बहुत अफसोस की बात है। जब भी शिक्षा की बात होती है उसके केंद्र में कुछ बड़े शहरों की तस्वीर होती है। लेकिन इसका ढांचा हिन्दी प्रदेशों में ध्वस्त हो गया है। पढ़ाई का हाल पहले चरण से ही इतना बुरा हो चुका है कि लोग ठीक से लिख नहीं पाते। सुन नहीं पाते कि क्या बोला गया है। नतीजा सबको लगता है कि नकल करो, किसी तरह पास हो जाओ। समाज भी इस चोर रास्ते पर चल पड़ा है। बच्चे तो स्कूल जाते ही हैं। गिनती के शिक्षक हैं जो दिल लगा कर पढ़ाते हैं। बाकी सब व्हाट्स एप फॉरवर्ड करने में लगे हैं।
भाजपा सरकार में युवाओं की हालत देखिए!
सिपाही भर्ती परीक्षा देने जा रहे अभ्यर्थियों को ट्रेनों की खिड़कियों से घुसकर सफ़र करना पड़ रहा है। करोड़ों रुपये के विज्ञापन देने वाली सरकार लाखों युवाओं के लिए बुनियादी व्यवस्था तक नहीं कर पाई।
युवाओं को रोजगार नहीं, अव्यवस्था और अपमान मिल रहा है। भाजपा के लिए परीक्षा सिर्फ़ एक इवेंट है, युवाओं का भविष्य नहीं।
उत्तर प्रदेश में कांस्टेबल भर्ती परीक्षा देने के लिए लाखों अभ्यर्थी ट्रेनों में भूसे की तरह भरकर अपने परीक्षा केंद्रों तक पहुंच रहे हैं। विडंबना देखिए, यही नौजवान कल कानून-व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन आज अपने भविष्य को सुरक्षित करने के लिए बदहाल व्यवस्थाओं से जूझने को मजबूर हैं।
चुनावों के दौरान वोटरों के लिए स्पेशल ट्रेनें चल जाती हैं, लेकिन जब युवाओं की बात आती है, तो सरकार कोई विशेष व्यवस्था नहीं करती।
किसी शख़्स को इस बात की सज़ा नहीं मिलनी चाहिए कि उसने इंसानियत की ख़ातिर एक मुस्लिम बुजुर्ग की मदद की।
दीपक का जिम आज बंद होने के कगार पर है।
दीपक की सहायता कीजिए मैंने अपनी सैलरी से उन्हें 50 हज़ार की सहायता की है।
आप भी मदद का हाथ बढ़ाइये अच्छे लोगों का हौसला बुलंद रहना चाहिए।
मैंने कोचिंग किया...मॉक टेस्ट दिया, पुलिस बनने के लिए बहुत मेहनत की...
लेकिन बेल लगने से 8 मिनट पहले ही मैम ने OMR छीन ली गयी। विरोध करने पर मुझे डांटा भी
परीक्षा देकर निकली छात्रा ने रोते हुए सुनाई आपबीती, मैनपुरी के आरसी डिग्री कॉलेज का मामला।।
कश्मीर में आतंकियों से लोहा लेते हुए दिव्यांग हो गए मेजर हेमेंद्र सिंह ने सोचा भी नहीं होगा कि परिवार के सामने पुलिस के हाथों ज़िल्लत झेलनी पड़ेगी।
घटना हरियाणा के गुरुग्राम की है, बेटी कार में बैठी हुई है। पत्नी कार के बाहर खड़ी रो रही है। ट्रैफिक पुलिस ने एल्कोहलिक टेस्ट किया लेकिन कुछ नहीं मिला। फिर भी उन्हें रात डेढ़ बजे तक सड़क पर रोका गया, परेशान किया। जब उन्होंने डायल–112 पुलिस बुलाई तो ट्रैफिक पुलिसकर्मी भाग गए।
@Sachingupta@DC_Gurugram@gurgaonpolice@cmohry@police_haryana
बेटी को पढ़ाने के लिए परिवार ने 3 लाख का क़र्ज़ लिया था। NEET पेपर लीक से टूटकर बेटी ने आत्महत्या कर ली। उसने सुसाइड नोट में लिखा, 'मम्मी-पापा, मुझमें दोबारा परीक्षा देने की हिम्मत नहीं है।'
दोबारा परीक्षा कराना न्याय नहीं। सरकार पर काबिज़ शिक्षा माफ़िया का ख़ात्मा करना होगा।
इतने बच्चे आत्महत्या कर चुके हैं। इनकी मौत का न्याय कब मिलेगा?
एंकर ओर BJP प्रवक्ता - बस थोड़ी सी ही महंगाई बढ़ी है!
जवाब - सुबह उठते ही 29₹ गैस का दाम बढ़ गया, थोड़ा सा बढ़ा!
1% के पास 40% धन है, हमसे थोड़ा सा हो ज्यादा है!
19% बच्चे कुपोषित है, बस थोड़ा सा कुपोषित है!
हर तीसरा बच्चा बौना पैदा होता है, थोड़ा सा बौना पैदा हो रहा!
भारत भुखमरी में 123 देशों में 102 वें नंबर पर है, बस थोड़ा सा भुखमरी है!
ये कैसा थोड़ा सा है? शर्म भी नहीं आती!
मोदी जी कहते है, देश संकट में है जनता पब्लिक ट्रांसपोर्ट से चले!
शाम होते ही, महामानव 30-32 गाड़ियों के काफिले के साथ रोडशो पर निकल जाते है!
फिर कहते है, विदेश भ्रमण मत करिए और दूसरे ही दिन 4 देशों की विदेशी यात्रा पर मेलोडी खिलाने निकल पड़ते है!
SBI की रिसर्च कहती है कि गरीबी रेखा में वो आते है गाँव में जिनका महीने की आमदनी 1,632 रुपये, और शहर में 1,944 रुपये है वो गरीब है। उससे 1₹ ज्यादा वाले अमीर है?
यह आंकड़ों में गरीब को मिटाने का तरीका है। रेखा इतनी नीचे खींच दो कि कोई उसके नीचे बचे ही नहीं। और ऐसे सबको अमीर बना दो?
यह तस्वीर राजस्थान की स्वास्थ्य व्यवस्था की भयावह हकीकत बयां करती है। अजमेर के JLN सरकारी अस्पताल में मरीज इलाज करा रहे थे और उनके बिस्तरों से कुछ ही दूरी पर गैस्ट्रो फीमेल वार्ड की छत का हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। गनीमत रही कि कोई इसकी चपेट में नहीं आया, वरना बड़ा हादसा हो सकता था। अस्पतालों की जर्जर हालत और सुरक्षा व्यवस्था की अनदेखी भाजपा सरकार के दावों पर बड़ा सवाल खड़ा करती है। आखिर जनता की जान की कीमत क्या है?
1633 ₹ प्रति महीना में देश की अमीरी तय की जा रही है। मैं भाजपा प्रवक्ता और भाजपा समर्थक अर्थशास्त्री को 1633 ₹ देना चाहती हूँ! ये लोग एक महीना जीकर दिखाए, इतने रुपए में नून, तेल, धनिया, आटा खरीदकर दिखाए!
हद है, 1632 ₹ से 1 रुपये भी ज्यादा कमाने वाले इनके हिसाब से अमीर है। ये बुद्धिविरोधी भाजपाई नेता और इनके समर्थक अर्थशास्त्री देश के भयावह सच से कैसे इंकार कर सकते है?
Why r Congress leaders & influencers so annoyed with GenZ Jantar Mantar protest ?
140 yr old Congress party is competing with 15 days old Cockroach Janta Party ?
If CJP protest is a safety valve then Congress protests are safety valve too.
17-18 yr old kids who wrote CBSE/ NEET are like ur kids, who probably protested first time in their lives.
Let’s to kind to them.
#CJP
"कोयला खा गए, गैस खा गए, तेल खा गए, SAIL खा गए, एयरपोर्ट खा गए, रोड खा गए, पोर्ट खा गए, पेपर लीक में हजारों करोड़ खा गए, और अब भगवान श्री राम को भी नहीं बख्शा। मंदिर के चढ़ावे में भी चोरी कर ली।
'चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो।'"
जंतर-मंतर पर “कॉकरोच जनता पार्टी” के आंदोलन को लेकर सवाल उठा रहे लोगों से मेरी अपील-
ये लड़ाई आपके उस बच्चे के लिए भी ज़रूरी है, जो कल अगर कोई परीक्षा दे, तो उसका करियर बर्बाद न हो, वो डिप्रेशन में न आ जाए, वो सुसाइड न कर ले…
इसलिए इसका मज़ाक मत बनाइए, इसे दबाइए मत… और हो सके तो अपने बच्चे के भविष्य की ख़ातिर खुलकर बोलिए- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा दो।
जिस दौर में बॉलीवुड के महानायक, किंग खान और बड़े बड़े स्टार चूं करने की हिम्मत नही कर पा रहे,
उस दौर में शेखर सुमन लोगों की आवाज उठा रहे हैं !
सलाम है शेखर भाई आपको !
बिना रीढ़ के महानायकों को जनता ने ही स्टार बनाया और आज जनता का दर्द उन्हें दिखाई नही देता !