युवाओं और विद्यार्थियों की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए केन्द्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान ने अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया है। श्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफ़ा इस बात का प्रमाण है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी और हमारी सरकार के लिए हमारे विद्यार्थियों और युवाओं की भावनाओं का सम्मान और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिये प्रतिबद्धता सर्वोपरि हैं।
NEET परीक्षा, पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधारों को लेकर विद्यार्थियों के मन में जो भी चिंताएँ हैं, उनका पूरी गंभीरता और संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जा रहा है।
विद्यार्थियों की चिंताओं को गंभीरता से सुनना, उनका समाधान सुनिश्चित करना और उनमें यह विश्वास बनाना कि उनकी आवाज़ सुनी जाएगी और उनकी सभी समस्याओं का समाधान होगा, यही हमारी प्राथमिकता है।
मुझे विश्वास है कि अब हमारे युवा और विद्यार्थी पूरे आत्मविश्वास के साथ अपनी पढ़ाई, अपने सपनों और अपनी आकांक्षाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे और एक सशक्त, समृद्ध एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।
केंद्रीय मंत्री के रूप में श्री धर्मेंद्र प्रधान जी का कार्यकाल भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प के प्रति उनके समर्पण का परिचायक रहा है। सार्वजनिक जीवन में उनका योगदान समावेशी, दूरदर्शी और नए भारत की आकांक्षाओं के अनुरूप रहा है।
Nobody wants #SonamWangchuk to die. The person who can save his life today is Abhijit Dipte. Convince him to end his hunger strike. Take him to a hospital.
If Abhijit wants to make a point, he can start a hunger strike himself but spare Sonam.
Don’t turn an old man’s life into a political campaign.