सरोजनीनगर में विकास अब केवल योजनाओं तक सीमित नहीं, बल्कि जनभागीदारी से संचालित एक मजबूत मॉडल बन चुका है। 🤝🏙️
1600+ RWA, व्यापार मंडलों और स्थानीय संगठनों को जोड़कर स्वच्छता, सुरक्षा, खेल, पर्यावरण, युवा प्रतिभा और सामाजिक सहयोग को नई दिशा मिली है। 🌿🏃♀️📚
मेरा संकल्प है कि प्रत्येक RWA में ओपन जिम 🏋️, सामुदायिक पुस्तकालय 📖, सोलर पावर ☀️, वर्षा जल-संचयन 💧, बच्चों के लिए झूले 🛝 और हर आयु वर्ग के लिए खेल सुविधाएँ ⚽️🏸 उपलब्ध हों।
“सशक्त RWA, सशक्त समाज, सशक्त सरोजनीनगर” — यही हमारा विकास का नया मॉडल है। 🇮🇳✨
#Sarojininagar #JanBhagidari #VikasKaNayaModel #GreenSarojininagar
राष्ट्र सेवा, संगठन निर्माण और सांस्कृतिक चेतना के प्रखर प्रेरणास्रोत, संघ के द्वितीय सरसंघचालक परम पूज्य माधव सदाशिवराव गोलवलकर ‘गुरुजी’ की पुण्यतिथि पर विनम्र श्रद्धांजलि।
उनका त्याग, तप और राष्ट्रभक्ति सदैव हमारा पथप्रदर्शन करती रहेगी।
सरोजनी नगर दक्षिण मंडल 3 के मंडल उपाध्यक्ष एवं भाजपा के वरिष्ठ कार्यकर्ता श्री राजीव बाजपेयी जी के छोटे भाई श्री संजीत बाजपेयी जी के दो पुत्रों के उत्तराखंड में आकाशीय बिजली गिरने से असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद है।
उनके तेलीबाग स्थित आवास पहुँचकर शोकाकुल परिजनों से भेंट कर अपनी संवेदनाएँ व्यक्त कीं तथा दिवंगत आत्माओं को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
इस अवसर पर श्री देवी दयाल बाजपेयी जी, श्री योगेश बाजपेयी जी, श्री दीपक बाजपेयी जी, श्री सुजीत बाजपेयी जी, श्री संजय बाजपेयी जी, मंडल अध्यक्ष श्री रमाकांत मिश्रा राजन जी, पार्षद श्री के एन सिंह जी, श्री शेर अली ख़ान जी, श्री राजेश चावला जी, श्रीमती अर्पणा भारती जी, श्रीमती जयश्री शर्मा जी, श्रीमती आराधना पांडे जी, श्रीमती बबीता सिंह जी, श्री वीरेंद्र ठाकुर जी, श्री राजेश मिश्रा जी, श्री श्रीकृष्ण यादव जी, श्री संतोष सेंगर जी एवं श्री हरि जैन जी मौजूद रहे।
ॐ शांति।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आज K-950, आशियाना आवास में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता कर पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण एवं हरित भविष्य के निर्माण का संकल्प लिया। यह पहल पूज्य झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत, लखनऊ एवं इसकी सहयोगी एवं दाता संस्था ऑरो रिसाइक्लिंग प्राइवेट लिमिटेड के संयुक्त प्रयासों से संपन्न हुई, जो समाज और पर्यावरण के हित में निरंतर कार्य कर रही हैं।
इस अवसर पर पूज्य झूलेलाल सिंधी सेंट्रल पंचायत, लखनऊ के संरक्षक श्री दुनी चंद चंदानी जी, श्री राकेश भगवानी जी, श्री वासदेव सचदेवा जी, श्री भगत आसवानी पार्षद श्री कमलेश सिंह जी, पार्षद श्री कौशलेंद्र द्विवेदी जी, पार्षद श्री के.एन. सिंह जी, श्री रमा शंकर त्रिपाठी जी, श्री कृपा शंकर शुक्ला जी, श्री विनोद मौर्या जी (मंडल अध्यक्ष), श्री आनंद जोशी जी, श्रीमती शिविता गोयल जी, श्री बलदेव रमानी जी, श्री पप्पू पांडे जी, श्री अखिलेश तिवारी जी, श्रीमती चारुल रमानी जी, श्रीमती रितु सिंह जी, श्री राजीव सिंह जी, श्री संजय सिंह जी तथा श्री अजय प्रताप सिंह जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में वन विभाग की ओर से श्री एस.एन. सिंह जी (क्षेत्रीय वन अधिकारी), श्री दीपक कनौजिया जी (वन दरोगा), श्री अभिषेक सिंह जी (वन दरोगा), श्री रंजीत कुमार जी (वन दरोगा), श्री अभिषेक वर्मा जी (वन रक्षक) तथा श्रीमती साधना सिंह जी (वन रक्षक) भी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
इस अवसर पर उपस्थित वक्ताओं ने सभी नागरिकों से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने का आह्वान करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं है, बल्कि उनके संरक्षण और संवर्धन की जिम्मेदारी निभाना भी उतना ही आवश्यक है। साथ ही, वन विभाग, सामाजिक संगठनों एवं आमजन की सहभागिता से व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण एवं पर्यावरण संरक्षण अभियान को जन-आंदोलन बनाने पर बल दिया गया।
वन एवं पर्यावरण संरक्षण में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वन विभाग के कर्मियों को प्रोत्साहित करने हेतु महत्वपूर्ण पहल की घोषणा भी की गई। जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले वन रक्षकों एवं कर्मचारियों को उनके कार्यों को सुगम बनाने के लिए साइकिलें प्रदान की जाएंगी, जबकि वरिष्ठ अधिकारियों को पर्यावरण-अनुकूल इलेक्ट्रिक स्कूटर उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा और पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी जन-जन तक पहुंचेगा।
इसके अतिरिक्त, बच्चों और युवाओं में प्रकृति एवं वन संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से आगामी माह से वन एवं पर्यावरण विषयक विशेष प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर यह भी घोषणा की गई कि भविष्य में आयोजित होने वाली इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को ₹25,000, ₹11,000 एवं ₹10,000 के नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। यह पहल नई पीढ़ी को पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता, जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधनों के महत्व से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास होगी।
आइए, हम सभी “एक व्यक्ति–एक पौधा” का संकल्प लें और वृक्षारोपण, जल संरक्षण तथा प्लास्टिक मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाकर आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ, हरित और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करें।
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर लखनऊ गोल्फ क्लब में आयोजित ‘द ग्रीन शिफ्ट’ गोल्फ टूर्नामेंट अवॉर्ड्स में सहभागिता कर खेल, जनभागीदारी और पर्यावरण संरक्षण को एक साझा मंच पर आगे बढ़ाने का अवसर मिला। इस अवसर पर मेगा स्टार श्री संजय दत्त जी की उपस्थिति ने Net Zero Sarojininagar अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की।
‘द ग्रीन शिफ्ट’ केवल एक गोल्फ टूर्नामेंट नहीं, बल्कि खेल, समाज, उद्योग, नवाचार और जनसहभागिता को जोड़कर पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास को जनआंदोलन बनाने का प्रयास है। प्रतियोगिता के अंतर्गत जूनियर, महिला, वेटरन्स, सीनियर वेटरन्स एवं विभिन्न हैंडीकैप श्रेणियों सहित कुल 23 खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया तथा विजेताओं को ₹6 लाख तक के आकर्षक पुरस्कार प्रदान किए गए।
इस अवसर पर श्री संजय दत्त जी ने कहा—
“पेड़ लगाओ, जादू की झप्पी पाओ। पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारों की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है।”
उन्होंने आगे कहा—
“ये Net Zero का मूवमेंट केवल सरोजिनी नगर में नहीं, ये आपको पूरे हिंदुस्तान में लेकर जाना है। राजेश्वर जी मेरे भाई हैं। ये मेरे को कहेंगे ‘संजू बाबा यहां आ जाओ’, मैं इनके लिए कहीं भी खड़ा हो जाऊंगा।”
मेरा दृढ़ विश्वास है कि Net Zero की यात्रा बिल्कुल गोल्फ की तरह है—सफलता किसी एक बेहतरीन शॉट से नहीं, बल्कि लगातार किए गए छोटे-छोटे प्रयासों से मिलती है। आज जलवायु परिवर्तन भविष्य नहीं, वर्तमान की चुनौती है। जब सामान्य नागरिक यह तय करेगा कि उसका हर छोटा कदम मायने रखता है, तभी Net Zero का लक्ष्य वास्तविकता बनेगा।
आज लखनऊ सहित देशभर के शहर गंभीर पर्यावरणीय चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। लखनऊ का AQI कई बार 200 के पार पहुंच जाता है, भूजल स्तर लगातार गिर रहा है, जबकि वायु प्रदूषण के कारण विश्वभर में प्रतिवर्ष लगभग 70 लाख लोगों की असमय मृत्यु होती है। यूनिसेफ के अनुसार वर्ष 2040 तक लगभग 60 करोड़ बच्चे गंभीर जल संकट का सामना कर सकते हैं। ये आंकड़े केवल चेतावनी नहीं, बल्कि तत्काल सामूहिक कार्रवाई का आह्वान हैं।
ऊर्जा संरक्षण की दिशा में यदि भारत का प्रत्येक नागरिक केवल एक वॉट बिजली की बचत करे, तो प्रतिवर्ष लगभग 1,250 करोड़ यूनिट बिजली बचाई जा सकती है, जिससे करोड़ों रुपये की बचत और लाखों टन कार्बन उत्सर्जन को रोका जा सकता है। ऐसे समय में ऊर्जा संरक्षण, पौधारोपण, हरित जीवनशैली, स्वच्छ ऊर्जा और जनभागीदारी ही आगे का रास्ता है।
इस अवसर पर श्री डॉ. सुभाष चंद्र जी (अध्यक्ष), श्री रजनीश सेठी जी (सचिव), श्री आर. एस. नंदा जी (कप्तान), श्री सुधांशु रस्तोगी जी (संयुक्त सचिव), श्री यासिर जी, श्री अजय गुप्ता जी, श्री तेजपाल सियाल जी, श्री करण चंदा जी सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
मुझे प्रसन्नता है कि Net Zero Sarojininagar अभियान लगातार समाज, उद्योग, शिक्षण संस्थानों, खेल जगत और नागरिकों को जोड़ते हुए आगे बढ़ रहा है। हमारा लक्ष्य केवल सरोजिनी नगर तक सीमित नहीं, बल्कि एक ऐसा मॉडल तैयार करना है जो व्यापक स्तर पर हरित परिवर्तन की प्रेरणा बने।
आइए, हम सभी मिलकर खेल, समाज और पर्यावरण को जोड़ते हुए “एक व्यक्ति–एक संकल्प” के साथ Net Zero Sarojininagar 2040 के लक्ष्य को जनआंदोलन बनाएं।
#WorldEnvironmentDay #GreenShift #NetZeroSarojininagar #EnvironmentalProtection #Sustainability #Lucknow
My sincere gratitude to Shri @duttsanjay ji for agreeing to attend today's Green Shift Golf Awards Ceremony and World Environment Day Celebration event at such a short notice, which only reflects his deep commitment towards the nature and ecology.
His presence inspires the youth and instills confidence amongst all of us. Here's to a greener, safer and vibrant environment!
#NetZeroSarojiniNagar #WorldEnvirontmentDay
“Mental well-being is not an add-on to education; it is the backbone of sustainable learning.”
At the Principal’s Conclave - 2026, organized at the School of Management Sciences, Lucknow, deliberations on the theme “Mental Health and Well-Being of Students and Educators: Creating a Supportive Ecosystem” proved timely and direction-setting for India’s education system.
India today operates the largest education system in the world. From a literacy rate of nearly 10% at Independence, the country has progressed to around 80%, driven by decades of dedication by teachers, principals, and educational institutions.
Currently, India’s school education system comprises 248 million students, 1.472 million schools, and 9.8 million teachers, while higher education includes 43.3 million students across 40,000+ institutions. Educating nearly one-fourth of the world’s students, India manages education at an unmatched scale. This expansion is accompanied by 82% hybrid learning adoption, a USD 10.4 billion EdTech market, ~6.5% of GDP investment in education, and rapid integration of AI and digital tools.
However, this growth has intensified mental health challenges. As highlighted by WHO India, NCERT Mental Health Survey, The Lancet Psychiatry, and UNICEF India, 3 out of 5 students experience anxiety, nearly 70% face academic stress, and over 50% show early signs of depression. Teachers face similar pressures, with 1 in 4 unable to practise weekly self-care and 55% experiencing work-related stress, leading to burnout and disengagement.
In this context, the role of principals is decisive. While teachers shape classrooms, principals shape the entire institutional ecosystem, balancing student needs, parental expectations, administrative responsibilities, and teacher well-being. Their leadership determines whether institutions remain result-oriented or evolve into humane and sustainable learning environments.
The conclave reaffirmed a clear conclusion: mental health is not optional-it is fundamental to quality education. Wellness calendars, trained counsellors, and safe platforms for dialogue are no longer additional facilities; they are educational necessities.
The conclave was enriched by the guidance of the Chief Guest, Shri Jai Shankar Mishra Ji, former IAS officer and Vice-Chancellor of Sushant University, Gurugram, whose visionary leadership as an administrator, litterateur and academician is truly inspiring.
I extend my heartfelt congratulations to the entire team of SMS, College Lucknow and express sincere gratitude to Shri Anand K. Sinha Ji (Secretary, AKWL), Mr. A. K. Mathur Ji, Dr. Dharmendra Singh Ji, Dr. Ashish Bhatnagar Ji, Dr. B. R. Singh Ji, Dr. Jagdish Singh Ji, Dr. V. B. Singh Ji, Mr. Surendra Srivastava Ji, Dr. P. K. Singh Ji, Mr. Rahul Awasthi Ji, Mr. Aditya Pratap Singh Ji, and all other distinguished dignitaries for making this conclave meaningful and impactful.
अमेठी, रायबरेली क्षेत्र के प्रभावशाली लोग इस मामले में दखल दें। लखनऊ के समर्थशाली सदस्य भी पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाएं कि इस मामले में लड़की सकुशल बरामदगी हो और आरोपियों पर कार्रवाई हो।
माननीय मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी से अनुरोध है कि अपनी @Uppolice के @dgpup@Rajeevkrishna69 को निर्देशित आदेशित करने का कष्ट करें कि उपरोक्त मामले में त्वरित व सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए।
सभी "हिंदुओं" से निवेदन है कि बहराइच के इस सच को वायरल करें
क्योंकि अब तक कहा जा रहा था कि दंगे की शुरुआत हिंदुओं ने की..
अब खुलासा हो गया है कि पहले रामगोपाल उस मुस्लिम के घर की छत पर नहीं चढ़े थे
गौर से देखो पहले जिह!दियों ने भगवा ध्वज छीनकर फाड़ फेंका, पीछे से दुर्गा शोभायात्रा पर पत्थर फेंका
मां दुर्गा प्रतिमा का हाथ टूट कर गिर गया उसके बाद मां दुर्गा की प्रतिमा समेत हिंदुओं पर पत्थर फेंके गए, जहां से पत्थर फेंका गया उसी घर पर रामगोपाल जी चढ़े और भगवा झंडा लगाया
इसी के बाद बहराइच में माहौल खराब हुआ..!!
दिखाओ दुनिया को असली दंगाई कौन है..??
बहराइच में गोपाल मिश्रा को मुसलमानों ने घर में खींच कर कम से कम बीस गोलियाँ मारीं। जहाँ मुसलमान हैंडल बचाव की जगह यह कहते दिख रहे हैं कि ‘मौत के मुँह में आएगा तो मारा ही जाएगा’, वहीं कई हिन्दू हैंडल बता रहे हैं कि इसमें अपराध दुर्गा पूजा का, विसर्जन के लिए निकले हिन्दुओं का, सड़क पर बज रहे डीजे का और अंततः गोपाल मिश्रा का ही है।
ये वो हिन्दू हैं जिनका पूरा जीवन इस्लामी उन्मादी भीड़ के कुकृत्यों को उचित ठहराने में बीतता है, पर वो यह भूल रहे हैं कि यही भीड़ अवसर पाते ही उनके घरों से जब उनकी माँ या बहन को उठा कर ले जाएँगे, सामूहिक बलात्कार करेंगे, तब उनके पास ना मायका बचेगा, न ससुराल।
चार लाइक और दस रीट्वीट के लिए दंगाइयों की अधोजटाओं में कंघी करने वाले हैंडल, अपने कुतर्क के पक्ष को उचित बताने के लिए अपनी माँ और बहन का भी प्रयोग कर सकते हैं। वो आपको बताएँगे कि सर्टिफिकेट पर बाप का नाम फलाना सिंह, फलाना यादव या फलाना गुप्ता अवश्य है, पर मम्मी बताती है कि उनकी कोख में तो अब्दुल अंकल का ही बीज आया था।
ऐसे हिन्दुओं से बचिए और उन्हें बताइए कि वो क्या कर रहे हैं।