परम भारतीय श्रद्धा-परंपरा में विघ्न-विनाश, कर्मफल-वितरण एवं निष्पक्ष न्याय के अधिष्ठाता, तेजोमय आदित्यदेव एवं तपस्विनी माता छाया के दिव्य पुत्र, कलियुग के न्यायाधीश्वर भगवान शनिदेव की पावन जयंती पर कोटिशः करबद्ध प्रणाम। 🪻🙏
हे प्रभु! आपकी कृपादृष्टि से हम सभी धर्म, सत्य एवं कर्तव्य के पथ पर अडिग रहें, हमारे कर्म पवित्र हों तथा जीवन सदैव संयम, धैर्य और सदाचार के प्रकाश से आलोकित रहे।
@DrKumarVishwas
#शनि_जयंती
#ShaniJayanti2026
Kumar Vishwas के नोएडा वाले नए घर की चर्चा हर तरफ है।5 मंज़िला इस आलीशान घर में सैलून, जिम और लिफ्ट जैसी सुविधाएं हैं।कई सांसदों और विधायकों के घर भी इसके सामने फीके लगते हैं।
ये महल राजनीति की ताकत से नहीं एक कवि की मेहनत, आवाज़ और खून-पसीने की कमाई से बना है।
@DrKumarVishwas
विश्वासम् परिवार के समर्पित सदस्यों के पुण्यो��ार्जित सहयोग से "विश्वासम् विद्यावृत्ति योजना" के अंतर्गत लखनऊ स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के मेधावी छात्र शिवांश त्रिपाठी को विद्यावृत्ति अर्पित की गई।अध्ययन-शुल्क, ग्रंथ-सामग्री, पृष्ठपुटिका, विद्यालय-उपकरण एवं वार्षिक लेखन-सामग्री प्रदान कर उसके शैक्षिक-संस्कृत पथ को आलोकित करने का विनम्र प्रयास किया गया।
इस पुण्यप्रवण एवं संस्कार-सुगंधित उपक्रम हेतु युगकवि @DrKumarVishwas जी की वैचारिक चेतना ही प्रेरणा बनी। कविराज के तिथिवार जन्मदिवस वसंत पंचमी पर परिवार ने इसका संकल्प लिया था। सभी सदस्य साधुवाद एवं अभिनंदन के पात्र हैं।🙏✨
सोशल मीडिया पर लोग कुमार विश्वास को ट्रोल कर रहे हैं। लेकिन सवाल ये है क्यों?
आखिर कोई भी इंसान पैसा किसलिए कमाता है? ताकि वह अपने और परिवार के लिए बेहतर जीवन, अच्छा घर, सुख-सुविधाएं और सम्मानजनक लाइफस्टाइल हासिल कर सक। अगर कोई अपने हुनर, मेहनत और लोकप्र���यता के दम पर पैसा कमा रहा है तो उसमें दिक्कत क्या है?
कुमार विश्वास कोई रातों-रात बने चेहरे तो हैं नहीं। सालों से इस क्षेत्र में हैं, मंचों पर पहचान है, लाखों लोगों से जुड़ाव है और अपनी वाकपटुता के दम पर उन्होंने ये मुकाम बनाया है। कवि सम्मेलनों में वे लाखों रुपए फीस लेते हैं, रामकथा के लिए चार्ज करते हैं, ��िताबों से रॉयल्टी आती होगी, दूसरे और व्यवसाय हैं। यानी कमाई के कई स्रोत हैं, वैध हैं और टैंलेंट पर आधारित हैं। जब आदमी के पैसा होगा तो वह चांदी क्या, सोने की थाली में भी खा सकता है।
हर पेशे में सफल लोग अपनी कीमत वसूलते हैं। कोई अभिनेता फिल्मों से कमाता है तो कोई क्रिकेटर ब्रांड एंडोर्समेंट से, उद्योगपति कारोबार से तो वक्ता और कवि अपने शब्दों से। फिर कुमार विश्वास को लेकर इतन�� बेचैनी क्यों? सिर्फ इसलिए कि वे कभी राजनीति से जुड़े रहे हैं?
अरविंद केजरीवाल से उनकी तुलना बेवजह और घसीटी जा रही है। दोनों की राहें अलग हैं, पेशे अलग हैं और कमाई के तरीके भी अलग। हर सफल आदमी को किसी राजनीतिक चश्मे से देखना जरूरी तो नहीं होता।
सच तो यह है कि यहां लगभग ह��� व्यक्ति अपने हिसाब से पैसा कमाने, बेहतर जीवन जीने और अपनी सुविधाएं बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। हम सब भी तो यही चाहते हैं- अच्छा घर बेहतर गाड़ी, सुरक्षित भविष्य, आरामदायक जिंदगी। फर्क सिर्फ इतना है कि किसी का हुनर उसे वहां जल्दी पहुंचा देता है, किसी का धीरे।
इसलिए कुमार विश्वास के बहाने अपनी कुंठा, ईर्ष्या या निजी निराशा की उल्टी करना बंद करिये। किसी की सफलता और व��ध कमाई से समस्या होना दरअसल सामने वाली की नहीं, अपनी सोच की परेशानी है।
@aasrivastv ईश्वर का दूसरा नाम 'माँ' है। ❤️
वह ढाल भी है और दुआ भी,
वह संघर्ष भी है और सुकून भी।
माँ की महिमा शब्दों में नहीं, उसके त्याग और निस्वार्थ प्रेम में बसती है।
#MothersDay