हालातों ने छीन लिया चेहरे का नूर,
हम उसके पीछे भागते रहे जैसे वो कोई कोहिनूर,
तुझे पाने का ना जाने क्यों था मुझे इतना गुरूर,
और अब टूट गया वो गुरूर , बिखर गए सारे सपने, छोड़ दिया किसी को बनाना अपना तुझे याद करूँ ग रोऊँ गा और तेरा इन्तज़ार करूँ गा जरूरत।