मेरे!बारिश एकदिन तू भी बिक जायेगा
सिको के दाम,कौड़ियों के भाव में
जिन्हे पाला तूने वही कर देंगे
तुझे नीलम सरे आम बदनाम
तेरी भी सरहदे होंगे और इलाके
हर जगह रोका जाएगा तुझे भी
और ली जाएगी कुछ रसूल
और करके भेज देंगे टुकड़ों में
अपने मन के मरीज (मनुष्य)।
साथ में अच्छा रखने से
या अच्छी किताबें पढ़ने से
कोई अच्छा नहीं बन जाता
खुद को लुटाना
और तपाना भी पढ़ता है
सिरे से दौड़ लगाने से लेकर
अंत तक सहते रहना भी होता है ।
अब कुछ नहीं छोडूंगा तुझपे ये वक्त
जो लौटना हो लौटा दे वापस मुझे
और जो ले जाना हो तो साथ ले जा
उलझले बहुत पल रखा था तेरे भरोसे
अब खुद ही सब को सुलझाना है
जिन्दगी तुझपे नहीं
अब खुद ही चलाना है
बस जो देना हो लौटा जा
जो नहीं उससे दूर ले जा ।
~a _lost_clause
गुजारने को रास्ते हो तो
तुम शायर बन जाना
फिर रास्ते में बिन सितम
ही सितम नजर आयेंगे
हर लोग नकारे और
धोखेबाज दिखने लगएंगे
और इस्क के दर्द में भी
फिर तुम्हें हरदम चासनी
सा स्वाद आयेगा ।
~a_lost_clause