ये प्राइवेट सेक्टर ही है जो तुम लोगों का और मुर्ख नेताओं का वजन हो रहा है इसकी और वाट लगा दो
और कौन से दलित आदिवासियों की जमीन जब आप बोलते हो की लैंडलॉर्ड तो सारे स्वर्ण समाज के लोग हैं तो आदिवासियों के पास कौनसी जमीन है? जिस दिन आप प्राइवेट सेक्टर में आरक्षण करोगे उसे दिन से सारी कंपनियां अपना बोरिया बिस्तर बांध के बाहर शिफ्ट हो जाएंगे और आप इधर लड़ते रहना में एससी एसटी में ओबीसी में जनरल इस देश का भट्टा बैठना तय है
माना कि कुछ लोगों का 5000 साल तक शोषण हुआ था अब 80 वर्षों से तो शोषण नहीं हो रहा है ना फिर आपको मैरिट नाम से इतनी चिढ़ क्यों है।
अगर आज भी शोषण हो रहा है तो आंबेडकर का बनाया हुआ संविधान सही नहीं है।
जब आपके जन्म से आपका कभी शोषण का सामना नहीं करना पड़ा तो आप किस आधार पर कह सकते हैं कि हम शोषित हैं?
कोई भी आरक्षण प्रेमी अगर तर्कों का जवाब दे सके तो कमेंट में आमंत्रित है हर एक बात का तर्क के साथ जवाब दिया जाएगा सिर्फ पढ़े लिखे लोग ही कमेंट करें।
मैडम जी 500 में 200 ही ओपन सीट आती है इसमें भी ias के लिए 100 सीट है तो top 20 में आने पर ही जनरल वाले IAS बन पाते हैं जबकि SC St वाले 200 रैंक पर आकर भी IAS बन जाते हैं अब बताओ कौनसी विकलांगता है उनमें जो 200 वीं रैंक पर भी ias बनाया जाता है जबकि जनरल वाले top 100 में आकर भी IAS नहीं बन पाते?
@ews_army ये पहल सिर्फ सामान्य वर्ग से शादी करने पर ही क्यों है sc st OBC की किसी दूसरी जाति में शादी करने पर ये राशि क्यों नहीं दी जा रही या टारगेट सदा से ही GC ही है?
मामला ये है जाट को कोई दूसरा किसी भी कुर्सी पर बैठा अच्छा नहीं लगता
इन्हें चपरासी से आईएएस तक सिर्फ जाट ही चाहिए
पंच से पीएम तक सिर्फ जाट चाहिए
इन्हें सिर्फ केसरी सिंह से दिक्कत नहीं है
इन्हें वसुंधरा से दिक्कत थी गहलोत से दिक्कत थी भजनलाल से दिक्कत है
इन्हें डोटासरा की पेपर चोरी से कोई मतलब नहीं है उसका सारे दिन गुणगान करते हैं
थोड़े से विश्नोई नौकरी क्या लग गए इन्हें सब अपनी तरह पेपर चोर नजर आने लगे
इन्हें हर एक उस इंसान से दिक्कत है जो जाट नहीं है और किसी पद पर है
इन्हें भजन लाल से दिक्कत है मदन दिलावर से दिक्कत है अविनाश गहलोत से दिक्कत है गजेंद्र सिंह से दिक्कत है इन्हें पूरी सरकार से दिक्कत है बस सुमित गोदारा और खर्रा को छोड़कर
अब जब जाट rpsc में सेटिंग नहीं कर पा रहे हैं और मूल ओबीसी वाले जो हकदार है सीट के वो नौकरी लग रहे हैं तो आपकी जलने लगी
सच बात तो ये है केसरी सिंह तो बहाना है आपको हर एक आदमी खटकता है जो जाट ना हो और किसी पद पर पहुंच जाए और आप अपनी जाति के लिए माहौल ना बना सको
आपको गहलोत से दिक्कत थी वसुंधरा से दिक्कत थी भजन लाल से दिक्कत है आपको हर उस व्यक्ति से दिक्कत है जो जाट नहीं है
आपको सब देख रहे हैं 36 कॉम देख रही है आपसे दूसरी जाति का कोई देखा नहीं जाता डोटासरा का बचाव कर रहे हो जो सच में भ्रष्टाचारी है गरीब बच्चों की सीट पर अपने परिवार के लोगों को लगाया और टीचर भर्ती में गरीबों की सीट पर अमीर जाटों को पेपर बेच कर लगाया उसका बचाव कर रहे हो अब वो टाइम गया कि तुम एक झूठ को बार बार बोलोगे और लोगों को लगने लगेगा सच बोल रहे हैं जब जाट को इंटरव्यू में जाट होने का प्रिविलेज नहीं मिलेगा तब रियल कंडीडेट को न्याय मिलेगा आपकी जगह दूसरा मूल ओबीसी का बच्चे लग रहे हैं तब आपको और जाट नेता डोटासरा को बुरा लग रहा है
कुछ लोग कह रहे हैं कि यूजीसी और आरक्षण की बात ब्राह्मणों की चाल है योगी को सीएम बनने से रोकने की मैं पूछना चाहता हूं मेरे ठाकुर भाइयों से की योगी जी ने क्या किया है समाज के लिए यूजीसी पर बोले?
एट्रोसिटी एक्ट पर बोले?
योगी जी ने कुछ फर्जी योद्धाओं को जरूर सरंक्षण दिया है जो मुंह खोल के कभी किसी राजपूत राजा को गुर्जर बताते हैं कभी कोई और जाति का बताते हैं और जब आरक्षण की बात आती है तब उन वीरों की सारी पीढ़ियां पिछड़ी और दबी कुचली ठाकुरों द्वारा सताई हुई कैसे हो जाती है पता नहीं।
आरक्षण में संशोधन बहुत जरूरी है सबके लिए इसमें सिर्फ यादव जाटव का ही विकास न हो सबका देश है सबका विकास हो एक दिन ऐसा आए देश में कि किसी को आरक्षण की जरूरत ना पड़े उसे अच्छी शिक्षा दे।
एक बात और अब आरक्षण की कोई प्रासंगिकता नहीं रही है थोड़े दिनों में आरक्षण और भी बढ़ेगा फिर यही समाज जो आरक्षण के पूर्ण पक्ष धर है विरोधी हो जाएंगे
#ReservationReformआंदोलन
सरकार से मांग है मीणा समाज को एस टी से बाहर किया जाए क्योंकि इनके साथ ना तो आजतक कभी भेदभाव हुआ है ना ही ये आदिवासी हैं और इनका विकास भी खूब हो गया और साथ में इनको EWS की मैरिट भी कम ही दिखती है तो इन्हें जनरल में शामिल किया जाए ताकि EWS का लाभ ले सकें।
चाहो तो OBC में भी कर सकते हो कोई दिक्कत नहीं है इन्हें बस मूल आदिवासी भीलों को इनके चंगुल से बाहर निकलो।
@HansrajMeena
@ChapraZila आज तुम स्वर्णों को दिन में तारे दिखा रहे हो फिर तुम्हारे साथ कोई कैसे भेदभाव कर सकता है कोई कैसे ताकतवर का शोषण कर सकता है?
या शोषित तभी हो जब आरक्षण की भीख लेनी हो?