कहते है आँखें बात करती है .....
और मुझे लगता है कि सही ही कहते है
क्यूंकि जो एहसास शब्द बयां नहीं कर पाते वो आँखें कर जाती है
आंखों में दिख जाती है खुशियों की चमक ✨
आंखों में झलक जाता है डर,शब्दों के पहले 😟
वो छिपा लेती है दर्द अपने पलकों के ओट में छिपा आंसुओं को 🥺
और कभी छलक जाती है पीड़ा आंसुओं में
एहसास कोई भी हो
डर, ख़ुशी, विश्वास, इश्क, मोहब्बत, नफ़रत, आदर
ये सब बयां कर जाती है और
अपने इस वार्ता में भौंहों को भी बराबर का हिस्सेदार बना उनको भी इस बात चित में शामिल कर जाती है ।
समय रहते, समय देना ज़रूरी है।
नहीं तो फिर वही होगा
की समय है तो वो इंसान नहीं
इंसान है तो अब वो रिश्ता नहीं
और
दोनों है तो अब करने को कोई बात ही नहीं बची ।
@M_Abhardwaz जब कभी अथक प्रयास व मेहनत के बाद भी परिणाम नहीं मिलता तो दिल दुखता है, मन परेशान होता है , और उस वक्त इस तरह अगर कोई हौंसला अफजाई के दो शब्द कहता है तो अच्छा लगता है , लगता है अंदर की सब अभी खत्म नहीं हुआ है, अभी कुछ तो बाकी है
बहुत बहुत धन्यवाद 🙌
औरत को स्नेह, ममता और प्रेम की मूर्ति कहा गया है, मानव जीवन की पूरक कहा गया है।
वही ये औरतों का व्यवहार अपने ही इन मूल स्वभावों के विरुद्ध चलती नजर आती है।
ये औरत के भेष में शैतान है ।
#सौरभ_हत्याकांड#राजा_
@_Nirarthak इन्हीं सब तरह के लोगों ही कारण है कि हम अब किसी पे भरोसा नहीं कर पाते है ना जाने किसके पीछे कौन सा दानव है
जो आज हस हस के मिल रहे है , वो ही अगले पल सीने में छुरा घोंपते है।
@_Nirarthak बिल्कुल, प्यार साथ और त्याग का ही रूप है, मगर इस तरह नहीं।
खैर मेरा बस ये कहना है, ग़लती किसी एक की नहीं, जितनी ग़लती उन लड़कियों की है उतनी ही गलती उसका साथ देने वालों की भी है ।
लोगों को कहते सुना हैं की "पैसा हाथ का मैल है, "
मगर कमाने वालों से कभी पूछो तो मालुम पड़ेगा तुमको कि पैसा केवल हाथों का मैल मात्र नहीं है,
पैसों में उनका ख़ून – पसीना शामिल है ; ये वो कागज़ के टुकड़े है, जिसके लिए उन्होंने अपनी ज़िंदगी का अमूल्य, अनमोल वक्त दिया है ।
इस चढ़ती गर्मी ने सुखा दिए नदी – नाले – तालाब और कुएं का पानी,
सुखा कर जमीं को कर दिया बंजर,
धूप में झुलसा गई कितनों की फसलें ;
मगर सुखा ना सकी यें उस मज़दूर के माथे का पसीना ;
झुलसा ना सकीं ये उनका हौंसला ।
#गर्मी