कबीर जी की चेतावनी अनसुनी करने का अंजाम | Sant Rampal Ji Satsang | SATLOK ASHRAM
क्या आपने कभी सोचा है कि भक्ति को बार-बार टालने का परिणाम क्या हो सकता है?
यह प्रेरणादायक कथा एक किसान की है, जिसे कबीर परमे��्वर साधु रूप में बार-बार सच्ची भक्ति करने के लिए समझाते हैं। लेकिन वह हर बार परिवार, बच्चों और जिम्मेदारियों का बहाना बनाकर भक्ति टाल देता है। मृत्यु के बाद उसे मनुष्य जन्म नहीं मिलता—पहले बैल और फिर साँप की योनि में जन्म लेना पड़ता है। अंत में उसे अपनी भूल का एहसास होता है, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी होती है।
यह कहानी हमें सिखाती है कि सच्ची भक्ति को कभी कल पर नहीं टालना चाहिए, क्योंकि अगला पल हमारे हाथ में नहीं है।
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#GodMorningTuesday
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यह कहानी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले (ग्राम झिलपा) की साहसी महिला सो��ती बेले की है, जिन्होंने 2022 में पति के र्मीतु के बाद बीलकुल बेसारा हो गई थी ऐसे
संकट के घरी में संत रामपाल जी महाराज ने रासन पढ़ाई दवाई जुते जुराब बीमारी खर्च दिया।
अन्नपूर्णा मुहिम ने दिया असहाय को सहारा…
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आइए, अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इस सेवा की जानकारी पहुँचाएँ। एक शेयर भी किसी परिवार की मदद का माध्यम बन ���कता है।
संपर्क करें : 9589105587 8770812921
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#Annapurna #जनसेवा #मध्यप्रदेश #राशनसहायता #santrampaljimaharaj
मथुरा के शेर नगर गाँव में बेसहारा हुए तीन मासूम बच्चों और उनकी बुजुर्ग दादी की मदद के लिए आगे आए संत रामपाल जी महाराज।
'अन्नपूर्णा अभियान' के तहत पहुँचाया गया राशन ।
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं
Annapurna Muhim By Sant RampalJi
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं
अन्नपूर्णा मुहिम ने मचाई पूरे भारत में धूम।
पूर्ण Sant Rampal Ji Maharaj जी की अन्नपूर्णा मुहिम से मिली हरियाणा के गांव के गरीब असहाय परिवारों को राहत। उनका जीवन ही बदल गया।
Annapurna Muhim By Sant RampalJi
अन्नपूर्णा मुहिम ने बदली गरीब परिवार की ज़िंदगी!
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आइए, अधिक से अधिक जरूरतमंद परिवारों तक इस सेवा की जानकारी पहुँचाएँ। एक शेयर भी किसी परिवार की मदद का माध्यम बन सकता है।
संपर्क करें : 9589105587 8770812921
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#Annapurna#जनसेवा#मध्यप्रदेश#राशनसहायता#santrampaljimaharaj
संघर्ष से उम्मीद तक
अन्नपूर्णा मुहिम बनी सहारा
यह कहानी मध्य प्रदेश के बैतूल जिले (ग्राम झिलपा) की साहसी महिला सोमती ब��लें की है, जिन्होंने 2022 में पति के निधन के बाद
₹3000 मजदूरी
और
₹600 विधवा पेंशन
के सहारे बिना किसी साधन के अकेले अपने 3 बच्चों का पालन-पोषण और पढ़ाई का संधर्ष जारी रखा।
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं
Annapurna Muhim By Sant RampalJi
अन्नपूर्णा मुहिम बनी जरूरतमंद परिवार के लिए सहारा
मध्य प्रदेश के बैतूल जिले की आमला तहसील से एक भावुक कर देने वाली कहानी सामने आई है। लगभग तीन महीने पहले पति के अचानक निधन के बाद, चार बच्चों की माँ सोनू चौकीकर पर परिवार की पूरी जिम्मेदारी आ गई। उनके पास ज़मीन, पशु या आय का कोई पक्का साधन नहीं है। यह परिवार मुख्यतः 'लाड़ली बहना योजना' के 1500 रुपये और राशन सहायता पर निर्भर है।
4 फरवरी 2026 को, संत रामपाल जी महाराज की अन्वपूर्णा मुहिम के तहत इस ज़रूरतमंद परिवार को दूसरी बार खाद्य सामग्री दी गई,
जिससे उन्हें इस कठिन समय में बहुत बड़ा सहारा और उम्मीद मिली।
#गैरां_के_दुख_दूर_करूं या ताकत सै मेरे मैं
Annapurna Muhim By Sant RampalJi