कानपुर हिंसा में पुलिस ने 36 लोगों को गिरफ्तार किया और वो सभी मुसलमान हैं... ऐसा क्यों ? जब विडियो में साफ है कि पत्थर दोनों तरफ से चल रहे थे.. तो गिरफ्तारी केवल एक समुदाय की ही क्यों...?
क्या यह सारे घटनाक्रम सोची समझी साजिश नही समझी जाना चाहिए। क्या यह सत्ता का दुरुपयोग नही है?
किसान नेता ग़ुलाम मोहम्मद जौला नही रहे। रात उनका निधन हो गया। भारतीय किसान यूनियन की स्थापना में वो चौधरी महेन्द्र सिंह टिकैत के सहयोगी थे। करीबी दोस्ती थी। कल चौधरी टिकैत की पुण्यतिथि थी और अगले दिन ग़ुलाम मोहम्मद जौला भी चले गए।
#दुःखद