यदि ये खाली पद #MPPSC के माध्यम से भरे जाते हैं, तो प्रदेश के सभी प्रतिभाशाली और योग्य युवाओं को समान अवसर मिलेगा।
लेकिन यदि यूनिवर्सिटियाँ खुद भर्ती कराती हैं, तो वहाँ रिश्तेदारों, नेताओं के करीबियों, चाटुकारों और संगठनों से जुड़े लोगों की भरमार हो जाती है।
नतीजा वही होता है जो अब तक होता आया है—
शिक्षा व्यवस्था की सुनियोजित बर्बादी और गुणवत्ता का पतन।
असली हिन्दू वो हैं जो अपने अधिकारों के लिए सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं,
और दिखावटी हिन्दू वो हैं जो केवल आयोजनों में फोटो खिंचवाकर धर्म का प्रदर्शन कर रहे हैं।
धर्म कर्मकांड में नहीं, न्याय और संघर्ष में जीवित रहता है।
आज #MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2.0 में बैठे छात्र संविधान और अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं — यही सच्ची राष्ट्रभक्ति और सच्चा धर्म है।
#AllEyesOnMppsc #RepublicDay
मध्यप्रदेश पुलिस ने हमारे शांतिपूर्ण आंदोलन में दुर्भाग्यपूर्ण रूप से “विलेन” की भूमिका निभाई है। पहले आंदोलन की अनुमति नहीं दी गई, और जब Highcourt से अनुमति लेकर हम आए, तब भी आंदोलन को कमजोर करने और दबाने के हर संभव प्रयास किए गए।
भले ही यह सब सरकार के निर्देशों पर किया जा रहा हो, लेकिन कानून के रक्षक बनकर इतनी चाटुकारिता करना किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए शर्मनाक है। पुलिस का कर्तव्य सत्ता नहीं, संविधान और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना है।
@MPPoliceDeptt@DGP_MP
#MPPSC_भर्ती_सत्याग्रह_2 #RepublicDay
Dear @Ramendra1212 जी आपने बहुत शानदार लिखा, #MPPSC अब संवैधानिक संस्था न होकर सरकार के इशारे पर चलने वाली मनोरंजन आयोग हो गया है, इसने न जाने कितने मासूमों की जिंदगी बर्बाद की है, अगर #CGPSC की तरह #MPPSC की जांच मोई जी करवा दें तो न जाने कितने पंचर समेत जेल होंगे। @INCMP
इंकलाब जिंदाबाद साथियों 🇮🇳
अपने धुरंधर साथी राधे सर एवं रंजीत किसानवंशी जी को जमानत मिल गई हैI
आज रात 8 बजे टंटया भील चौराहा(इंदौर) पर उनका स्वागत किया जाएगा...
अपने धुरंधरों को मनोबल बढ़ाने आप सभी साथी/छात्र/छात्राएँ इस स्वागत कार्यक्रम में जरूर शामिल हों।
लड़ेंगे जीतेंगे 🤝🤘
#MPPSC की अनियमितताओं के खिलाफ शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों को जेल भेजना लोकतंत्र का अपमान है।
सरकार छात्रों पर लगाए गए झूठे आरोप तुरंत वापस ले और उनके साथ न्याय करे। लोकतांत्रिक आवाज़ को दबाना बंद करें!
जेल में डालना, आवाज दबाना, विरोध को नहीं सुनना यही तो लोकतंत्र में तानाशाही है
#MPPSC की अनियमितताओं और अपनी मांगों को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे छात्र @Radhejat1983 और @Ranjeetfarmer को जेल भेजना मध्यप्रदेश की भाजपा सरकार के अन्याय की पराकाष्ठा है! भाजपा सरकार इन पर लगाये गए झूठे प्रकरण वापस लें।
@NEYU4INDIA@CMMadhyaPradesh
अगर आप सोचते हैं कि @narendramodi जी कभी लोकतंत्र को खत्म होने का ऐलान करेंगे, तो आप भ्रम में जी रहे है। लोकतंत्र खत्म हो चुका है, बस औपचारिक घोषणा बाकी है। MPPSC गड़बड़ी के खिलाफ आवाज़ उठाने वाले @Radhejat1983 और @Ranjeetfarmer को जेल भेज दिया, जबकि CM @DrMohanYadav51 ने खुद उनकी मांगों पर विचार का आश्वासन दिया था।
भाजपा का उद्देश्य युवाओं को बेरोजगार रखना है, नौकरियां देने के नाम पर घोटाले और षड़यंत्र हैं। परीक्षा पेपरों का लीक होना युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेलना मात्र है।
केंद्र और राज्य की सरकार नहीं चाहती कि युवाओं के पास रोजगार हो, वह अपना जीवन अच्छे से व्यतीत करें। यह सरकार युवा विरोधी है...
रोजगारी विरोधी, तानाशाही मोहन सरकार द्वारा मध्यप्रदेश के छात्रो के साथ किए जा रहे अन्याय के खिलाफ विपक्ष कब तक तमाशीन बनी रहेगी। विपक्ष के नेता छात्रो को लिए सड़को पर भी आयेंगे या केवल सोशल मीडिया पर भाषणबाजी,पोस्टबाजी ही करेंगे। @OfficeOfKNath@jitupatwari@UmangSinghar