@8PMnoCM माननीय मुख्यमंत्री @BhajanlalBjp जी,
राजस्थान बजट 2025-26 में बालोतरा को Clean & Green Eco City बनाने की घोषणा हुई थी।
कृपया बताएं—
▪️ बालोतरा के लिए कितना फंड जारी हुआ?
▪️ अब तक क्या काम शुरू हुआ?
▪️ ज़मीन पर परिणाम कब दिखेंगे?
जनता जवाब चाहती है। @8PMnoCM
भयंकर गर्मी और उमस में जैकेट पहने कोई और नहीं वायरल इरफान है जिससे मिलने के लिए आज सम्पूर्ण देश आतुर हैं
पहली बार AC स्टूडियो में एंट्री की
तो शरीर AC की ठंड से कांपने लगा लल्लनटॉप ने जैकेट दिया फिर जाकर अपने रंग में आए इरफान
#irfan
काले धन पर गहराई से जानिए इरफान का ज्ञान!
2014 में काले धन को बड़ा मुद्दा बनाकर मोदी जी सत्ता के शिखर पर पहुंचे थे,
लेकिन हुए क्या?
सरकार ने क्या ठोस कदम उठाए?
सरकार ने स्विस बैंक के साथ कौनसी डील की है?
“व्यक्ति की गरिमा” 🇮🇳
स्वप्न झरे फूल से,
मीत चुभे शूल से,
लुट गये सिंगार सभी बाग़ के बबूल से,
और हम खड़े-खड़े बहार देखते रहे
कारवां गुज़र गया, गुबार देखते रहे!
नींद भी खुली न थी कि हाय धूप ढल गई,
पाँव जब तलक उठे कि ज़िन्दगी फिसल गई,
पात-पात झर गये कि शाख़-शाख़ जल गई,
चाह तो निकल सकी न, पर उमर निकल गई,
पुरानी सी टी-शर्ट पहने, गले में गमछा डाले.. ये कौन था जो इस प्रोटेस्ट में आया और अपनी आत्मा की गहराई से, भावनाओं में बहे बगैर देश के लोकतन्त्र और उसमें हिस्सेदारी का दावा पेश कर गया.
अभिव्यक्ति की आजादी का मौका मिला था इसे जंतर-मंतर पर. कह रहा है दौड़कर आया हूं. नीरज ने जो लिखा, वो जीवन की हकीकत है. उसी हकीकत को करीब से..बेहद करीब से देखा और चला आया. लाखों की भीड़ में जहां Gen-Z को लफंडर लिखा गया, दिखाया गया. वहां यह नौजवान सरकार को आईना दिखा गया. Gen-Z ही था, शायद किसी ने ठीक से इसे देखा नही. मंच पर क्यों नही बोलने दिया इसे, थोड़ा सा भगतसिंह और बाहर आता. इस देश के युवाओं को थोड़ा और जोश भर जाता. बता जाता कि मौका मिले तो खुद को इस दुनियां के सामने उड़ेल कर रख दो. बता दो सरकारों को संवाद के बिना कोई रास्ता नही है. हिंदू-मुस्लिम और जातियों में बंट चुकी सियासत और देश में ऐसे ही युवा इस लोकतंत्र को जिंदा रखे है.
किसी को इसका नाम पता चले तो जरूर बताना. इसका स्वागत करना है, इसे एक फूलों का हार पहनाना है.
@TheLallantop
सलाम है उन सच्चे पत्रकारों को! जिनके कारण जंतर मंतर की आवाज़ दुनिया तक पहुँची।
अगर ये न होते तो देश अभी तक बच्चों पर हो रहे सरकार के अत्याचारों से अनजान रहता। देश सच नहीं देख पता ॥
इन्होंने सच्ची पत्रकारिता का झंडा बुलंद रखते हुए पूरे देश को जगाया है।
ऐसे बेबाक और ईमानदार
सफदरजंग अस्पताल में भूख हडताल के 23वे दिन जब 21 जुलाई को सोनम वांगचुक जी मेदांता अस्पताल जाने के लिए अस्पताल परिसर से निकलने की कोशिश कर रहे थे तो सफदरजंग अस्पताल प्रशासन और पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की जबकि दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्हें मेदांता, गुरुग्राम शिफ्ट करने की इजाज़त दे दी थी