"हिन्दुस्तान में जो मुसलमान पड़े हैं उन ज़्यादातर मुसलमानों ने पाकिस्तान बनाने में साथ दिया अब एक रोज़ में, एक रात में, सबका दिल कैसे बदल गया ये मेरी समझ में नहीं आता : सरदार वल्लभ भाई पटेल कोलकाता में
🚨 वायरल लड़की के कथित हिंदू-विरोधी पोस्टों पर अश्विनी उपाध्याय ने तत्काल FIR दर्ज करने की मांग की
"जब द���वी-देवताओं का अपमान करने वाली या धार्मिक भावनाओं को आहत करने वाली सामग्री सोशल मीडिया, समाचार रिपोर्ट या किसी अन्य माध्यम से पुलिस के संज्ञान में आ जाती है, तो दिल्ली पुलिस के पास इंतजार करने का कोई अधिकार नहीं है।"
अश्विनी उपाध्याय ने दावा किया कि सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ऐसी स्थिति में SHO/ACP को किसी औपचारिक शिकायत का इंतजार किए बिना स्वतः संज्ञान (Suo Motu) लेते हुए FIR दर्ज करनी चाहिए।
उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में कई बार औपचारिक शिकायतें दिए जाने के बावजूद संबंधित अधिकारी कार्रवाई करने से बचते हैं।
सनातन की लड़ाई में किसी नेता के भरोसे मत बैठो
जो खुलकर आपके साथ खड़ा नहीं हो सकता,
उसके नाम की ढाल भी मत बनो
राहुल गांधी और चंद्रशेखर रावण हमेशा घटिया
कार्यकर्ता के भी समर्थन में खड़े रहते हैं
धर्म और भगवान श्रीराम के सम्मान के लिए खुद आवाज़ बनो
जियो शेर दक्ष चौधरी 🔥✊
कितनी शानदार तरीके से खेल रही है यह लड़की भारत और उत्तर प्रदेश सरकार से....
देवी,देवताओं, प्रधानमंत्री को गाली दो, निर्दोष पिटे कूटे को जेल भिजवाओ, थाना, कोतवाली में हुल्लड़ मचाओ और सरकार से झूठ बोलकर फ्री में सिक्योरिटी लो....
India is a Banana State, isn't ?a
चाहे समाजवादी पार्टी या कांग्रेस हो उन्होंने कभी भी
अपने छपरी कार्यकर्ता को भी अकेला नहीं छोड़ा है
वही देश, हिंदुत्व की बात करने वाले अजित भारती
या स्वतंत्र भारद्वाज पर समस्या आई तो BJP उनका
साथ छोड़ देती कभी उन्हें सर्पोट नहीं करती
दक्ष चौधरी की बहुत गहरी और कड़वी बात
आपके लिए ज्ञान की देवी सावित्री बाई फूले हो सकती हैं किसी के लिए ज्ञान की देवी सरस्वती जी हो सकती है।
किसी के लिए ये दोनों न होकर अपनी अनपढ़ मां ज्ञान की देवी हो सकती हैं।
फिर तुमको किस संविधान ने अधिकार दिया कि तुम किसी से ये पूछो कि तुम्हारी ज्ञान की देवी कहां से PHD नहीं की है।
ऐसे लोगों को हमारा कोई समर्थन नहीं है जेल में डालो।😎 #rahulgandhi #viralvideo #swatantrabhardwaj #nishuazad
ढोल की पोल ऐसे खुलती हैं
🤣🤣😂😂😅😅🤣🤣
ईरान के सरकारी टेलीविज़न ने विदेश मंत्री "अब्बास अराघची" और नए रहनुमा "मोजतबा खामेनेई" के बीच एक इंटरव्यू दिखाया,
लेकिन सबसे बड़ी बात यह है कि इंटरव्यू में मोजतबा की तस्वीर एक कार्डबोर्ड बॉक्स पर थी जो पंखे की हवा से उड़ गई।
🤣 🤓🤣🤓
✳️ *गांधी मुस्लिम समुदाय के समर्थक क्यों थे?*
(प्रो. के एस नारायणाचार्य ने अपने पुस्तक में कुछ संकेत दिए हैं ...)
यह वात सभी जानते हैं कि - नेहरू और इंदिरा मुस्लिम समुदाय से ताल्लुक रखते थे। लेकिन बहुत कम ही लोग गांधीजी की ज���तिगत जड़ों को जानते हैं...!! आइए यहां एक नजर डालते हैं कि वे क्या कारण देते हैं...!?
1. मोहनदास गांधी करमचंद गांधी की चौथी पत्नी पुतलीबाई के पुत्र थे।
पुतलीबाई मूल रूप से प्रणामी संप्रदाय की थीं । यह प्रणामी संप्रदाय हिंदू भेष में एक इस्लामिक संगठन है...।
2. मि. घोष की पुस्तक "द कुरान एंड द काफिर" में भी गांधी की उत्पत्ति का उल्लेख है...।
मोहनदास गांधी जी के पिता करमचंद एक मुस्लिम जमींदार के अधीन का�� करते थे । एक बार उसने अपने जमींदार के घर से पैसे चुराए और भाग गया । फिर मुस्लिम जमींदार करमचंद की चौथी पत्नी पुतलीबाई को अपने घर ले गया और उसे अपनी पत्नी बना लिया । मोहनदास के जन्म के समय करमचंद गान्धी तीन साल तक छिपे रहे..।
3. गांधीजी का जन्म और पालन- पोषण गुजराती मुसलमानों के बीच में ही हुआ था।
4. कॉलेज (लंदन लॉ कॉलेज) तक की उनकी स्कूली शिक्षा का सारा खर्च उनके मुस्लिम पिता ने ही उठाया !!
5. दक्षिण अफ्रीका में गांधी की कानूनी प्रक्टिस ओर वकालत करवान�� वाले भी मुसलमान थे !!
6. लंदन में गांधी अंजुमन-ए- इस्लामिया संस्थान के भागीदार थे...।
*इसलिए, यह नोट करना आश्चर्यजनक नहीं है कि गांधीजी का झुकाव मुस्लिम समर्थक क्यू था...!?*
*उन गान्धी का आखिरी स्टैंड था: ✒️*
☆ "भले ही हिंदुओं को मुसलमानों द्वारा मार दिया जाए, हिंदु चुप रहें उनसे नाराज न हों।
☆ हमें मौत से नहीं डरना चाहिए।
☆ आइए हम एक वीर मौत मरें।"
इसका क्या मतलब है?
स्वतंत्रता संग्राम के किसी भी चरण में गांधीजी ने हिंदुत्ववादी रुख नहीं अपनाया । वह मुसलमानों के पक्ष में ही बारंबार बोलते रहे।
जब भगत सिंह और अन्य देशभक्तों को फाँसी दी गई तो गांधीजी ने उन्हें फांसी न देने की याचिका पर हस्ताक्षर करने से इनकार कर दिया ।
हमें ध्यान देना चाहिए कि ऐनी बेसेंट ने खुद इसकी निंदा की थी...
*मोहन दास गांधी के अंडरस्टैंड ::*
1. स्वामी श्रद्धानंद के हत्यारे अब्दुल रशीद का बचाव किया...
2. तुर्की में मुस्लिम खिलाफत आंदोलन का समर्थन किया था । जिससे डा. हेगड़ेवार ने गांधी से नाता तोड़ लिया और आर.एस.एस. की स्थापना की..!
3. सरदार वल्लभभाई पटेल के पास पूर्ण बहुमत होने पर भी गांधी ने एक कट्टर मुस्लिम जवाहरलाल खान नेहरू को प्रधानमंत्री बनाया..!!
तत्कालीन 40 करोड़ भारतवासियों को बेवकूफ बनाकर उस मुस्लिम के नाम के पीछे पंडित का तमगा लगाया , ताकि मूर्ख अज्ञानी हिंदुओं को पागल बनाया जा सके...!!
4. पाकिस्तान विभाजित को 55 करोड़ रुपए देने के लिए अनशन भी किया..!!
5. हमेशा मुसलमानों का तुष्टीकरण किया ओर हिंदुओं का अपमान किया...॥
हिन्दुओं को भारत में छोटे दर्जे का नागरिक माना...!! जो आज भी उसके गांधीवादी राजनीतिज्ञों द्वारा जारी रखा जा रहा है...!!
*(संकलित) साभार 😗
🙏 वंदे भारतम् 🇮🇳
_उपरोक्त कथन सत्य पर आधारित है, कृपया इसे मिथ्या न समझें । आवश्यक हुई तो उक्त ग्रंथ :
*"द कुरान एंड द काफिर"* को आप किसी लाइब्रेरी में जाकर अध्ययन कर सकते हैं...॥_
🚩 *जय हिंद, जय भारत* 🚩
सुप्��ीम कोर्ट का यह क्लिप धारा 370 पर सुनवाई के दौरान का है
आर्टिकल 370 पर सुप्रीम कोर्ट में वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी ने इतिहास का वो पन्ना पलट दिया कि सभी जज चुपचाप सुनते रह गए,
उन्होंने नेहरू का नाम तो नहीं लिया लेकिन नेहरू के नीचता और नेहरू की गद्दारी की पूरी कहानी सुप्रीम कोर्ट के खंडपीठ के सामने बयां कर दी वह भी तथ्यों के साथ
फिर भी कांग्रेसी चमचे कहेंगे नेहरू तो आधुनिक भारत के निर्माता थे
सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील राकेश द्विवेदी अपनी दलील में कहते हैं, 'हम सच्चाई के बारे में बात नहीं करना चाहते हैं। सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर कौन था, औचिनलेक। भारत के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। पाकिस्तान के तीनों जनरल ब्रिटिश थे। यह युद्ध (कश्मीर पर पाकिस्तान की तरफ से हमला) क्या था? चर्चिल ने ही तय किया था कि भारत का विभाजन होगा। यह जियो-पॉलिटिक्स का खेल था सब। यह युद्ध एक ब्रिटिश युद्ध था। उन्होंने दोनों तरफ से इसकी तैयारी की थी। हमलावर कहां से आए थे? उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत (NWFP) से। दो कार्यकाल��ं के बाद मिस्टर कनिंघम, जो उत्तर पश्चिम सीमांत प्रांत के गवर्नर रह चुके थे, उन्हें जुलाई में वापस बुलाया गया। चुनाव से ठीक पहले।'
द्विवेदी ने उस वक्त की परिस्थियों को बताते हुए आगे कहा, 'हमलावरों को प्रशिक्षित किया गया, सेना के हथियारों के साथ ट्रकों पर भेजा गया। पाकिस्तान की सेना भारत से अभी-अभी अलग हुई थी। और सबसे बड़ा, सबसे स्पष्ट उदाहरण है, कौन लड़ रहा था? आज पीओके क्या है? पीओके का दो-तिहाई ���िस्सा गिलगित-बााल्टिस्तान है। और वहां किसने युद्ध लड़ा? हमलावरों ने नहीं। यह मेजर ब्राउन था। वहां का एजेंट कौन था? उन्हें कनिंघम ने ठीक उसी जुलाई में दोबारा पोस्ट किया था। उन्होंने महाराजा (हरि सिंह) के सभी फोर्सेज को मार डाला। अंसार अहमद वहां तैनात थे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया था। और उन्होंने चार दिनों में पाकिस्तान का झंडा लहराया और उन्होंने इसे कनिंघम को सौ��प दिया। उन्होंने पाकिस्तान की सेना आलम के पास भेजी और उन्होंने गिलगित-बल्तिस्तान पर कब्जा कर लिया। पाकिस्तान के साथ युद्ध कहाँ है? यह ब्रिटिश है। लेकिन अगर हम इन सब से आंखें मूंद लेते हैं।'
वो कहते हैं, 'भला ये हमलावरों का युद्ध है? हमलावर अपने आप श्रीनगर तक नहीं आ सकते थे। युद्ध लगभग कारादु और कारगिल से लेकर लेह के करीब तक पहुंच गया था। तो यह एक अलग तरह का युद्ध था, लेकिन कोई नहीं कह सकता था क्य���ंकि माउंटबेटन वहां गवर्नर जनरल के रूप में थे। पता नहीं हमारे नेताओं ने ऐसा क्यों किया? जिन्ना ने तो साफ कहा, मैं किसी भी ब्रिटिश गवर्नर-जनरल को स्वीकार नहीं करूंगा। लेकिन हमारे यहां कहा गया, नहीं, हमें गवर्नर जनरल स्वीकार हैं। तो यह युद्ध क्या है? यही नहीं, जब युद्ध शुरू हुआ, तो उन्होंने (नेहरू सरकार ने) एक डिफेंस कमिटी का गठन किया और माउंटबेटन को इसका अध्यक्ष बनाया दिया। तो यह एक गजब की स्थिति ��ै, लेकिन माउंटबेटन डिफेंस कमिटी के अध्यक्ष हैं।'
वरिष्ठ वकील आगे कहते हैं, 'ऑचिनलेक सशस्त्र बलों के सर्वोच्च कमांडर हैं। सभी जनरल ब्रिटिश ��ैं और एक ब्रिटिशर विद्रोह कर रहा है और जब वह इंग्लैंड लौटता है तो उसे ब्रिटिश साम्राज्य का पदक दिया जाता है। तो यह युद्ध की स्थिति नहीं है। इसलिए जब आप संविधान और 370 को पढ़ते हैं, तो कृपया इन बातों को ध्यान में रखें कि हमारे नेता किन परिस्थितियों में आगे बढ़ रहे थे। हमारी हमलावरों को पीछे धकेलने और अपनी जमीन वापस पाने की चाहत ही नहीं थी। उन्होंने एक समय पर जानबूझकर युद्ध को रोक दिया और संयुक्त राष्ट्र चले गए क्योंकि अगर हम मीरपुर तक और पीछे चले गए होते तो वह गिलगित-बल्तिस्तान से कनेक्शन टूट जाता।'
राकेश द्विवेदी ने अपनी बहस जारी रखते हुए कहा, 'ये सभी सच्चे तथ्य हैं। कोई भी इसे नकार नहीं सकता। और संयुक्त राष्ट्र क्या था? वही शक्ति जो जियो पॉलिटिक्स की वजह से भारत का विभाजन करना चाहती थी, अमेरिका और ब्रिटेन, उन्हें मध्यस्थ बनाया गया था। सौभाग्य से, पाकिस्तान ने पीओके खाली करने से इनका�� कर दिया। इसलिए वह प्रस्ताव खत्म हो गया है। संयुक्त राष्ट्र के बारे में बात करने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन ��स समय 370 के निर्माण में स्थिति की गंभीरता को देखें।'
मोदी जी से अनुरोध है
*नेहरू का अवैध शांतिवन मेमोरियल*52 एकड़ में बना है*
*बेगम इंदिरा खान का शक्ति स्थल*
*45 एकड़ में बना है*
*मियां राजीव का वीर भूमि*
*15 एकड़ में बना है*
*इन सबको तुरंत तोड़कर.... अस्पताल"और सरकारी स्कूल बनवाने की कृपा करें?*
*
जिस मंदिर में भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था,उस मंदिर को तोड़कर क्रूर इस्लामी जिहादी औरंगजेब ने उस पर एक मस्जिद बनवाई थी आज भी वैसी ही है कृष्ण भक्ति केवल व्रत,कामना और स्थिति के बारे में नहीं है आइए आज श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने,उसे वापस पाने.
इस डांस करती हुई विदेशी लड़की को देखकर देश के कई लोगों की आज सुलगने वाली है, क्योंकि ये कोई मामूली लड़की नहीं है...
कुछ राजनैतिक दल के लोग तो इन माननीय जी की तस्वीर देखते ही इनको पहचान गए होंगे, जो साथी नहीं पहचान पा रहे हैं...
वो अभी अपनी नजदीकी किराने की दुकान से बादाम खरीदकर ले आओ, क्योंकि उन्हें अपनी बुद्धि के विकास की बहुत ज्यादा आवश्यकता है...