@AshwiniUpadhyay@narendramodi@AmitShah सरकार हिंदू मुस्लिम कर के थक चुकी है अब जातिवाद का सहार�� ले रही है, कहीं इस सरकार का भी विश्वनाथ प्रताप सिंह वाला हो जाए
झारखंड पीजीटी भर्ती परीक्षा में 300 में से 299.175 नंबर लाने वाले एक उम्मीदवार का फिर भी सिलेक्शन नहीं हुआ।
झारखंड सरकार ये बताए कि अगर 299.175 नंबर काफी नहीं हैं, तो सि���ेक्शन के लिए क्या करना होगा?
देखिए इन जवानियां गांव के सामंती करोड़पति ब्राह्मणों को
बाकी जातियों को तो बसने के लिए जमीन मिली थी बिलौटी में बसने के लिए ज��नके लिए शहीद भरत तिवारी जी अपनी जान दे दिए
लेकिन उसी गांव के ब्राह्मण भूमिहार और यादव को जमीन तक नहीं दिया गया लिस्ट में नाम तक नहीं रखे गए
जब गांव सही था तो इन्हीं ब्राह्मणों ने अपने जमीन पर बाक���यों को बसाया था और आज यही ब्राह्मण खाने और रहने के मोहताज है
सरकार से लेके संविधान तक ये सामंती और शोषक हैं
ब्राह्मणों के बच्चे कभी खाते हैं - कभी भूखे सो जाते हैं स्थान: रायगढ़, मंगरौरा, पट्���ी, प्रतापगढ़
मां का देहांत होगया - पिता मानसिक बीमार हैं
सरकार पैसा जाति के नाम पर उड़ा रही है - ब्राह्मण चाहे भले भूखे म"र जाए
ब्राह्मण नेता चुनाव में - जय श्री परशुराम जी का नारा और प्रणाम पंडित जी कर देंगे
मोदी हिंदुत्व का चूर्ण चटा के वोट ले जाएंगे
योगी कह देंगे हम टाइट कर रहे हैं
लेकिन वो कभी इसपर बात नहीं करेंगे - एससी एसटी एक्ट में कितना पैसा उड़ाया जा रहा है जाति के नाम पर कितना पैसा दि���ा जा रहा
जीतन राम माँझी जैसे जितन�� भी लोग भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर का समर्थन कर रहे हैं वो सिर्फ़ मेरे 5 सवालों का जवाब दे दें मैं मुँह में टेप लगा लूंगा:-
- पहला क्या भरत भूषण तिवारी हिस्ट्रीशीटर थे? उन पर हत्या/लूट के केस दर्ज थे?
- दूसरा क्या भरत ��िवारी ने किसी पुलिस वाले को गोली मारी, जिससे पुलिसकर्मी घायल हुआ हो?
- तीसरा सवाल क्या भरत भूषण तिवारी ने पिस्टल फेक कर सरेंडर नहीं किया था?
- चौथा सवाल क्या CM और पुलिस प्रशासन ने ये नहीं बताया था कि वो मानसिक विक्षिप्त है
- पांचवा सवाल 80 साल के बुजुर्ग क्या केंद्रीय मंत्री हो तुम जब तुम्हें ये नहीं पता कि कानून-नियम-संविधान क्या है? एनकाउंटर सरेंडर के बाद नहीं किया जाता
अगर पति परमेश्वर होते तो, दहेज के लिए स्त्रियाँ ज़िंदा नहीं जलाई जातीं और पत्नी अगर लक्���्मी होतीं, तो तलाक़ के बाद अदालत में हरजाने के लिए हाथ नहीं फैलातीं ।।
🙏🏻सुप्रभात🙏🏻
जब संसद में सारे...सवर्ण नेता चुप थे।
तब UGC नियमों के विरोध में एक मात्र शेरनी की तरह दहाड़ने वाली सांसद .@priyankac19 जी थीं।
हम कल भी प्रियंका चतुर्वेदी जी के समर्थन में थे,
और आज भी उनके साथ मजबूती से खड़े हैं
महामहिम राष्ट्रपति जी को ध्यान से सुने। बड़े स्पष्ट शब्दों में बता रही है की संविधान निर्माण में B N राव साहब का प्रमुख योगदान रहा है। यही बोलने पर बहन अनामिका उपाध्याय के ऊपर SCST का मुकदमा दर्ज हो गया था।