पवन बहार बहे, रंग छींटे उड़े
मंगल हो , शुभ काज सरे,
निज निज धूप खिले, आंगन भरे,
मानव मन मानव बने, नाज करे.....
अंग अंग रंग लगे, रंग रंग मन अंग लगे,
धूमिल आंख रंग पाक लगे, बेदाग बने,
नीरस फल पर रास चढे, बलवान बने,
होली होली उल्लास करे, दुर्भाव तजें
मानव मन मानव बने, नाज करें..
भैड़ियो के झुंड पर , दहाड़ किसी सिंघराज सा
आसमान चीरती किसी बिजली की आवाज सा
आवाज दे आगाज का, की ये सिलसिला रुकना नहीं चाहिए
धरा पर से बरसों तक लहू का लाल रंग उतरना नहीं चाहिए
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आस की बूंदे जब तलक चमकेगी अंधे कानूनों के कांटो पर,
सियासत जमेगी जब तलक अमीरों की खाटों पर...
तब तलक रोटी रोटी मसक्कत दिखेगी किसानों के माथों पर...
एक अँधेरी निशा फिर गुजारी करवट बदलते फुटपाथों पर..
एक अंधेरी निशां फिर गुजारी
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रातों के इस सन्नाटे में पसरे....
इस वीरान खामोशी को किसी
गहरे सरोवर में विसर्जित करने
की खवाइशें किसी उड़ते परिंदे
को पिंजरे में कैद करने जैसी है
ये रात अब रात ही होगी
लगता है आज फिर बरसात ही होगी
मगर
नयनों से.....!
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3/3
जहां से शुरू होती है एक ....
जंग जो तहस नहस कर डालती है....मन के शहर को....
उन वीरान जंगलों की तरह...
जो आगोश में आ गए थे किसी बारूदी आग के....
जहां कई घोंसले उजड़े थे....उन अनजान परिंदों के.....
जिनकी बिसात आसमान से पार ना पा सकी....!!
(जारी 2/3
ये शाम फिर गहराएगी...एक रोज....
और फिर...
आगोश में ले लेगी....उन सारी शिकायतों को ....
जो देर रात तक...नयनों के नाजुक कोनो पर....
पानी का घर करती है....!
जहां आकर डूबते है...सारे अरमान...
और खुदकुशी कर लेते है....!!
(जारी 1/3
ये दुनिया मेरा दर्द समझ सकती ही नहीं,
मैने अपना जख्म सिर्फ खुदा को दिखाना है....!!
जरा संभल ए जिंदगी, अभी उलझनों से पार पाना है....
ये शहर मुझे रास नहीं आ रहा, मुझे मेरे घर जाना है....
https://t.co/9wH7jb3B6h
जरा संभल ए जिंदगी, अभी उलझनों से पार पाना है....
ये शहर मुझे रास नहीं आ रहा, मुझे मेरे घर जाना है....
एक किताब है कि पढ़ी नहीं जाती....
एक सीढ़ी है कि चढ़ी नहीं जाती....
एक मकान है कि ढह रहा है....
कोशिशें जारी रख कुछ कर गुजरने की,
जो है आज थमा थमा सा है, चल निकलेगा....!!
थाम हाथ हवाओं का , खुद मे जज्बा जिंदा रख ,
ये मुस्किल दौर भी , गुजर निकलेगा ....!!
कोशिश कर, हल निकलेगा,
आज नही तो, कल निकलेगा.....!
जय हिन्द जय भारत
https://t.co/rjNBxxHmBL
हम सारे पापों को एक गठरी में तोलेंगे
और बांध ले जायेंगे ये गठरी नरक और स्वर्ग के दोराहे तक
ठुकरा देंगे हम स्वर्ग को....और यमदूतों से नरक का मजा पूछेंगे..
हम कांच पर फैली रज से अब रजा पूछेंगे
किस्मत से लड़ने की सजा पूछेंगे
https://t.co/yOynUte8F1
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हम सारे पापों को एक गठरी में तोलेंगे
और बांध ले जायेंगे ये गठरी नरक और स्वर्ग के दोराहे तक
ठुकरा देंगे हम स्वर्ग को....और यमदूतों से नरक का मजा पूछेंगे..
हम कांच पर फैली रज से अब रजा पूछेंगे
किस्मत से लड़ने की सजा पूछेंगे
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