की?
अगर इन गंभीर मुद्दों पर प्रधानमंत्री मौन रहते हैं, तो ऐसे एकतरफ़ा मोनोलॉग का लोकतंत्र में कोई स्थान नहीं है. लोकतंत्र संवाद से चलता है, केवल मोनोलॉग से नहीं.
#MonsoonSession
❗ संसद के दरवाजे बंद, आंसू गैस छोड़ी
दिल्ली में युवाओं का प्रदर्शन बेकाबू होता जा रहा है।
भीड़ संसद भवन के करीब पहुंच रही है। संसद भवन के दरवाज़े बंद कर दिए गए हैं।
पुलिस बेरहमी से लाठीचार्ज कर रही है, आंसू गैस के गोले दागे जा रहे हैं।
प्रधानमंत्री को संसद परिसर से बाहर ले जाने की ख़बर भी आ रही है। अभी इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच कॉकरोच जनता पार्टी के कुछ नेताओं को जेपी नड्डा से चर्चा के लिए बुलाया गया है।