राजपत्र-2024 अनुसार वर्ग1 शिक्षक के खाली पद DPI-48223 ,Tribal_dept-10501
2023 भर्ती में 8720 पदों में से 3193 की नियुक्ति ।
वेटिंग_अभ्यर्थी अपनी नियुक्ति के इंतज़ार में …
इनका मुद्दा आज ट्रेंड में भी रहा
#PostIncreaseInMPVarg01_2023@schooledump@udaypratapmp@UmangSinghar
शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के साथ भी वही होगा जो अतिथि शिक्षकों के साथ हुआ था?
राजनीति के फार्मूले कभी एक्सपायर नहीं होते। कभी समय, कभी स्थान और कभी नेता बदल जाते हैं लेकिन फॉर्मूले वहीं रहते हैं। 2019 में अतिथि शिक्षकों के साथ जो कुछ भी हुआ, 2026 में आंदोलन कर रहे शिक्षक भर्ती की अभ्यर्थियों ने उसे घटनाक्रम से कुछ नहीं सीखा। इस बार भी नेता और जनता दोनों बदल गई है लेकिन फॉर्मूला वही है। अब देखना यह है कि, क्या शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के साथ भी वही होगा, जो 2019 अतिथि शिक्षकों के साथ हुआ था...Read More
https://t.co/RrEBCJKQ1X
Protest : 2 हजार और 25 हजार पदों की मांग पर प्रदर्शन!14 दिन से धरना... अब तक नहीं बनी बात !
#Protest#Demand#Strike#ZeeMPCG
For More Updates: https://t.co/P88PaoupXm
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में शिक्षक भर्ती परीक्षा के अभ्यर्थी पद वृद्धि की मांग को लेकर भूख हड़ताल पर बैठे हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि मौजूदा नियमों और नीति के तहत पदों में वृद्धि नहीं की जा सकती। यह विभाग का नीतिगत निर्णय हो सकता है और इस पर अभ्यर्थियों की असहमति भी लोकतांत्रिक तरीके से दर्ज हो सकती है। लेकिन सवाल इससे कहीं बड़ा है—क्या अपनी मांग रखने वाली महिला अभ्यर्थियों के सामने एक मंत्री द्वारा कथित तौर पर साले हरामी जैसे अपशब्दों का इस्तेमाल करना उचित है? जनप्रतिनिधियों और मंत्रियों से जनता संवाद, संयम और सम्मान की अपेक्षा करती है। असहमति का जवाब गाली नहीं हो सकता। भूख हड़ताल पर बैठी ये अभ्यर्थी कोई अपराधी नहीं, बल्कि अपने भविष्य और रोजगार के लिए संघर्ष कर रही हैं। उनकी मांग स्वीकार हो या अस्वीकार, उनके साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। नीतियां अलग विषय हैं, लेकिन महिलाओं के सामने अपशब्दों का प्रयोग किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता। ऐसी भाषा की निंदा होनी चाहिए और जनप्रतिनिधियों को अपने आचरण की मर्यादा बनाए रखनी चाहिए।
शिक्षक भर्ती: DPI ने 2022 में पद वृद्धि की थी तो फिर 2026 में क्या प्रॉब्लम है?
मध्य प्रदेश सरकार के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री उदय प्रताप सिंह द्वारा अभ्यर्थियों के समक्ष अप्रिय शब्दों का प्रयोग करने के बाद Department of School Education, Madhya Pradesh ने दो-तीन सितंबर की मध्य रात्रि रात्रि 12:33 बजे फेसबुक पर एक स्पष्टीकरण जारी किया। जिसमें लिखा, किसी भी विज्ञापन में विज्ञापित पदों की संख्या को परीक्षा परिणाम आ जाने के बाद बढ़ाया या घटाया नहीं जा सकता है। यह विधि द्वारा स्थापित सिद्धांत है। सुबह अभ्यर्थियों ने 26 नवंबर 2022 को DPI द्वारा जारी सर्कुलर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया। सीधा सरल सवाल है, जब 2022 में पद वृद्धि की गई थी तो फिर 2026 में क्या प्रॉब्लम है...Read More
https://t.co/f9gI33ZTwt
अखिलेश यादव ने आज भरी PC में एक AI वीडियो चलाया. लगातार 3 बार ये वीडियो चला.
अखिलेश यादव ने ऐसा इसलिए किया क्योंकि BJP समर्थित सोशल मीडिया हैंडल से अखिलेश यादव का AI वीडियो चलाया जा रहा है.
अखिलेश ने कहा- सरकार बच्चों के खेल ना खेले.
यूपी चुनाव शुरू हो चुका है 🔥