बात सिर्फ इतनी सी है तो क्यूँ है
उसे नही मुझसे मुहब्बत
मुझे अब तक क्यूँ है
नही शामिल मै उसकी आरजू मे
मेरे हाँथो मे मेरे उसकी लकीर क्यूँ है
हजारो जख्म है जो उसकी निशानी है
मुझे उसकी फिर भी जरुरत क्यूँ है
वो जहाँ है वहा खुश है
मुझे फिर भी उसकी फिकर क्यूँ है
Good morning 🙏
मेरे दर्द को भी आह का हक़ हैं,
जैसे तेरे चेहरे को मेरी निगाह का हक़ है।
मुझे भी एक दिल दिया है भगवान ने,
मुझ नादान को भी एक गुनाह का हक़ हैं।
@HasmukhTank5 @Rashijaipur @divyakant_bhatt
तेरा सफ़र ही मेरा सफ़र क्यों नहीं बन जाता,
अजनबी तू मेरा हमसफ़र क्यों नहीं बन जाता।
मकां दर मकां बदल रहा हूँ एक मुद्दत से मैं,
तेरा दिल ही अब मेरा घर क्यों नहीं बन जाता!!