@alok_ajay UGC 2026 लाकर किसने यह बीज बोया? लगातार सवर्णों की बहन-बेटियों को शादी के लिए लेकर आपत्तिजनक बातें कही जा रही हैं। ऐसे बयान देने वालों पर क्या कोई कार्रवाई हुई है?कानून और सम्मान सबके लिए बराबर होना चाहिए।
सवर्ण समाज की बहन-बेटियों से शादी करो—क्या ऐसी बातें उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचातीं? अगर पहुँचाती हैं, तो कृपया ऐसे मामलों में आजीवन कारावास जैसी कठोर सज़ा का प्रावधान हो और UGC 2026 को रोलबैक किया जाए।
हमें आरक्षण नहीं चाहिए, इतना कर दिया जाए तो हम खुश हैं।
@RamdasAthawale सवर्ण समाज की बहन-बेटियों से शादी करो—क्या ऐसी बातें उनकी भावनाओं को ठेस नहीं पहुँचातीं? अगर पहुँचाती हैं, तो कृपया ऐसे मामलों में आजीवन कारावास जैसी कठोर सज़ा का प्रावधान हो और UGC 2026 को रोलबैक किया जाए।
हमें आरक्षण नहीं चाहिए, इतना कर दिया जाए
@sumit1kalra UGC 2026 के बाद सवाल अब हमारे जैसे लोग भी पूछ रहे हैं, जिन्होंने BJP के अलावा कभी किसी और को वोट तक नहीं दिया। सवाल पूछना किसी पार्टी के खिलाफ होना नहीं है, बल्क��� लोकतंत्र में अपने अधिकार और भविष्य को लेकर जवाब मांगना है।
@ajeetbharti गाली देने वालों को मैं ब्लॉक कर देता हूँ,उनका उद्देश्य सिर्फ गाली देना होता है। लेकिन यहाँ बात अलग है। किसी को गाली देने के लिए गाली नहीं , मुद्दा किसी पार्टी या नेता से ऊपर समाज और देश का है। पसंदीदा पार्टी या नेता हो,जब बात समाज और देश की हो, अपनी बात खुलकर कहता है 🙏
@alok_ajay सरकार UGC के फैसले को वापस ले या फिर General वर्ग को भी उसी तरह शामिल क��े, जैसे OBC को किया गया है। मुझे EWS के अंतर्गत आने के बावजूद आरक्षण नहीं चाहिए और न ही प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ चाहिए। सिर्फ समान अवसर, समान अधिकार की है।
@Shubhamshuklamp 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने SC/ST Act के दुरुपयोग से बचाने के लिए कुछ सुरक्षा उपाय लगाए इसका व्यापक विरोध हुआ संसद ने कानून में संशोधन करके उन सुरक्षा उपायों को हटा दिया बाद में सुप्रीम कोर्ट ने भी अपने 2018 के निर्देश वापस ले लिए और संशोधित कानून को बरकरार रखा।
@ajeetbharti क्या संविधान में सब बराबर हैं?
अगर संविधान की नजर में सभी नागरिक बराबर हैं,तो फिर किसी भी सवर्ण जाति को गाली देने पर कार्रवाई क्यों नहीं होनी चाहिए? समानता का मतलब यही होना चाहिए कि जाति कोई भी हो अपमान और भेदभाव के खिलाफ कानून सबके लिए समान रूप से लागू हो।
@iChiragPaswan मंत्री हो, मज़दूर हो या आम झुग्गी में रहने वाल��� व्यक्ति हर बच्चे की शिक्षा समान होनी चाहिए। देश में एक समान स्कूल व्यवस्था और एक समान पाठ्यक्रम हो, किसी बच्चे की शुरुआत आर्थिक स्थिति से तय न हो।इस के बाद जीवन में पीछे रह जाए, उसके जीवन-यापन की व्यवस्था भी कानून में सुनिश्चित हो।
@INCIndia पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती, इसे जीवनभर जारी रखिए। लेकिन यह भी सोचिए—अगर पुरानी फसल पकने के बाद भी खेत में पड़ी रहेगी, तो नई फसल के लिए जगह कब बनेगी?
@Ritesh_Mishraaa 4 ज��न 2005 को कराची में जिन्ना की मजार पर लालकृष्ण आडवाणी ने विज़िटर बुक में जिन्ना के बारे में- My respectful homage to this great man
@Ritesh_Mishraaa कांग्रेस का कोर वोटर कभी सवर्ण ही हुआ करता था। अटल जी के समय यह वोटर भाजपा की ओर शिफ्ट हुआ, लेकिन आडवाणी जी के मोहम्मद अली जिन्ना पर दिए बयान से यह वर्ग इतना नाराज़ हुआ कि दोबारा कांग्रेस की ओर लौट गया। UGC प्रकरण के बाद भी कुछ वैसा ही माहौल बनता दिख रहा है।
@Kapil_Jyani_ आरक्षण खत्म नहीं होना चाहिए, उसके तरीके पर विचार होना चाहिए। ST राष्ट्रपति हैं, OBC प्रधानमंत्री और गृह मंत्री हैं। सवाल कि हर बच्चे को समान स्कूल सबके लिए एक जैसे हों और हर व्यक्ति को बराबर अवसर मिले ताकि प्रतिभा के आधार पर आगे बढ़ने का रास्ता मजबूत हो।
@sumit1kalra सरकार बदलती रहनी चाहिए, नहीं तो धीर��-धीरे ऐसे हालात बनने लगते हैं कि सत्ता पर सवाल उठाने की गुंजाइश कम होती जाती है और सैन्य शासन जैसी परिस्थितियों का खतरा पैदा ह�� सकता है। लोकतंत्र में सत्ता का बदलाव ही व्यवस्था में संतुलन बनाए रखता है।