कुछ हरामखोर जाहिल नवबौद्धों जो भरत तिवारी की हत्या पर खुश हैं उनको ये वीडियो अवश्य देखना चाहिए।
स्थानीय दलित समाज साफ साफ बोल रहा है कि ब्राह्मण समाज हमारे लिए मर रहा है इसलिए हम सब ब्राह्मणों के साथ हैं।
#अमर_क्रांतिकारी_भरत_तिवारी
@HARIKESHMISHR19@BJP4India आपकी मजबूरी होगी इसे ढोना,हमारी नहीं है!
खूनी राजनीति के हम पक्षधर नहीं हैं पर इसके जितने बयान आ रहे हैं उतने ही नीचे आप लोग जा रहे हैं।
चुनाव जल्दी ही आयेंगे,आपका और आपके सभी घटक दलों का चुनाव जीतन राम मांझी है तो हमारा चुनाव जो होगा वो आप लोग सहन नहीं कर पाएंगे🤬
देश के किसी दूसरे राज्य के स्वास्थ्य मंत्री ने ऐसा वक्तव्य योग दिवस पर दिया है ? निशांत कुमार ने जो बयान दिया है वो किसी परिपक्व नेता से भी बेहतर बयान था!
@Nishantjdu#YogaDiwas2026
बिहार पुलिस द्वारा फेक एनकाउंटर का शिकार हुए भरत भूषण तिवारी को देश के युवा, बुजुर्ग अलग अलग तरह से श्रद्धांजलि दी रहे हैं-
एक भाई ने देखिए कितनी खूबसूरती के साथ गाना गाकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी 🙏
आप ने जो भी कहा सर बहुत अच्छा लगा सुन कर कास आप जैसी बुद्धि बिहार पुलिस को भी होती तो आज एक मासूम शहीद भरत तिवारी की हत्या नहीं करती बिहार पुलिस
जय हिंद जय भारत।
भरत तिवारी केस में नया मोड़
चश्मदीद दोस्त के दावों ने प्रशासन की कार्रवाई पर खड़े किए बड़े सवाल, क्या मिलेगी निष्पक्ष जांच ?
कंधे पर हाथ रखकर लाए पहले तीन और फिर बाद में दो बार दगायी गोली गवाह के बयान से पुलिस चुप
भरत भूषण तिवारी हम गरीबों का मसीहा थे.
जब बाढ़ में घर डूबा था तो रोज सुबह शाम आते थे और कहते थे कि कोई दिक्कत होगा तो बताइएगा.
उन्हीं के वजह से बिजली मिली हम लोग को नहीं तो अंधेरे में ही रहते थे.
गरीबों के लिए आवाज उठाने के कारण ही उन्हें मरवा दिया गया.
#BharatTiwari | #JusticeForBharatTiwari
#JusticeForBharatTiwari ✍️
शहीद भरत भूषण तिवारी का हत्या करने वाले थानेदार को देखे इसकी हंसी देखे इसको कोई कार्यवाही का डर नहीं है पता है कुछ नहीं होगा ये सरकार सिस्टम उनका है। सब उनके हिसाब से ही चलेगा आज भी देश गुलाम है काले अंग्रेजों के जो सफेद खादी पहनकर देश चला रहे है।
इसकी हंसी बता रही है ये हत्यारा बहुत खुश है।
भरत तिवारी की एक कॉल रिकॉर्डिंग कल से ही वायरल हो रही है।
उस रिकॉर्डिंग में वे कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि "हम भारतीय जनता पार्टी का समर्थन अवश्य करते हैं, लेकिन अपने समाज से बड़ा कोई दल, नेता या विधायक नहीं होता।"
उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति विशेष से नहीं, बल्कि व्यवस्था और सरकार की उन कमियों से थी जो समाज के हितों के विरुद्ध थीं।
वे हमेशा अपने समाज के अधिकारों और कल्याण के लिए आवाज़ उठाते रहे तथा सत्ता और प्रशासन से संघर्ष करते रहे।
भरत तिवारी हजारों गरीब और जरूरतमंद लोगों के मसीहा बन चुके थे। उन्होंने जाति और धर्म से ऊपर उठकर हर वर्ग के लोगों की सहायता की।
ऐसे वीर, साहसी और समाजहितैषी भाई को मेरा शत-शत नमन। 🙏