@SonuNigamSingh@shiveshc Cannot clear the blockages, it's not about making one aware/informed, they hate hinduism and that's it, biased people cannot be conquered by sheer logic.
The SC/ST Act used against Ajeet Bharti is draconian
RT if you support him and if you want amendments in the SC/ST Law
This case should be made an example of how the SC/ST Act is misused
आठ महीने पहले एक बार किसी से व्यक्तिगत बातचीत में कहा था की यूजीसी लाके और फिर निर्लजों की तरह उसको जस्टिफाई करने वाले भाजपा के हितचिंतको के रहते भाजपा को शत्रुओं की आवश्यकता नहीं है।
आज फिर लिख रहा हूँ। अजीत भारती पे एससी एसटी एक्ट में FIR दर्ज होने के बाद सोशल मीडिया पे उसका मजाक बनाने का प्रयास करने वाले स्वघोषित, अघोषित और घोषित पार्टी समर्थकों के रहते पार्टी को किसी जॉर्ज सोरोस और ब्रेकिंग इंडिया फोर्सेस की आवश्यकता नहीं है।
साथ ही जो प्राइवेट में ऑर्गेज़्म ले रहे होंगे की अब आयेगा मजा अब जाएगा अजीत भारती जेल। उनकी जानकारी के लिए बता दु अजीत भारती तुमसे ज़्यादा बेताब है जेल जाने को।
अजीत भारती पे हुई ये FIR अजीत भारती के कहे एक एक शब्द के अक्षरशः सत्य होने का प्रमाण है।
बहुत ज़्यादा तो मुझे समझ नहीं है। पर थोड़ा बहुत मैं भी ग्राउंड पे चीझे देखता हूँ। महसूस करता हूँ।
राम जी भली करे।
Why would top corporates (FDI) or even NRIs invest in India when the government wants reservations in the private sector too?
Imagine being told not to hire based on merit, with the government deciding who you can hire or fire!
What a joke we’ve made of a great country 😡
अजीत भारती की भाषा से आप असहमत हो सकते हैं:-
लेकिन इसमें ऐसी कौन सी शब्दावली है जिसके आधार पर SC/ST एक्ट लगाया जाए?चंद्रशेखर के लिए कोई जातिसूचक टिप्पणी तक नहीं
अब ये वीडियो पूरा देश देखेगा। SC/ST के दुरुपयोग की चर्चा पूरे देश में
मेरे ऊपर SC/ST एक्ट में FIR पर कुछ बातें सवर्ण समाज से
कोई मेरी माँ या बहन पर सीधे बलात्कारी मानसिकता के साथ यह कहे कि उसका विवाह मैं चंद्रशेखर के साथ करा दूँ, और मैं चुप रह जाऊँ तो आप बताइए कि मैं कैसा पुत्र या भाई हूँ?
इतने पर भी चंद्रशेखर को ले कर मैंने कोई जातिसूचक शब्द नहीं बोला, जो उक्त वीडियो में है। जब स्टेज से ब्राह्मणों की बेटियों को खींचने की बातें होती हैं और किसी SC नेता का चेला सोच-समझ कर उकसाने के लिए ऐसी बात करेगा, तो मैं चुप कैसे रहूँगा?
आज व्यक्ति अपने मौलिक अधिकारों को समझे या न समझे, वह यह अवश्य जानता है कि SC/ST एक्ट क्या है। तो मैं जब बोलता हूँ तो मुझे अपनी सीमाएँ (चाहे वह कितनी ही अनुचित क्यों न हों) पता हैं कि क्या बोलना है, क्या नहीं।
मैं जानता हूँ कि दिल्ली पुलिस के नॉर्थ अवेन्यू स्टेशन में आजाद समाज पार्टी वालों ने कितना दवाब दे कर रात के बारह बजे यह FIR लिखवाया है जो कोर्ट में दो मिनट नहीं टिकेगा। एक भी धारा ऐसी नहीं है जो होल्ड करेगी।
मैं सैनिक स्कूल का छात्र हूँ और इतनी रैगिंग झेल चुका हूँ कि मेरा मनोबल तोड़ने के लिए दिल्ली पुलिस को कस्टडी में मेरी हत्या करनी पड़ेगी, दो-चार डंडों से मेरा मनोबल नहीं टूटने वाला। और यदि मैं जीवित बच गया तो इसी स्थिति में जंतर मंतर जाऊँगा और अपने समाज से कहूँगा कि बताओ, तुम्हारी बहन और माँ को ले कर कोई ऐसी टिप्पणी करे तो क्या करोगे?
यदि ऐसा कमेंट फिर मेरे वीडियो पर आया तो मैं पुनः उसी तरीके से उत्तर दूँगा जो मैंने दिया। कानून जब तक है, संशोधन नहीं होता, मैं उसका सम्मान करूँगा और दिल्ली पुलिस के साथ पूर्ण सहयोग करूँगा। 92% ऐसे केस केवल प्रताड़ित करने के लिए होते हैं।
अंत में, सवर्ण समाज से यह पूछना चाहता हूँ कि क्या इस तरह की टिप्पणी पर मुझे सह लेनी चाहिए थी क्योंकि किसी पार्टी के लोग नाराज हो जाएँगे? क्या ब्राह्मणों की माँ और बहनें इन रेप मैंटिलिटी से संचालित गुंडों के शाब्दिक बलात्कार के लिए जन्म लेती हैं?
कितना जहर भरा हुआ है इन पुलिस कर्मियों के मन में सवर्णों के प्रति, देखिए इसकी गर्मी, इसकी गर्मी तब कहा चली गई थी जब काक्रोच इनकी और प्रशासन की मां बहन कर रहे थे।
किसी सवर्ण नेता के पिछवाड़े में बुता है इन पुलिस कर्मियों के खिलाफ बोलने की सब नपुंसक हो गए हैं।
यदि सरकार में हो और परिवार को लाभ न पहुँचे, तो धिक्कार है। पर हाँ, वो लोग पहले से ही रीयल एस्टेट के व्यवसाय में थे, इसलिए नीचे की न्यूज फेक मानी जानी चाहिए।
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भाटी जी, आपका पूरा वीडियो सुना और देखा है। ब्राह्मणों वाली बात बोलते हुए जिस तरह आपकी खिलखिलाहट निकली है, पूरे भाषण में कहीं और नहीं है। और इस अभद्र संबोधन पर सभा में बजी तालियां गवाही दे रही हैं कि एक जाति के खिलाफ कितनी नफ़रत है वहां लोगों में!
क्लिप काटने का आरोप मत लगाइए, क्लिप कटने के लिए ही आजकल ऐसी बातें बोली जाती हैं।