@suryapsingh_IAS क्या परिवारवाद परिवारवाद भुकते हो भाई तेजस्वी यादव को उपमुख्यमंत्री जनता ने बनाया है वो चुनाव लड़ा जीता तब न बना है की ऐसे ही अमित शाह के बेटा के तरह bcci ka secretary बन गया है।।।
दिल्ली जो गैस चैंबर बन चुकी है
मीडिया के लोग मर जाएंगे लेकिन सत्ता के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं करेंगे
ऐसे में कुछ शिक्षक हैं जो सरकार को आइना दिखा रहे हैं
@Ankitydv92 ओशो की तुलना प्रेमानंद जैसे किसी भी अंधविश्वासी से करना केवल बौद्धिक आलस्य है, यह तार्किक समर्थता, वैज्ञानिक संयम और विवेकशील चिंतन का खुला अपमान है। ओशो ने प्रश्न करना सिखाया, जबकि अंधविश्वास आँख बंद कर मानने पर ज़ोर देता है: इनकी तुलना स्वयं में ही मूर्खतापूर्ण है |
RSS औ�� BJP में तनाव का कारण बन सकती है 'वंदेमातरम्' पर संसद में बहस कराने का ये फ़ैसला. क्योंकि देश के सामने फिर से RSS का काला चिट्ठा खोला जा रहा है, जो शर्मिंदा करता होगा. सपा, TMC, DMK कांग्रेस के द्वारा धुलाई के बाद @SanjayAzadSln जी के ललकारते हुए सवाल.
@RSSorg को चाहिए कि तत्काल संजय सिंह जी के सभी सवालों के जवाब में RSS के क्रांतिवीर��ं के नाम देश के सामने रख दें. आज ही संघ की शाखाओं से नमस्ते सदा वत्सले को हटाकर 'वंदेमातरम्' गाएँगे. और तिरंगा ही हर जगह फहराएँगे. आज ही देश को अपना इतिहास बता दें. वरना....
बड़ी बेइज़्ज़ती करवा रही है RSS की BJP....
अब आप समझ लीजिए कि इससे बढ़िया बात क्या ही होगी कि
जब एक कैंडिडेट चुनावी वादे के रूप में बस इतना कहता है कि
अगर हम जीते तो अलीनगर का नाम बदलकर सीतानगर कर देंगे और आश्चर्यजनक तरीके से वह कैंडिडेट चुनाव जीत भी जाता है, तो
अब जनता के प्रति इनकी क्या हो जवाबदेही रहेगी? क्योंकि
इन्होंने चुनाव जिस मुद्दे पर लड़ा वो यह आसानी से पूरा कर भी सकती हैं और उससे जनता का कोई दूर दूर तक का फायदा नहीं होगा 😃
@JaikyYadav16 मैथिली ठाकुर आगे चल रही है, जिन्होंने अलीपुर का नाम सीता नगर करने को कहा था!!
खेसारी लाल यादव पीछे चल रहे हैं, इन्होंने नौकरी, रोजगार,शिक्षा, स्वास्थ्य,सड़क की बात की थी!!
🥹🥹🥹🥹🥹🥹
यह सब बिहार में ही संभव है !
चुनाव आयोग कहता है ये 'मृत' हैं, लेकिन मैं अभी इनके साथ चाय पीकर आया हूँ ☕️👻
ज़िंदगी में बहुत कुछ देखा, पर पहली बार 'भूतों' से मुलाक़ात हुई 😂
राहुल गांधी का जबरदस्त तंज! 🗿🔥
प्रेमानंद जैसा तथाकथित “धर्मगुरु” समाज को क्या शिक्षा देगा, जब वह खुद मनुवादी व्यवस्था की जंजीरों में बंधा हुआ है? जो व्यक्ति जातिवाद, ऊँच-नीच और भेदभाव को धर्म का हिस्सा मानता है, वह इंसानियत की असली सीख दे ही नहीं सकता।
ऐसे पाखंडी गुरुओं का धर्म केवल सत्ता और पैसे के करीब रहने का साधन है। वे न्याय, बराबरी और भाईचारे की जगह अंधविश्वास, झूठी कहानियों और भेदभाव को बढ़ावा देते हैं।
अगर किसी गुरु का आशीर्वाद सिर्फ़ अमीरों और रसूख़दारों के लिए है, और दलित-��हुजन समाज के लिए अपमान और दूरी है, तो वह गुरु नहीं — मनुवाद का चमचा है।
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हालाँकि मैं मोदी जी को ज्यादा नहीं जानता लेकिन एक बात मैं जानता हूँ — जो कुछ भी डोनाल्ड ट्रंप कर रहे हैं और जिस तरह से वो भारत का अपमान कर रहे हैं, नरेंद्र मोदी ज्यादा देर तक चुप नहीं बैठेंगे। बहुत जल्द वो अपनी चुप्पी तोड़ेंगे और इसका दोष नेहरू जी पर डाल देंगे।
एक अकेला राहुल गाँधी और सामने सैकड़ों की संख्या में पत्रकार, राहुल गाँधी के न कोई अगल बगल और न ही कोई आगे पीछे जो उन्हें कुछ बताए,
फुली डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर के साथ अपनी बात पूरे सबूतों के साथ रखी,
जिस भी पत्रकार ने जैसा भी सवाल किया उसका शानदार जवाब दिया, किसी ने इंग्लिश में सवाल किया तो उसका जवाब इंग्लिश में दिया और
जब किसी ने सवाल हिन्दी में किया तो उसका जवाब हिन्दी में दिया।
मात्र एक प्रेस कांफ्रेंस से पूरे देश के सामने सच रख दिया, चुनाव आयोग की पोल खोल दी।
इस ब्रिलियंट और टैलेंटेड नेता को इस देश की दो कौड़ी की मीडिया ने कभी पप्पू बना दिया था।
उपराष्ट्रपति धनकड़ साहब के इस्तीफे के पीछे जो वजह सबसे ज्यादा चर्चा में है, वह है जस्टिस वर्मा पर महाभियोग को लेकर।
हालांकि इस बात की कोई पुष्टि नहीं कर सकता, लेकिन अगर इसमें सच्चाई है, तो सोचिए कितना अजीब है कि चार महीने पहले सुप्रीम कोर्ट के एक जज के घर से जले नोटों के बंडल बरामद होते हैं और वह घटनाक्रम कई मोड़ लेते हुए उपराष्ट्रपति के इस्तीफे तक पहुंच जाती है।
इस वीडियो में मैंने इस पूरे घटनाक्रम को सिलसिलेवार तरीके से आपके सामने रखने की कोशिश की है, ताकि आप समझ सकें क��� आखिर हुआ ��्या था।
“सरकार हमारे ट���रेंड से डर गई है…
इसलिए हमारा हैशटैग ब्लॉक करवा दिया गया।
लेकिन आवाज़ दबाई नहीं जा सकती!
अब नया हैशटैग लेकर मैदान में हैं —
#RAILWAY_JAWAB_DO
रेलवे जवाब दो, युवा इंतज़ार में हैं!”
एक बार फिर से सभी को एकजुट होने की जरूरत है |
ये बहरी सरकार सुनने को तैयार नहीं है
हम सभी युवाओं को एकजुटता से Twitter(X) पर अपनी माँगो को रखना है
यह सिर्फ शुरुआत है, बदलाव अब निश्चित है!
#Railway_Reform
“युवाओं की उम्र निकल रही है इंतज़ार में… और सरकार कहती है सब ठीक है!
क्या यही हक़ है पढ़े-लिखे बेरोज़गारों का?
हम रेलवे से माँग करते हैं -
1- भर्ती परीक्षा का सालाना कैलेंडर
2- लंबित रिजल्ट जल्द जारी हो
3- नियुक्ति प्रक्रिया में तेजी
4- पदों की वास्तविक स्थिति सार्वजनिक हो
5- नई भर्तियों का नोटिफिकेशन जारी हो
#RailwayReforms
📢 रेलवे उम्मीदवारों की आवाज़ बनिए!
🗓️ 10 जुलाई | 🕚 सुबह 11 बजे
🚆 जुड़िए ट्विटर पर #Railway_Reform अभियान से
चुप नहीं रहेंगे —
हक़ की लड़ाई है, जीतकर ही दम लेंगे! ✊🔥