Thank you, uncle, for this wisdom.
अमीर बनो। अमीर नहीं बन सकते हो तो Attractive बनो।
अगर Attractive नहीं बन सकते, तो Intelligent बनो।
Intelligent नहीं बन सकते, तो Confident बनो।
Confident नहीं बन सकते, तो Disciplined बनो।
क्योंकि अमीर पैदा होना हमारे हाथ में नहीं है।
खूबसूरत दिखना भी हमारे हाथ में नहीं है।
हर किसी का IQ भी एक जैसा नहीं होता।
लेकिन...
सुबह समय पर उठना,
अपना वादा निभाना,
हर दिन मेहनत करना,
और बिना बहाने के लगातार आगे बढ़ना — ये सब हमारे हाथ में है।
Discipline वो आखिरी हथियार है जो हर इंसान को मिला है.
और अगर इंसान आखिरी हथियार भी इस्तेमाल न करे, तो फिर जिंदगी को बदलने का कोई option नहीं रहता.
अब ये आपके ऊपर है कि आप Discipline चुनते हैं या Excuses.
NEET अभ्यर्थी हर्ष दुबे ने मीडिया डिबेट और साक्षात्कारों में आरक्षण व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाते हुए सवर्णों का दर्द बयां किया है। हर्ष द्वारा उठाए गए प्रमुख प्रश्न इस प्रकार है:
आरक्षण के मुद्दे पर कभी कोई बात क्यों नहीं करता? न कोई न्यूज़ चैनल, न विपक्ष और न ही सत्ता पक्ष इस पर कुछ बोलता है। मेरे साथ पढ़ने वाले छात्र, जिन्होंने मुझसे लगभग आधे अंक प्राप्त किए थे, वे आज अस्पताल चला रहे हैं। आखिर आरक्षण पर बात कब की जाएगी?
यह एक 'ऑल इंडिया' परीक्षा है, फिर इसमें जाति, कॉलेज और राज्य स्तर पर अलग-अलग आरक्षण क्यों दिया जा रहा है? स्टेट लेवल पर भी यूपी में 560, एमपी में 540 और छत्तीसगढ़ में 530 अंकों पर ही बच्चों को कॉलेज मिल जाता है, ऐसा क्यों?
जब हर स्तर पर इतना आरक्षण दिया जा रहा है, तो आखिर सवर्णों के बच्चे कहाँ जाएँगे?
१. सामान्य वर्ग के निर्धन विद्यार्थियों को फॉर्म की फीस में छूट हो, हॉस्टल/एडमिशन सहित हर उस जगह छूट हो जहाँ अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को छूट मिलती है। आप हर समाज को जाति के आधार पर आरक्षण भी देते हैं और फिर उसे उसी जाति के आधार पर निर्धन मान कर फीस में भी छूट। सामान्य वर्ग को कम से कम आर्थिक आधार पर सरकार हर स्तर पर वैसी ही आर्थिक छूट दें जो SC/ST को उपलब्ध है।
२. सीटें बढ़ी हैं, यह सत्य है, पर जनसंख्या और साक्षरता भी बढ़ी है। और सीट इसलिए नहीं बढ़ी थी कि भविष्य में भरेंगी, बल्कि इसलिए कि पहले बहुत ही कम थीं। इसलिए, प्रतिभाहीन लोगों को जबरन सरकारी कॉलेजों में चार नंबर पर भरने की जगह, उन सीटों की एक न्यूनतम पात्रता निर्धारित हो, यदि आरक्षित उसे पूरा करते हैं तो उत्तम, अन्यथा अनारक्षित से उसे भरा जाना चाहिए।
३. धर्मेन्द्र प्रधान जैसे नकारों को नकारे मंत्रालय दें, न कि ऐसा जिससे भारत का भविष्य तय होता है। ऐसे हर मंत्री जो निकम्मे हैं, उनसे त्यागपत्र तो ले ही लिया जाना चाहिए।
४. यह स्वीकारिए कि आपने एक कुकृत्य किया है, और लगातार सामान्य वर्ग उसका शिकार होता रहा है। अपने भाषणों से ‘पीड़ित, वंचित, शोषित’ का सामूहिक गायन बंद कीजिए। अपने भाषणों को सही अर्थों में सर्व समावेशी बनाइए।
५. आपके लाभार्थी वर्ग में, अब सामान्य वर्ग के निर्धन छात्र-छात्राएँ होने ही चाहिए। उन्हें 40% पर समेट कर आप विकसित भारत का झुनझुना नहीं बजा सकते।
६. हर राज्य में कुकुरमुत्ते की तरह पास होते सामान्य वर्ग के हिन्दुओं को अपराधी बनाने वाले कानून पर आपकी पार्टी के वकील उसका प्रतिकार कोर्ट में करें। यदि आप ऐसा नहीं कर पाते तो यह सत्य हो जाता है कि आप सामान्य वर्ग की प्रतिभा का सामूहिक संहार करना चाहते हैं।
७. सामान्य वर्ग एक बहुत बड़े हिस्से का मोहभंग हो चुका है। उनका विश्वास यूजीसी पर मोदी/भाजपा की चुप्पी के कारण डिग चुका है। बाकी का ‘सत्कार्य’ आपके आइटी सेल के गिरहकट लोगों ने वैयक्तिक आक्षेप से ले कर, तार्किक काउंटर की जगह, निजी जीवन को निशाना बना कर कर ही दिया है। तार्किक काउंटर लोग भूल जाते हैं, पर्सनल अटैक याद रहता है।
८. सामान्य वर्ग अब किसी भी प्रकार का चूरण नहीं फाँकेगा, उसे तंत्रगत सुधार चाहिए। ‘बदला लेंगे’ की बात कितनी उचित है, वह चर्चा का विषय है, पर उन्होंने ऐसा सोच लिया है, इससे आप इनकार नहीं कर सकते। उसे अब मोदी/भाजपा की हार, अपमान आदि पहले की तरह ‘पर्सनल’ नहीं लगते। वो कह रहा है कि जब हमारा भविष्य ही नहीं रहेगा तो हम तुम्हारे नेतृत्व का करेंगे क्या?
९. जो बेचारे ‘इन्हें पार्टी का काम मत दो’ की धमकी दे रहे हैं, वो ऐसा करवा कर देख लें, लोगों के घर के चूल्हे बंद नहीं होंगे। वैसे भी पार्टी का विश्वास लल्लनटॉप जैसों पर अधिक है, वो लोग काम कर ही देंगे।
आरक्षण पर अजीत भारती का धमाकेदार भाषण
वीडियो हो रहा है तेजी से वायरल
अजीत भारती ने कहा:-
झाड़ू मटकी का या 5000 साल से पानी नहीं पीने दिया का कोई ऐतिहासिक प्रमाण नहीं!
प्रमाण है तो वो ये कि गुरुकुलों में 70% शूद्र पढ़ते थे!
प्रमाण है तो वो ये कि 75 साल में एक भी आरक्षित जाति अगड़ी नहीं बनी!
Ajeet Bharti के तर्कपूर्ण भाषण के पूरा इंडिया में हो रहा है जमकर तारीफ।
फर्जी रिजल्ट दिखाने वाले बहरूपिए फैजल खान उर्फ खान सर का एक और फर्जी ऑफिसर का पोल खुल गया
झारखंड के देवघर के रहने वाला सोमनाथ तिवारी जो एक MR है उसे बहरूपिए फैजल खान उर्फ फर्जी खान ने Income Tax Officer बना कर पेश कर दिया
मजे की बात यह है कि फर्जी खान सारे वीडियो लॉक कर रहा है
जब बिहार सरकार के पास पर्याप्त मात्रा में ट्रांसपोर्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है
तो बच्चों के सेंटर इतनी दूर भेजने की क्या जरूरत थी सेंटर पास में भी भेजे जा सकते थे,
उसमें बच्चों को भी सुविधा हो जाती इतनी दिक्कत नहीं चलानी पड़ती..!!!
>नाम सेजल पवार
>काम MBBS की पढ़ाई करना
>असली काम मरे हुए इंसानों के जननागों के बारे में घटिया जोक मारना
>जब हमने इनके कॉलेज की वेबसाइट पर जाकर इनका रिजल्ट खंगाला तो पाया कि मैडम ने ST कोटे से सीट कब्जा की है
>पवार नाम की कोई भी ST सेंट्रल लिस्ट में नहीं होते
>हाँ pawra या pawara नाम के ट्राइब भील सब केटेगरी में होते हैं,
>ऐसे में @CMOMaharashtra से अनुरोध है कि सेजल के ST सर्टिफिकेट की एक निष्पक्ष जाँच करवाकर सच सबके सामने लाया जाये,
>अगर उन्होंने फर्जी ST केटेगरी का फायदा उठाया है तो कठोरतम कार्यवाही हो
सेना ने तमाम गुंडे दंगाइयों की जमकर की कुटाई, बूथ कैप्चरिंग की कर रहे थे कोशिश और यह ऐसी कोई एक घटना नहीं आज ऐसी सेकड़ो घटनाएं सामने आईं🔥
भारतीय सेना आगे सभी राष्ट्रभक्त तुम्हारे साथ हैं 🇮🇳
एक महिला डॉक्टर स्टाफ ने बेहद चौंकाने वाली बात बताई कि आजकल कई युवा डॉक्टरों को यह समझाया जा रहा है कि मरीज को ICU में ज्यादा से ज्यादा कैसे रोका जाए, किस तरह हालत को जरूरत से ज्यादा गंभीर दिखाया जाए और कैसे इलाज को सेवा नहीं बल्कि कमाई का धंधा बनाया जाए।
सबसे शर्मनाक बात यह है कि सरकार और संबंधित विभाग सब देखकर भी चुप हैं मानो पूरे सिस्टम ने तिरपाल ओढ़कर सोने की कसम खा ली हो।
सिर्फ 40 सेकंड के वीडियो में पूरे बॉलीवुड
को एक्सपोज कर दिया
किस तरह बॉलीवुड भांड ने हमेशा हिंदुओं को पिछले 70 साल से बदनाम किया है सुनो...
आनंद रंगनाथन 🔥👏
लीजिए @narendramodi जी! आपकी घटिया
नीतियों ने ठाकुर समाज की बेटी को, ठाकुर के कुएँ में, बलात्कार कर, शुद्धिकरण करते हुए, फेंक कर मार दिया। माँझी हैं बलात्कारी। दंड क्या है? क्या सवर्ण अपनी माँओं को इनके घर भेज दे? भागवत के 2000 वर्ष का बदला कैसे चुकेगा?
अमित शाह : बोलो भारत माता की जय
जनता : UGC वापस लो
अमित शाह उत्तराखंड में एक रैली में थे, उन्होंने लोगों से
नारे लगाने के लिए कहा, लेकिन उन्होंने नहीं किया
अमित शाह ने फिर वापस निवेदन किया लेकिन जानता
ने साफ़ मना करके कहा UGC वापस लो
सवर्ण ऐसे ही एकता बनाये रखो 🔥✊