19 अप्रैल को उत्तराखंड का भविष्य तय होगा , बस देखना है कि जनता मूल निवास, भू कानून और उत्तराखंड की बात करने वालो के साथ हैं या 10 सालों से संसद मे मोन बैठने वाले ओर हर बात पर कमेटी ��ठित करने वालो के साथ है।
#Election2024
@pahadinaari नेताओं के लिए उत्तराखंड सोने की मुर्गी हैं, उन्हें पहाड़ो की याद बस खनन ओर डेम बनाने के लिए आती हैं बाकी सुविधाएं वहीं देंगे जहा उन्होंने अपनी बड़ी बड़ी कोठिया बना रखी हैं।
किच्छा में बनने वाला ऐम्स ऋषिकेश की तरह ही पहाड़ियों के लिए दूर के ढोल जैसा हो जाएगा, इस से तो अच्छा होता कि ये ऐम्स अल्मोड़ा या रानीखेत में बनता जहां दूरस्थ क्षेत्र के लोग भी पहुंच पाते। जिस तरह ऋषिकेश ऐम्स पहाड़ के लिए कम औऱ तराई के लोगों के लिए ज्यादा है ऐसे ही दूसरा बन रहा है
मैदानी क्षेत्रों में बढता जनसंख्या घनत्व और पर्वतीय क्षेत्रों में लगातार बंजर होते मकान।आने वाले समय के लिए बहुत बडे खतरे की घंटी है,यदि समय रहते इसे बचाने के उपाय न किये तो एक पूरी संस्कृति विलुप्त हो जाएगी।
आइये भू कानून के इस जनांदोलन पर सब साथ दें
#उत्तराखंड_मांगे_भू_कानून