@ashokgehlot51 अरे गहलोत जी वादे तो तुमने भी बहुत किये थे तुम्हारे राज में लेकिन पुरे कितने किये ये जनता अच्छे से जानती है दुसरो पर इल्जाम लगाने से पहले खुद के कार्यकाल पर भी ध्यान दे लिया kro
SMS हॉस्पिटल अग्निकांड: त्रासदी के बीच सरकारी मशीनरी का समन्वय, कैसे बचाई गईं दर्जनों जानें?
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में देर रात (लगभग 11 बजे) न्यूरो ICU में लगी भीषण आग एक बड़ी आपदा थी, जिसमें दुर्भाग्यवश आठ (6 ) गंभीर मरीजों की जान गई। लेकिन, इस त्रासदी में राजस्थान की सरकारी मशीनरी की त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने सैकड़ों अन्य जिंदगियों को सुरक्षित निकाला।
🚨 फील्ड पर लीडरशिप और साहस:
👉आग की सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस कमिश्नर स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और डटकर स्थिति संभाली। उनकी तत्काल उपस्थिति ने किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को पनपने नहीं दिया और उन्होंने बड़ी ही समझदारी से निकासी की कमान संभाली और दोनों तरफ़ से मरीज़ों को बाहर निकाला। @jaipur_police
👉 पुलिस कांस्टेबल हरिमोहन (और उनके साथी) ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धुआँग्रस्त आईसीयू में प्रवेश किया और कई गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह कर्तव्यनिष्ठा और साहस ही है, जिसने 5 अन्य मरीजों को मौत के मुँह से खींच लिया। @PoliceRajasthan
👉दमकल विभाग ने समय पर पहुँचकर हाइड्रोलिक सीढ़ी से आग पर काबू पाया, जिससे आग को अन्य वार्डों में फैलने से रोककर मरीजों को सुरक्षित निकासी का समय मिला।
Chief Minister Bhajanlal Sharma @BhajanlalBjp
👉 आधी रात को प्रशासनिक सक्रियता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की खबर मिलते ही अपनी दिल्ली यात्रा रद्द की और रात भर स्थिति की सतत निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक बचाव कार्य पूरा न हो जाए, वह मौके पर नहीं आएँगे—यह दिखाता है कि वह प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दे रहे थे। @RajCMO@Bhajanlalofc
👉 संवेदनशील नेतृत्व: स्थिति नियंत्रण में आते ही, मुख्यमंत्री तड़के 2:30 बजे अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और उन्हें पूर्ण सांत्वना दी।
⚡ जवाबदेही और त्वरित एक्शन:
👉 सुबह होते ही, CM ने तुरंत घटना की उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया ताकि कारणों का पता चले।
👉 शाम तक, सरकार ने अग्निशमन ठेका रखने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल रद्द किया।
👉 पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई, जो सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
इस पूरे घटनाक्रम में सरकार, पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर काम किया और एक बड़ी आपदा को नियंत्रित किया। पुलिस कमिश्नर और साहसी पुलिस जवानों को विशेष धन्यवाद। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पूरी रात जागकर हालात पर नजर रखना और तुरंत प्रशासनिक एक्शन लेना एक प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है, जो जनता के प्रति समर्पण दिखाता है।
#SMSHospitalFire #JaipurFireTragedy #BhajanLalSarkar #राजस्थान #सरकार #Police #Accountability #rajasthanpolice
SMS हॉस्पिटल अग्निकांड: त्रासदी के बीच सरकारी मशीनरी का समन्वय, कैसे बचाई गईं दर्जनों जानें?
जयपुर के एसएमएस अस्पताल में देर रात (लगभग 11 बजे) न्यूरो ICU में लगी भीषण आग एक बड़ी आपदा थी, जिसमें दुर्भाग्यवश आठ (6 ) गंभीर मरीजों की जान गई। लेकिन, इस त्रासदी में राजस्थान की सरकारी मशीनरी की त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने सैकड़ों अन्य जिंदगियों को सुरक्षित निकाला।
🚨 फील्ड पर लीडरशिप और साहस:
👉आग की सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस कमिश्नर स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और डटकर स्थिति संभाली। उनकी तत्काल उपस्थिति ने किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को पनपने नहीं दिया और उन्होंने बड़ी ही समझदारी से निकासी की कमान संभाली और दोनों तरफ़ से मरीज़ों को बाहर निकाला। @jaipur_police
👉 पुलिस कांस्टेबल हरिमोहन (और उनके साथी) ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धुआँग्रस्त आईसीयू में प्रवेश किया और कई गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह कर्तव्यनिष्ठा और साहस ही है, जिसने 5 अन्य मरीजों को मौत के मुँह से खींच लिया। @PoliceRajasthan
👉दमकल विभाग ने समय पर पहुँचकर हाइड्रोलिक सीढ़ी से आग पर काबू पाया, जिससे आग को अन्य वार्डों में फैलने से रोककर मरीजों को सुरक्षित निकासी का समय मिला।
Chief Minister Bhajanlal Sharma @BhajanlalBjp
👉 आधी रात को प्रशासनिक सक्रियता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की खबर मिलते ही अपनी दिल्ली यात्रा रद्द की और रात भर स्थिति की सतत निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक बचाव कार्य पूरा न हो जाए, वह मौके पर नहीं आएँगे—यह दिखाता है कि वह प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दे रहे थे। @RajCMO@Bhajanlalofc
👉 संवेदनशील नेतृत्व: स्थिति नियंत्रण में आते ही, मुख्यमंत्री तड़के 2:30 बजे अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और उन्हें पूर्ण सांत्वना दी।
⚡ जवाबदेही और त्वरित एक्शन:
👉 सुबह होते ही, CM ने तुरंत घटना की उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया ताकि कारणों का पता चले।
👉 शाम तक, सरकार ने अग्निशमन ठेका रखने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल रद्द किया।
👉 पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई, जो सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
इस पूरे घटनाक्रम में सरकार, पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर काम किया और एक बड़ी आपदा को नियंत्रित किया। पुलिस कमिश्नर और साहसी पुलिस जवानों को विशेष धन्यवाद। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पूरी रात जागकर हालात पर नजर रखना और तुरंत प्रशासनिक एक्शन लेना एक प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है, जो जनता के प्रति समर्पण दिखाता है।
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जयपुर के एसएमएस अस्पताल में देर रात (लगभग 11 बजे) न्यूरो ICU में लगी भीषण आग एक बड़ी आपदा थी, जिसमें दुर्भाग्यवश आठ (6 ) गंभीर मरीजों की जान गई। लेकिन, इस त्रासदी में राजस्थान की सरकारी मशीनरी की त्वरित और समन्वित कार्रवाई ने सैकड़ों अन्य जिंदगियों को सुरक्षित निकाला।
🚨 फील्ड पर लीडरशिप और साहस:
👉आग की सूचना मिलते ही जयपुर पुलिस कमिश्नर स्वयं घटनास्थल पर पहुँचे और डटकर स्थिति संभाली। उनकी तत्काल उपस्थिति ने किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को पनपने नहीं दिया और उन्होंने बड़ी ही समझदारी से निकासी की कमान संभाली और दोनों तरफ़ से मरीज़ों को बाहर निकाला। @jaipur_police
👉 पुलिस कांस्टेबल हरिमोहन (और उनके साथी) ने अपनी जान की परवाह न करते हुए धुआँग्रस्त आईसीयू में प्रवेश किया और कई गंभीर मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाला। यह कर्तव्यनिष्ठा और साहस ही है, जिसने 5 अन्य मरीजों को मौत के मुँह से खींच लिया। @PoliceRajasthan
👉दमकल विभाग ने समय पर पहुँचकर हाइड्रोलिक सीढ़ी से आग पर काबू पाया, जिससे आग को अन्य वार्डों में फैलने से रोककर मरीजों को सुरक्षित निकासी का समय मिला।
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👉 संवेदनशील नेतृत्व: स्थिति नियंत्रण में आते ही, मुख्यमंत्री तड़के 2:30 बजे अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और उन्हें पूर्ण सांत्वना दी।
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👉 सुबह होते ही, CM ने तुरंत घटना की उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया ताकि कारणों का पता चले।
👉 शाम तक, सरकार ने अग्निशमन ठेका रखने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल रद्द किया।
👉 पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई, जो सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
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🚨 फील्ड पर लीडरशिप और साहस:
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👉 पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई, जो सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
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🚨 फील्ड पर लीडरशिप और साहस:
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👉दमकल विभाग ने समय पर पहुँचकर हाइड्रोलिक सीढ़ी से आग पर काबू पाया, जिससे आग को अन्य वार्डों में फैलने से रोककर मरीजों को सुरक्षित निकासी का समय मिला।
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👉 आधी रात को प्रशासनिक सक्रियता: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घटना की खबर मिलते ही अपनी दिल्ली यात्रा रद्द की और रात भर स्थिति की सतत निगरानी की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जब तक बचाव कार्य पूरा न हो जाए, वह मौके पर नहीं आएँगे—यह दिखाता है कि वह प्रशासनिक दक्षता को प्राथमिकता दे रहे थे। @RajCMO@Bhajanlalofc
👉 संवेदनशील नेतृत्व: स्थिति नियंत्रण में आते ही, मुख्यमंत्री तड़के 2:30 बजे अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और उन्हें पूर्ण सांत्वना दी।
⚡ जवाबदेही और त्वरित एक्शन:
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👉 पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई, जो सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
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👉 संवेदनशील नेतृत्व: स्थिति नियंत्रण में आते ही, मुख्यमंत्री तड़के 2:30 बजे अस्पताल पहुँचे, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों से मिलकर दुख जताया और उन्हें पूर्ण सांत्वना दी।
⚡ जवाबदेही और त्वरित एक्शन:
👉 सुबह होते ही, CM ने तुरंत घटना की उच्च-स्तरीय जाँच समिति गठित करने का आदेश दिया ताकि कारणों का पता चले।
👉 शाम तक, सरकार ने अग्निशमन ठेका रखने वाली कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट तत्काल रद्द किया।
👉 पीड़ित परिवारों के लिए ₹10 लाख के मुआवजे की घोषणा की गई, जो सरकार की संवेदनशीलता और जवाबदेही को दर्शाता है।
इस पूरे घटनाक्रम में सरकार, पुलिस, दमकल और स्वास्थ्य विभाग ने मिलकर काम किया और एक बड़ी आपदा को नियंत्रित किया। पुलिस कमिश्नर और साहसी पुलिस जवानों को विशेष धन्यवाद। वहीं, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पूरी रात जागकर हालात पर नजर रखना और तुरंत प्रशासनिक एक्शन लेना एक प्रभावी नेतृत्व का उदाहरण है, जो जनता के प्रति समर्पण दिखाता है।
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