सरकारों से हिसाब लेना सीखो वरना नुकसान आपका है नेताओं का कुछ नहीं बिगड़ता क्योंकि
पेपर लीक आपके बच्चे का होगा, अमित शाह जी का बेटा तो BCCI में सेट ही है।
पेपर लीक आपके बच्चे का होगा, अशोक गहलोत जी का बेटा तो राजस्थान क्रिकेट का मालिक बना ही था।
पेपर लीक आपके बच्चे का होगा, अखिलेश यादव जी की बेटी तो विधायक बन ही जायेगी।
पेपर लीक आपके बच्चे का होगा, उद्धव ठाकरे जी का बेटा तो विधायक बन ही जायेगा।
पेपर लीक आपके बच्चे का होगा, राजनाथ सिंह जी का बेटा तो विधायक बन ही गया।
इसलिए राजनीति से परे कोशिश करो कि कोई भी सरकार हो उससे इन पेपर लीक जैसे मुद्दों पर बिल्कुल भी समझौता न करें।
पहले माहौल बनाया गया तबलीगी जमात को निशाना बनाया गया, भाजपा नेताओं ने कहा देश में कोरोना तबलीगी जमात वालो की वजह से फैला, अरविंद केजरीवाल भी उसमे शामिल थे लेकिन आज जब 14 देशों के लोग बाइज्ज़त बरी हो गए हैं तो गोदी मिडिया का दोगलापन देखिए कहीं कोई चर्चा नहीं हो रही है😡😡😡
मैं हमेशा कहती हूँ और एक बार फिर कहूँगी कि पत्रकार दलाली मजबूरी में नहीं कर रहे हैं. अपनी मर्ज़ी से अपना ईमान बेच रहे हैं.
एक चैनल दो रिपोर्टर. एक जब प्रवक्ता बना है तो दूसरा रिपोर्टर तथ्य रख रहा है और पत्रकारिता के मायने समझा रहा है.
आज भारत का 25 करोड़ मुसलमान ईद मना रहा है। करोड़ों मुसलमान आज ईद की नमाज़ अदा किए हैं।
- कोई एक मुसलमान मंदिर, चर्च, गुरुद्वारा के सामने नाचता दिखा?
- कोई एक मुसलमान डीजे पर मंदिर के सामने ग़लीज़ गाना बजाते दिखा?
- कोई एक मुसलमान किसी दूसरे धर्म की तौहीन करते दिखा?
#EidMubarak
मुझे अच्छी तरह याद है जब इन मुसलमानों को पाकिस्तान ज़िंदाबाद कहने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था तब @DrKumarVishwas ने सवाल किया था कि, "ये जाहिल मरने के बाद दफ़्न होने पाक जाएँगे या यहीं मादर ए वतन की मिट्टी में कीड़े फैलाएँगे?" लगभग 76 महीने बाद अदालत ने सभी आरोपितों को बेगुनाह बताते हुए बरी कर दिया। अब सवाल कुमार विश्वास जैसे कुंठितों से है कि अपनी जाहिलाना टिप्पणियों पर माफी मांगेंगे? या अपनी बेग़ैरती पर ढिठाई के साथ जमा रहेंगे? कुमार विश्वास जैसे कुंठित अब इन बेगुनाहों के फंसाने वालों से सवाल करेंगे या मुंह में नफ़रती दही जमाकर बैठे रहेंगे? सवाल उन अफ़सरों से भी है जिन्होंने इनकी ज़िंदगी के बेशकीमती 76 महीने बर्बाद किए हैं! क्या इन्हें मुआवज़ा नहीं दोगे?
आज सेकुलरिज्म के सूरमा गौरव वल्लभ जी का भी हृदय परिवर्तन हो गया और वह भी धर्म की आड़ में भाजपा में शामिल हो गए।
मुसलमानों में आपसे बार-बार कहता रहा कि यह जो चीख-चीखकर भाजपा को गाली देने वाले हैं ये सब नाटक है, जब आप इनको इज्जत दे देते हो तो यह भाजपा की गोद में बैठ जाते हैं।
अगर पूरे हिंदुस्तान में कोई मजबूती से भाजपा के खिलाफ दिल से लड़ रहा है भारत के संविधान को बचाने के लिए तो वह भारत का मुसलमान है और हमें फ़ख़्र है कि हम आखरी सांस तक उनकी गलत नीतियों का विरोध करते रहेंगे चाहे हालात कुछ भी हो।
इंडिया गठबंधन के अहंकार की वजह से तीसरा मोर्चा बन गया है, @asadowaisi ने अकेले चुनाव लड़ने के बजाय दूसरे लोगों को साथ मिलकर अच्छा फैसला किया है इस गठबंधन में कुछ और दूसरी और छोटी पार्टियों को जगह मिलनी चाहिए।
केजरीवाल के लिए दिल्ली में पूरा विपक्ष इकट्ठा हो गया, आज़म ख़ान के लिए ये विपक्षी ख़ामोश क्यों? मुसलमानों को समझने की ज़रूरत है की उन्हें अपनी राजनीतिक लड़ाई ख़ुद लड़नी पड़ेगी फ़र्ज़ी सिक्यूलरिज्म के सूरमाओं से सावधान रहे ये मुसलमानों की हिस्सेदारी को ही ख़त्म कर रहे हैं !