उत्तरप्रदेश सरकार में मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के संस्थापक ओ.पी. राजभर जी (@oprajbhar ) का कहना है:
"आरक्षण की समीक्षा होनी चाहिए, असल वंचितों तक लाभ पहुंचना चाहिए"
उन्होंने ये भी कहा कि चिराग पासवान जैसे नेताओं को खुद आरक्षण छोड़ना चाहिए!
धन्यवाद राजभर जी,
वो सच बोलने के लिए जो आज सभी नेता बोलने से कतराते हैं👏🙏
मैं @ReallySwara को जौहर पर डिबेट की चुनौती देती हूँ।
भयावह क्षणों को एक सस्ती punchline में बदलना आसान है। दरिंदों से घिरी औरतों के सामने मौजूद उस ख़ौफ़ को A.C. Hall में बैठकर कायराना कह देना आसान है।
एक होता है रहमोकरम पर जीना— एक होता आन बान शान से जीना..
रानी पद्मावती और हज़ारों औरतों ने अपनी देह, अस्मिता सम्मान पर आख़िरी फैसला किसी हवसी आक्रांता पर नहीं छोड़ा…
बलात्कार और sex slavery में अंतर होता है जिहादन
और वैसे भी तुम कन्वर्टेड मुल्ली नहीं समझ सकती और तुम्हारा वो लेवल भी नहीं की एक क्षत्राणी से तुम्हारी कोई तुलना हो।
स्वारा भास्कर - मुगलों के हमलों के दौरान जौहर करने वाली महिलाएं कायर थीं |
जाट एसोसिएशन - छोटी सी तरक्की के लिए मुगलों का बिस्तर करने वाली गंदगी को अक्सर जौहर करने वाली कायर लगती हैं |
और इस बात का उदाहरण हमको देने की आवश्यकता नहीं कि वह कौन कौन गंदगी हैं जो तरक्की के लिए मुगलों का बिस्तर गर्म अब भी कर रही हैं |
अगर मैं अपने समाज की आवाज उठा सकता हूं, तो सवर्ण समाज के नेता अपने समाज की बात क्यों नहीं उठाते, अगर वो नहीं उठाएंगे तो मैं सामान्य वर्ग की आवाज़ भी उठाऊंगा:- चिराग पासवान (केंद्रीय मंत्री)
पॉवर ऑफ़ वोट बैंक। जब आप एकजुट होंगे तब हर कोई आपकी आवाज बनेगा।
🚨 बड़ी खबर: जौहर पर की गई टिप्पणी को लेकर राजवीर सर ने स्वरा भास्कर को दिया जवाब 😳
स्वरा भास्कर:
"अगर मैं किसी दुष्कर्म की पीड़िता होती, तो यह फिल्म मुझे क्या संदेश दे रही है? मुझे ऐसा लगता कि अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए खुद को नुकसान न पहुँचाने पर मैं कायर हूं।"
राजवीर सर:
"जौहर आक्रमणकारियों के सामने झुकने से इनकार और आत्मसम्मान की रक्षा का प्रतीक था। इतिहास के साहस और बलिदान को आज की सुविधाजनक सोच के चश्मे से नहीं परखा जा सकता।" 🔥
स्वरा भास्कर का कहना सही है की वो मरने से बेहतर लड़ना पसंद करतीं , “she is more than her vagina ” क्योंकि आज देश में स्त्रियों को समान अधिकार प्राप्त हैं । आज कोई मुग़ल आक्रांताओं का शासन थोड़े ना है, जहाँ हिंदू राजाओं/सभासदों की स्त्रियों को ‘ सेक्स स्लेव ’ बनाकर रखा जाता था । 21 वी शताब्दी में बैठी हुई स्त्री मध्यकालीन स्त्रीयों को पढ़ें बिना, देश-काल-परिस्थिति देखे बिना कुछ भी कहने और लिखने बोलने के लिए स्वतंत्र हैं ।
बाप न मारी मेंढकी, बेटा तीरंदाज' !
राज ठाकरे को जनता ने सब जगह से उतार दिया, तो बेटा अब कुंठा में प्रधानमंत्री नरेन्द मोदी की तस्वीरें उतारते घूम रहा है !
आज मैं सच्चे मुसलमानों से पूछना चाहता हूँ
आप तो परदे की बात करते हो हिज़ाब
की बात करते हो... बूर के की बात करते हों...
तो तुम्हारी कौम में शामिल इस बुतपरस्त जो कि
एक मुसलमान की बेगम भी है उसके ये अधनंगे जिस्म नहीं दिखाई देते...
या सिर्फ डिम्पल यादव को ही नंगा बोलकर अपमानित करने का इस्लाम है आपका ?
इसके कपड़े देखिये... आप पहचान भी नहीं पाएंगे कि अंदर का कपड़ा बाहर है या बाहर का अंदर है या अंदर का ही है सिर्फ...
इससे ज़्यादा कोमी बेशर्म बेगम नहीं देखी मैंने✍️
अरे चिराग पासवान जी,
अब डैमेज कंट्रोल का प्रयास मत कीजिए, कितना रंग बदलेंगे ? सामान्य वर्ग ने आपकी मानसिकता देख ली है, अब मैनेज करने से क्या होगा ? आप भी जातिवादी निकले !
राहुल गांधी और वामपंथियों के हिसाब से इनमे से एक महिला गुलामी का जीवन जी रही हैं. जिसे मनु स्मृति ने गुलाम बनाया है
आप लोग उस एक महिला को पहचान सकते हैं?