So as expected this fraud Manish Kashyap's claims got busted by Toyota !
I would still like @nitin_gadkari@Toyota_India to call this bloke to their service centre and do a live streaming of the diagnostic check up
GoI must then sue this scoundrel so he dare not pick any other propaganda ever !
@kushgrwl@tehseenp By this logic, you shouldn't have commented on Flipkart or the banks because you don't own flipkart or bank.
We shouldn't be talking about 26/11 because neither did we do it, nor we prevented it.
भ्रम नहीं, सही जानकारी अपनाइए।
E20 एथेनॉल ब्लेंडेड ईंधन कोई नया या बिना परीक्षण का प्रयोग नहीं है। यह विश्व के कई देशों में वर्षों से सफलतापूर्वक उपयोग किया जा रहा है।
भारत में भी E20 कार्यक्रम को व्यापक परीक्षण और वैज्ञानिक अनुमोदन के बाद लागू किया गया है। यह स्वच्छ, सुरक्षित और भविष्य के लिए तैयार ईंधन विकल्प है, जो ऊर्जा आत्मनिर्भरता, पर्यावरण संरक्षण और किसानों की समृद्धि की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
आइए, तथ्यों पर विश्वास करें और स्वच्छ ऊर्जा से समृद्ध भारत के निर्माण में सहभागी बनें।
#E20 #EthanolBlending #IndianOil #EnergyOfIndia #CleanEnergy #SustainableMobility #AtmanirbharBharat #SustainableFuture
@PetroleumMin@HardeepSPuri@neerajmittalias@sahneyas@ChairmanIOCL
इथेनॉल के लाभ गिनाते RW मित्रों के पोस्ट/वीडियो देख कर हँसी आती है। भाई, किसी ने इथेनॉल को बुरा नहीं कहा कि यह ईंधन ख़राब है, जो तुम लोग प्रपंच गडकरी के कहने पर चला रहे हो।
हमारा सीधा प्रश्न यह है कि
१. इथेनॉल ब्लेंडेड पेट्रोल उस गाड़ी में डालोगे जो उसी के लिए बना है, या किसी में भी डाल लोगे?
२. सरकार ने किसी उपभोक्ता को कहीं बताया कि ये E10-20 है, और जाँच लो कि तुम्हारी गाड़ी उस योग्य बनी है कि नहीं?
३. शोध के आँकड़े सार्वजनिक क्यों नहीं हैं कि किस-किस कंपनी की कौन-कौन सी गाड़ियों पर, इथेनॉल के साथ या प्योर पेट्रोल पर दीर्घकालिक स्टडी की गई?
अधिक नहीं पूछूँगा क्योंकि गडकरी और पुरी, दोनों हग दे रहे हैं इन प्रश्नों पर। उनका बचाव यह है कि ये तो F1 कार और फाइटर जेट में डलता है। ये लोग इस बात को ऐसे बेच रहे हैं कि भारत के नागरिकों को अब पानी छोड़ कर E20 पीना चाहिए।
कंटेंट बनाओ बे, आत्मा मत बेचो। तुमसे अधिक जानते हैं इसके लाभ और एनर्जी डाइवर्सिफिकेशन को।
नीचे के लेयर में मिटटी होती है , उसके ऊपर कंकड़ - एग्रीगेट , उसके ऊपर फिर मोठे (बड़े साइज) के पत्थर होते हैं. उनका गैप भरा जाता है मिटटी और छोटे साइज के कंकड़ों से! उसके बाद बिटुमिन में हॉट मिक्स प्लाट के द्वारा मिक्स्ड बजरी सड़क बनाती है दूसरा तरीक है की एस्फाल्ट यानि सीमेंट की लेयर बनाकर उसके ऊपर बिटुमिन और बजरी का मिक्स डाला जाए ! नयी सड़क में मिटटी सेट होती है , खिसकती भी है ..कभी ज़मीन पर काम भी सीखो, ज्ञान ही बांटे रहोगे ?
@dishasatra They can buy another car. They have money. They can get a secondary EV car. They can get diesel car.
They can also run on tax payers money in a helicopter.
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It's the common man who buys a car and hope to keep it for 15 years suffer.
@GemsOfReplies Fcuk off. What benefit have I got as a citizen?
Petrol prices corrected?
Farmers selling rice on discount?
Foreign exchange distributing dollars via ATMs?
1.60L crore+ looks awesome as a number, but what did we achieve from it? What's the end result?
@abhishekbandhu@rishibagree Pata nahi bhai adha million followers kaha se ho jate hain aise accounts ke.
Bc koi logic hi nahi hau is graph ka.
Rather, this graph shows Confress did much better than what BJP achieved.
Utter nonsense, these propagandas are.