आज इस्लामी साल की पहली तारीख़ है
साल की पहली शहादत का दिन है
आज अमीरुल मोमिनीन मुराद-ए-क़ल्बे-रसूल ؐ दामाद-ए-अली-उल-मुर्तज़ा फ़ातिहे बैतुल मुक़द्दस हाकिम-ए-आनासिर-उरबा शहीद-ए-मेम्बर-व-मेहराब-ए-रसूल
इंतिख़ाब-ए-रब्बुल-आलमीन, वज़ीर-ए-पैग़म्बर
ख़लीफ़ा-ए-दोम
वकील उम्मुल-मोमिनीन
फ़ातिहे कैसर व क़िसरा
मैदान-ए-अदालत के नय्यर-ए- ताबा
फ़ारुक-ए-आज़म, सय्यदना हज़रत उमर फ़ारूक रज़ि अल्लाहु अन्हु की शहादत का दिन है।
अल्लाह के वास्ते मुहर्रम में खुराफातों से ब���ो मेरे भाइयों हमने क़यामत के दिन अल्लाह को मुंह दिखाना है हम कैसे मैदान-ए-महशर में अपने पैगम्बर हुजूर स०अ०व० सामना करेंगे।
EVM ओर चुनाव आयोग क्या निश्पक्ष रहेगे नोटों की गढ्ढियो के सामने
2024 जितना हे तो EVM ओर अधिकारियों पर नजर रखनी पडेगी
राज्य जितना ओर लोकसभा जितने देना दोनो मे फर्क है।
@RahulGandhi@Pawankhera@SupriyaShrinate
किसी भी खेल महासंघ में किसी #राजनीतिक व्यक्ति की नियुक्ति नहीं होनी चाहिये,खेलों के ही #रिटायर्ड चेहरों को नियुक्त करें.बिना ट्रायल के किसी भी बड़े नाम को सीधा #अंतरराष्ट्रीय खेलों में भाग लेने पर पाबंदी लगे.देश का भविष्य #जूनियर ख़िलाडी को मौक़ा म���ले,तभी देश खेलमहाशक्ति बनेगा.
आबाद रह���ंगे वीराने शादाब रहेंगी ज़ंजीरें,
जब तक दीवाने ज़िंदा हैं फूलेंगी फलेंगी ज़ंजीरें,
आज़ादी का दरवाज़ा भी ख़ुद ही खोलेंगी ज़ंजीरें,
टुकड़े टुकड़े हो जाएँगी जब हद से बढ़ेंगी ज़ंजीरें,
जब सब के लब सिल जाएँगे हाथों से क़लम छिन जाएँगे,
बातिल से लोहा लेने का एलान करेंगी ज़ंजीरें,
अंधों बहरों की नगरी में यूँ कौन तवज्जोह करता है,
माहौल सुनेगा देखेगा जिस वक़्त बजेंगी ज़ंजीरें,
जो ज़ंजीरों ���े बाहर हैं आज़ाद उन्हें भी मत समझो,
जब हाथ कटेंगे ज़ालिम के उस वक़्त कटेंगी ज़ंजीरें।
विपक्षी पार्टियों की बैठक में मौलाना @BadruddinAjmal
और @asadowaisi को ना बुला कर @INCIndia ने साफ बता दिया है उसको सिर्फ मुसलमानों का वोट चाहिए सियासत में हिस्सेदारी नहीं। कोई भी पार्टी भारतीय मुस्लिम को अपने पांव पर खड़ा नहीं देखना चाहती है।
��️@ShamsTabrezQ @AzamAmir96 copy