जिस दिन इसरो के 150 वैज्ञानिकों ने इस्तीफ़ा दिया था उस दिन मैंने लिखा था कि अब इसे अदानी को बेच दिया जाएगा।
आज वो दिन आ गया है।
भागवत बेकार ही लंदन में हिंदू राष्ट्र की बात कर रहे हैं।
मोदी ने भारत को अदानी राष्ट्र बनाने की क़सम खाई है।
काँग्रेस इसका विरोध कर रही है।
काँग्रेस नहीं, राहुल कहिए।
बाकी दल चुपचाप हैं।
सबको अदानी के पैसे चाहिए।
लेफ्ट के विरोध का अब कोई मतलब नहीं रह गया है।
भारत की लुंपेन या लंपट जनता ने लेफ्ट को नकार दिया है। उसे पूँजीपतियों के पॉटी खाकर ज़िंदा रहना बहुत अच्छा लगता है।
ऐसे में इसरो के बाद, आज नोट कर लेना, भारतीय सेना का भी निजीकरण होगा।
आज ये आपको असंभव लगता है, लेकिन अगर मोदी सरकार 2029 तक रह गई तो ऐसा बिल्कुल होगा।
अभी तक आपने Minimum Government Maximum Governance का मतलब नहीं समझा है।
मेरे लिए व्यक्तिगत तौर पर ख़ुशी की बात है कि 2014 में क्रिमिनल लोगों की सरकार आने के बाद जो कुछ भी मैंने इस पटल पर लिखा है, सब कुछ सही साबित हुआ है।
यहाँ तक कि आज हिंदी के मूर्धन्य पत्रकार भी मेरी बातों को बिना मुझे क्रेडिट दिए बोल रहे हैं।
मसलन मैंने कहा था कि बिना क्रिमिनल मनोविज्ञान का गंभीर विद्यार्थी हुए आप मोदी की राजनीति को नहीं समझ पाएँगे।
कल शीतल पी सिंह यही दुहरा रहे थे अपने पॉडकास्ट में।
ऐसे सैकड़ों उदाहरण हैं।
सवाल अपने मुँह मिया मिट्ठू बनने का नहीं है।
दरअसल दुख इस बात का है कि जो बातें मेरे जैसे एक अति साधारण आदमी को बारह साल पहले ही समझ आ गई थी, वो इतनी देर में कुछ लोगों की समझ में क्यों आई?
क्या ही अच्छा होता कि वे पहले इन बातों को समझ चुके होते तो, उन सबके विशाल ऑडियेंस बेस को देखते हुए, वे मुझसे हज़ारों गुणा ज़्यादा प्रभावी होते।
समस्या ये है कि अधिकांश लोगों को फासीवाद का मतलब ही नहीं समझ आता है।
सीताराम येचुरी जैसे मंझे हुए कम्युनिस्ट जब नहीं समझे तो इन टुटपुँजिए लोगों की क्या औकात।
खैर, अब बहुत देर हो चुकी है।
अगर आप को सी जे पी जैसे दलों से व्यवस्था बदले की कोई उम्मीद है तो मुझे कुछ नहीं कहना है।
India has lost the plot and it’s going to disintegrate into a dozen countries in near future.
काश कि समय मुझे ग़लत साबित कर दे, लेकिन ऐसा होगा नहीं ।
Courtesy Subrato Chatterji fb post
@azamgarhpolice Hawalat ke Ander balloon kabse lagne Lage
Or gate BHI he do uske upper Kuch likha he
Ye Sahi me ki gyi karwayi he ya Sirf photoshoot hua he
@nkgurjar4bjp TU apni nakamiyo ko chhupane ke Liye kab tak dharma ka Sahara lega.
Kaam Kuch kra nhi Sirf Hindu musalman kiya he
Or ab BHI loni ke mahool ko kharab karne ke liye HRD ke logo ko bhej kar Salman ke Ghar drama kiya jab usne partikiya ki to usi ke uppar case krwa diya .
@Sachingupta@Uppolice ko. Dekh kr aesa lag rha ye private security wale Inka zamir hi mar gya he
Yogi ke cm banne ke lagta he inhone samvidhan ki sapath na leker BJP ki sapath lene Lage he
🚨 अपराधी खुलेआम अपराध स्वीकार कर रहा है!
फिर भी सवाल वही है—
कहाँ है कानून?
कहाँ है पुलिस?
कहाँ है कार्रवाई? ⚖️
अगर अपराध की सार्वजनिक स्वीकारोक्ति के बावजूद कार्रवाई नहीं होगी, तो कानून का डर कैसे कायम रहेगा?
@DelhiPolice से सीधा सवाल—
क्या इस मामले में संज्ञान लेकर तत्काल कार्रवाई की जाएगी?
#कानून #अपराध #PoliceAction #DelhiPolice #Justice
टेलीप्रॉम्प्टर से बोलें तो कहते हो- टेलीप्रॉम्प्टर के बिना बोल नहीं पाते।
अब साहब पर्ची लेकर आ गए तो उसमें भी दिक्कत? 😂
आदमी करे तो करे क्या?
बड़ी जिम्मेदारी है भाई… 12 साल से देश संभाल रहे हैं, 3-4 घंटे ही सो पाते हैं- इतने काम और कम नींद से याददाश्त पर भी असर पड़ता है, please understand. 🙏
वैसे भी प्रधानमंत्री के एक-एक शब्द का बड़ा impact होता है, सावधानी जरूरी है।
देश नहीं चाहता कि फिर कभी “लवडेन भज्यम” जैसा कोई उच्चारण सोशल मीडिया का राष्ट्रीय त्योहार बन जाए। 😂
Please respect our 76 years old युवा प्रधानमंत्री। ❤️🇮🇳
Love you modi ji @narendramodi
CO सिटी अशोक सिंह को लगता है विपक्ष के नेता को चुनौती देना बहुत महान काम है. यही हाल मीडिया का है जो सत्ताधारी से सवाल न करके विपक्ष को गरिया कर उसे साहस और पत्रकारिता बताते हैं!
नेता विपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि चाय की दुकान पर दलितों को कागज के कप में चाय दी जाती है.
इस बात को सुनकर बहुत से ज्ञानी लोग मजाक बनाने लगे.
असल में इनको ग्रामीण भारत में दलितों के साथ हो रहे भेदभाव की समझ ही नहीं है. ये वीडियो उत्तर प्रदेश के कुशीनगर का है.
देखिए👇