भारतीय कानूनों के तहत भारत के किसी भी राज्य में ऊँट की कुर्बानी या उसका वध करना पूरी तरह से अवैध और प्रतिबंधित है।
इस संबंध में कानूनी नियम और प्रावधान निम्नलिखित हैं:
FSSAI का प्रतिबंध (खाद्य सुरक्षा अधिनियम): भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) के नियमों के तहत ऊँट का मांस इंसानी खान-पान या खाद्य पदार्थ की श्रेणी में नहीं आता है ।
कर्नाटक सरकार और उच्च न्यायालय के पुराने आदेशों के मुताबिक राज्य में ऊँटों के अवैध परिवहन और उनके वध पर पूरी तरह रोक है।
पशु क्रूरता निवारण अधिनियम (1960): ऊँटों को उनके प्राकृतिक आवास (जैसे राजस्थान) से दूर अवैध रूप से परिवहन करना और उनकी कुर्बानी देना इस कानून के तहत एक दंडनीय अपराध है।
वीडियो में कन्नड़ भाषा में बातचीत हो रही है, जहाँ कुछ लोग कटे हुए मांस को देखकर यह पुष्टि कर रहे हैं कि यह गाय का नहीं बल्कि ऊँट का मांस है (वे कहते हैं: "हसु अल्ला, वन्ते" यानी 'गाय नहीं, ऊँट है')। वीडियो में कटे हुए पैर और सिर भी दिखाई दे रहे हैं जो ऊँट के हैं।
यदि यह घटना कर्नाटक की है, तो यह कानून का पूरी तरह से उल्लंघन है और अवैध है। ऐसे मामलों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और स्थानीय पशु संरक्षण कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई और जेल की सजा का प्रावधान है।
इस बेजुबान जानवर को कौन समझाए कि तू जिस घर में पला बढ़ा है , उस घर में प्यार -मोहब्बत के लिए कोई जगह नहीं होती । तू अपने मालिक से कितना भी प्यार- मोहब्बत कर ले लेकिन तुझे क़ुर्बानी से गुजरना ही होगा 😭
ख़ून से सने दरिंदों की ये भीड़
त्यौहार नहीं बल्कि तुम्हें आने वाले समय
का सिग्नल दे रही है कि हम ऐसे दरिंदे हैं 🖐️
देख रहे हो हिन्दुओं..... देखते रहना सोचना मत✍️
In a residential society of Bangladesh, Gauvansh were openly slaughtered in almost every Muslim house/apartment on Bakra Eid.
Hindu faith was openly being mocked with Hindus in the society.
High Court banned camels in Karnataka long ago (2009 order).
Camel is not legal for consumption. But in Congress Karnataka, law of the land doesn't apply to Muslims 😏
नॉर्वे की सो कॉल्ड पत्रकार को NDTV पत्रकार ने अच्छा एक्सपोज किया...
सवाल सिंपल था - आप इंडिया के बारे में क्या जानती हो?
इस पर नॉर्वे पत्रकार - जवाब नही सूझ रहा था, क्योंकि इंडिया के बारे में इन्हें कुछ नही पता
ना कभी ये इंडिया आई है, सिर्फ मुझे योगा पसंद है खाना पसंद है। 😂
शुभेन्दु अधिकारी को पता है कि, तृणमूल का खतरनाक तंत्र कैसे बना है। कैसे टूटेगा, यह उसी दिशा में जाता दिख रहा है। वैसे, इन संपत्तियों के मालिकाना हक वाले लोगों का नाम रोचक है।