कर्नल केसरी का इस्तीफा लेने वालों का प्रोपेगेंडा फैल हो गया है
गांव गली तक लोगो को पता चल गया है कि RAS 2023 इंटरव्यू टॉपर रिछपाल गोदारा जाट है 65 मार्क्स,
टेलीकॉम SI 2024 इंटरव्यू टॉपर सुनील चौधरी है 37 मार्क्स।
कर्नल केसरी के रहते अन्याय बंद केसरी युवाओं के रोल मॉडल है अब।
क्या अब भी किसी को नहीं पता है कि SI टेलीकॉम 2024 का इंटरव्यू टॉपर कौन है?
तो बता देते है सुनील चौधरी साहब है
पूरे 37 अंक बोले तो 74%
रिटन में मार्क्स 224 है मतलब 56%
एग्जाम के मार्क्स से ज्यादा इंटरव्यू में मार्क्स न्याय है तो फिर रिटन में ज्यादा मार्क्स को भी कम न्याय है।
जी पी पिलानिया और सी आर चौधरी निम्न दर्जे के जातिवादी थे, ऐसा उनके कामो से सिद्ध होता हैं। अगर उनके समय की RPSC भर्तियों की समीक्षा की जाये तो डोटासरा की धांधली फीकी पड़ जाएगी।
केसरी का विरोध सिर्फ इसलिए हो रहा है क्योंकि वो निष्पक्ष है। अकेला नंबर नहीं देता, बोर्ड देता है।
RPSC का सम्मान सबका नैतिक दायित्व है। इतिहास भूलकर वर्तमान कार्यकारी अध्यक्ष पर व्यक्तिगत हमला न्याय नहीं है।
आज लेफ्टिनेंट कर्नल केसरी सिंह राठौड़ RPSC के कार्यकारी अध्यक्ष हैं। सेना की पृष्ठभूमि, अनुशासन और पारदर्शिता की बात करने वाले अधिकारी पर बिना ठोस दस्तावेज के आरोप लगाना आसान है। पहले आयोग का अपना इतिहास देखें।
1. ज्ञान प्रकाश पिलानिया युग
22/12/1989 से 17/02/1994
पूर्व डीजीपी, बाद में राज्यसभा सांसद। आरोप यह रहा कि उस काल में चयन में वर्ग-विशेष की छाप दिखी। साक्षात्कार के अंकों को लेकर आज भी सवाल उठते हैं।
2. सी.आर. चौधरी युग
27/02/2002 से 28/02/2010
सदस्य, फिर दो बार अध्यक्ष—पहले OFC, फिर नियमित। RPSC इतिहास में एक ही व्यक्ति का इतना लंबा नियंत्रण दुर्लभ रहा। अशोक गहलोत सरकार द्वारा नियुक्ति। उस आठ वर्ष के कालखंड की शिकायतें आज भी जीवित हैं।
3. के.आर. बगड़िया युग
18/06/2013 से 17/06/2019
अध्यक्ष, नियुक्ति अशोक गहलोत द्वारा। दावा यह है कि नियमों को ताक पर रखकर एक अभ्यर्थी—किसान मसीहा के रिश्तेदार—को साक्षात्कार में ऐसे अंक दिए गए जो आयोग की स्थापना से आज तक किसी को नहीं मिले। RAS में 90+ अंकों की चर्चा बार-बार आती है।
4. हरिकिशन खीचड़
30/01/2016 से 05/03/2017
वसुंधरा राजे सरकार द्वारा नियुक्ति। उसी दौर में किसान समुदाय के दो सदस्य एक साथ आयोग में रहे।
अब वही लोग, जिनके काल में साक्षात्कार के अंक, जाति-विशेष चयन और रिश्तेदारी के आरोप लगे, आज कार्यकारी अध्यक्ष कर्नल केसरी सिंह पर व्यक्तिगत हमला कर रहे हैं।
बुजुर्ग कहा करते थे—
“जिनके घर की दीवारें काँच की हों, उन्हें दूसरों के घर पर पत्थर नहीं फेंकने चाहिए।”
कर्नल केसरी सिंह पर 2023 में भी बयानों को लेकर विवाद हुआ। गहलोत सरकार ने स्वयं नियुक्त किया, फिर distanced हुई। 2026 में यू.आर. साहू का कार्यकाल पूरा होने के बाद वरिष्ठ सदस्य होने के नाते उन्हें कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया। ढाई साल में हजारों इंटरव्यू, बोर्ड चेयरमैनशिप, वार्षिक कैलेंडर, इंटरनल ऑडिट—यह रिकॉर्ड सार्वजनिक है। गलती हो तो जाँच हो। बिना सबूत चरित्र-हनन संस्था को कमजोर करता है।
RPSC लाखों अभ्यर्थियों की उम्मीद है। पिलानिया, चौधरी, बगड़िया, खीचड़—सब इतिहास का हिस्सा हैं। । लेकिन दोहरा मापदंड बंद हो।
जाति नहीं, निष्ठा। आरोप नहीं, दस्तावेज।
RPSC जैसी संवेदनशील संस्था का सम्मान करना हम सबका कर्तव्य है।
@Yogsa_Ratangarh
#RPSC #KesariSinghrathore #Rajasthan #RAS
रिछपाल गोदारा जाट RAS 2023 टॉपर इंटरव्यू 65 मार्क्स।
RAS 2024 इंटरव्यू 42 मार्क्स ?
रिछपाल गोदारा को बताना चाइये कि उनका 2024 इंटरव्यू किसने लिया आखिर उस मेंबर का इस्तीफा होना चाहिए?
आखिर ऐसा क्या हो गया जो पूरे 23 मार्क्स कम इंटरव्यू में?
इसका खुलासा होना चाहिए?
@DEEPSBISHNOI_ Ja be jhute
Interview me full number dotaji ke rishtedaro ko milte the
Wo sab band ho gaya isliye tumhe jalan ho rahi hai😂
कर्नल ki vajah se sirf ek jati vishesh ke pet me dard hai
@study56699@dineshbohrabmr 😂😂😂😂
क्यूँ वो दूध से धुले है क्या
उनके पाप तू क्यूँ ढ़ो रहा है
जांच चल रही है
तू पहले Data देख के बात कर
Sog ने किस बिरादरी के लोगों को सबसे ज्यादा पकड़ा है, बेईमानी और पेपर चोरी मे
तुझे जवाब मिल जाएगा
@RajSampark@BhajanlalBjp@svoruganti1466 शिकायत का कोई समाधान नहीं होता है और बिना कोई कारवाई के डिस्पोज कर दी जाती है
जितना प्रचार कर रहे हों उन शिकायतों का 5% भी समाधान नहीं होता होगा।
आज सभी कोचिंग वाले आ जाएंगे। कुछ तो आ गए लाईव। भेड़िए के तरह चिल्लाएंगे
बैच ले लो। ये वो......
जब न्याय और सहयोग की जरूरत थी तब बिल में घुसे हुए थे।। एक टक्का न्याय के लिए नहीं दिया।
लेकिन छात्र भी इन्हीं के लायक है सब उनको देखने सुनने लगे हुए हैं।